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प्रिया प्रकरण : किच्छा के दो प्रॉपर्टी डीलरों के नाम सामने आए
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:40 AM IST
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रुद्रपुर। जमीनों की धोखाधड़ी में जेल गई प्रिया शर्मा ने पुलिस रिमांड में पूछताछ में किच्छा के दो प्रॉपर्टी डीलरों के नाम का खुलासा किया है। एसआईटी के अनुसार प्रिया की ओर से पिपलिया में किए गए फर्जी इकरारनामे में प्रॉपर्टी डीलर भी शामिल हैं।
बता दें कि किच्छा के चुटकी देवरिया में जमीन का फर्जी एग्रीमेंट करने के आरोप में प्रिया शर्मा के खिलाफ किच्छा थाने में मुकदमा दर्ज है। प्रिया से कुछ देर के लिए रुद्रपुर कोतवाली में भी पूछताछ की गई। वहीं एसआईटी ने बरा-बरी गांव के चार काश्तकारों और रुद्रपुर के पटवारी के बयान दर्ज किए।
24 घंटे की रिमांड पर लेने के बाद मंगलवार को पुलिस ने प्रिया से एसआईटी कार्यालय में करीब चार घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के लिए अपने अधिवक्ता के साथ पहुंची प्रिया ने टोल प्लाजा के मामले में पुलिस को कुछ विशेष जानकारी नहीं दी, लेकिन पिपलिया के एक काश्तकार की जमीन का फर्जी इकरारनामा करने के मामले में किच्छा के दो प्रॉपर्टी डीलरों के नाम का खुलासा किया।
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पिपलिया में प्रिया ने आसिफ खान से उसकी आठ एकड़ भूमि का इकरारनामा 27 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किया और एडवांस में 25 लाख का चेक दिया था। कुछ समय बाद इकरारनामे का समय समाप्त हो गया और प्रिया का चेक भी बाउंस हो गया। इसके बाद प्रिया ने आसिफ की इसी जमीन के लिए किच्छा के दो प्रॉपर्टी डीलरों के साथ 60 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से एग्रीमेंट कराया और उक्त भूमि में से एनएच में आ रही एक एकड़ जमीन का मुआवजा लेने के लिए एसएलओ ऑफिस में आवेदन किया।
एसएलओ ऑफिस से भूमि पर करीब डेढ़ करोड़ मुआवजा निर्धारण हुआ, लेकिन इससे पहले भू स्वामी को पता चलने पर उसने एसएलओ ऑफिस में आपत्ति दर्ज कर दी। मंगलवार को पुलिस ने आसिफ के बेटे मोहम्मद मोहसीन से भी पूछताछ कर बयान दर्ज किए। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि दोनों प्रॉपर्टी डीलर आपराधिक प्रवृति के बताए जा रहे हैं।
मामले की छानबीन के लिए उनसे भी पूछताछ की जाएगी। इधर, किच्छा और रुद्रपुर तहसील की जांच के लिए एसआईटी ने बरा-बरी गांव के चार काश्तकारों के साथ ही रुद्रपुर के पटवारी से भी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए।
क्या है टोल प्लाजा का मामला
रुद्रपुर। प्रिया शर्मा ने किच्छा के किशनपुर चक्की मोड़ पर करीब पांच एकड़ भूमि का पांच काश्तकारों के साथ 25 करोड़ में सौदा किया। इसके एवज में काश्तकारों को एक करोड़ 90 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान भी किया।
जब टोल प्लाजा शिफ्ट हुआ तो भूमि के रेट बढ़ गए और प्रिया ने भूमि पर मुआवजा लेने के लिए फर्जी इकरारनामे के आधार पर एसएलओ कार्यालय से पत्राचार किया। तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह ने उक्त जमीन पर छह हजार रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा निर्धारण कर एनएचएआई को भेज दिया, लेकिन मामला खुला और एनएचएआई के साथ ही डीपी सिंह और प्रिया बैक फुट पर आ गए। इधर, मंगलवार को पुलिस ने दस्तावेज बरामद करने के लिए प्रिया के काशीपुर रोड स्थित कार्यालय को भी खंगाला, लेकिन निराशा ही मिली।
