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बाजपुर के 22 काश्तकारों ने लिया था आठ करोड़ का मुआवजा
Updated Thu, 21 Dec 2017 12:38 AM IST
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने बाजपुर तहसील के 22 काश्तकारों से पूछताछ के बाद अब 38 और किसानों को अपने रडार पर लिया है। एसआईटी द्वारा अब तक चिन्हित किए गए 22 काश्तकारों ने बैक डेट में अपनी जमीनों की 143 कराकर आठ करोड़ का मुआवजा हड़पा था।
तहसीलवार भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने बाजपुर तहसील के दस्तावेज का अध्ययन करने के बाद बैक डेट में भूमि का 143 कराकर मुआवजा लेने वाले 22 काश्तकारों को चिन्हित किया था। उनसे पूछताछ और उनके बैंक खातों की जांच के बाद खुलासा हुआ कि काश्तकारों ने तत्कालीन अफसरों की मिलीभगत से भूमि का 143 कराने के बाद आठ करोड़ का मुआवजा लिया था। काश्तकारों से पूछताछ के दौरान एसआईटी को तत्कालीन अफसरों के घोटाले में लिप्त होने के भी कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। उक्त तहसील में एक ही दिन में 111 जमीनों की 143 बैक डेट में कराई गई थी जिनकी जांच करने पर 60 मामले एनएच निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित मिले जिनकी जांच के लिए एसआईटी द्वारा 22 काश्तकारों को चिंहित कर उनसे पूछताछ की गई।
अब एसआईटी ने गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले 38 और काश्तकारों को चिन्हित कर लिया है। जल्द ही इनके भी बयान दर्ज कर घोटाले के आवश्यक साक्ष्य जुटाए जाएंगे। काश्तकारों के बयान के आधार पर दस्तावेज में अफसरों द्वारा किए गए हस्ताक्षरों को भी एसआईटी जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून भेजेगी।
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माना जा रहा है कि एफएसएल से जांच रिपोर्ट आने के बाद दस्तावेज में फर्जी हस्ताक्षर करने वाले कुछ तत्कालीन अफसरों के खिलाफ एसआईटी कड़ी कार्रवाई कर सकती है। बाजपुर तहसील के ही पांच काश्तकारों से भी एसआईटी ने बुधवार को पूछताछ की।
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तहसीलवार भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने बाजपुर तहसील के दस्तावेज का अध्ययन करने के बाद बैक डेट में भूमि का 143 कराकर मुआवजा लेने वाले 22 काश्तकारों को चिन्हित किया था। उनसे पूछताछ और उनके बैंक खातों की जांच के बाद खुलासा हुआ कि काश्तकारों ने तत्कालीन अफसरों की मिलीभगत से भूमि का 143 कराने के बाद आठ करोड़ का मुआवजा लिया था। काश्तकारों से पूछताछ के दौरान एसआईटी को तत्कालीन अफसरों के घोटाले में लिप्त होने के भी कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। उक्त तहसील में एक ही दिन में 111 जमीनों की 143 बैक डेट में कराई गई थी जिनकी जांच करने पर 60 मामले एनएच निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित मिले जिनकी जांच के लिए एसआईटी द्वारा 22 काश्तकारों को चिंहित कर उनसे पूछताछ की गई।
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अब एसआईटी ने गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले 38 और काश्तकारों को चिन्हित कर लिया है। जल्द ही इनके भी बयान दर्ज कर घोटाले के आवश्यक साक्ष्य जुटाए जाएंगे। काश्तकारों के बयान के आधार पर दस्तावेज में अफसरों द्वारा किए गए हस्ताक्षरों को भी एसआईटी जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून भेजेगी।
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माना जा रहा है कि एफएसएल से जांच रिपोर्ट आने के बाद दस्तावेज में फर्जी हस्ताक्षर करने वाले कुछ तत्कालीन अफसरों के खिलाफ एसआईटी कड़ी कार्रवाई कर सकती है। बाजपुर तहसील के ही पांच काश्तकारों से भी एसआईटी ने बुधवार को पूछताछ की।