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बता दें कि किच्छा के चुटकी देवरिया में जमीन का फर्जी एग्रीमेंट करने के आरोप में प्रिया शर्मा के खिलाफ किच्छा थाने में मुकदमा दर्ज है। प्रिया से कुछ देर के लिए रुद्रपुर कोतवाली में भी पूछताछ की गई। वहीं एसआईटी ने बरा-बरी गांव के चार काश्तकारों और रुद्रपुर के पटवारी के बयान दर्ज किए।
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24 घंटे की रिमांड पर लेने के बाद मंगलवार को पुलिस ने प्रिया से एसआईटी कार्यालय में करीब चार घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के लिए अपने अधिवक्ता के साथ पहुंची प्रिया ने टोल प्लाजा के मामले में पुलिस को कुछ विशेष जानकारी नहीं दी, लेकिन पिपलिया के एक काश्तकार की जमीन का फर्जी इकरारनामा करने के मामले में किच्छा के दो प्रॉपर्टी डीलरों के नाम का खुलासा किया।
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पिपलिया में प्रिया ने आसिफ खान से उसकी आठ एकड़ भूमि का इकरारनामा 27 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किया और एडवांस में 25 लाख का चेक दिया था। कुछ समय बाद इकरारनामे का समय समाप्त हो गया और प्रिया का चेक भी बाउंस हो गया। इसके बाद प्रिया ने आसिफ की इसी जमीन के लिए किच्छा के दो प्रॉपर्टी डीलरों के साथ 60 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से एग्रीमेंट कराया और उक्त भूमि में से एनएच में आ रही एक एकड़ जमीन का मुआवजा लेने के लिए एसएलओ ऑफिस में आवेदन किया।
एसएलओ ऑफिस से भूमि पर करीब डेढ़ करोड़ मुआवजा निर्धारण हुआ, लेकिन इससे पहले भू स्वामी को पता चलने पर उसने एसएलओ ऑफिस में आपत्ति दर्ज कर दी। मंगलवार को पुलिस ने आसिफ के बेटे मोहम्मद मोहसीन से भी पूछताछ कर बयान दर्ज किए। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि दोनों प्रॉपर्टी डीलर आपराधिक प्रवृति के बताए जा रहे हैं।
मामले की छानबीन के लिए उनसे भी पूछताछ की जाएगी। इधर, किच्छा और रुद्रपुर तहसील की जांच के लिए एसआईटी ने बरा-बरी गांव के चार काश्तकारों के साथ ही रुद्रपुर के पटवारी से भी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए।
क्या है टोल प्लाजा का मामला
रुद्रपुर। प्रिया शर्मा ने किच्छा के किशनपुर चक्की मोड़ पर करीब पांच एकड़ भूमि का पांच काश्तकारों के साथ 25 करोड़ में सौदा किया। इसके एवज में काश्तकारों को एक करोड़ 90 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान भी किया।
जब टोल प्लाजा शिफ्ट हुआ तो भूमि के रेट बढ़ गए और प्रिया ने भूमि पर मुआवजा लेने के लिए फर्जी इकरारनामे के आधार पर एसएलओ कार्यालय से पत्राचार किया। तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह ने उक्त जमीन पर छह हजार रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा निर्धारण कर एनएचएआई को भेज दिया, लेकिन मामला खुला और एनएचएआई के साथ ही डीपी सिंह और प्रिया बैक फुट पर आ गए। इधर, मंगलवार को पुलिस ने दस्तावेज बरामद करने के लिए प्रिया के काशीपुर रोड स्थित कार्यालय को भी खंगाला, लेकिन निराशा ही मिली।