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गलत मुआवजा लेने वाले किसान का खाता एसआईटी ने किया फ्रीज
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:30 AM IST
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रुद्रपुर। एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले काश्तकारों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में जुटी एसआईटी ने काशीपुर तहसील में कृषि भूमि पर अकृषि दर से मुआवजा लेने वाले एक काश्तकार का खाता फ्रिज किया है।
इससे पूर्व भी एसआईटी ने गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले विभिन्न तहसीलों के 40 किसानों का खाता फ्रिज किया था। जिनकी जांच अब प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है।
एसआईटी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि एनएच-74 निर्माण के लिए किसानों ने भू-अधिग्रहण के नाम पर गलत तरीके से करोड़ों का मुआवजा लिया।
इसमें कुछ मामले बैक डेट में भूमि की 143 करने के थे तो कुछ मामले कूटरचित दस्तावेजों से कृषि दर पर अकृषि दर से मुआवजा हड़पने के थे। तत्कालीन अफसरों की मिलीभगत से किसानों ने मुआवजा लिया और अधिकारियों को भी कमीशन के रुप में मुआवजे की रकम दी।
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अफसरों को जेल भेजने के बाद अब एसआईटी किसानों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए किसानों को चिह्नित करने में जुटी है। इसी प्रक्रिया में एसआईटी की पकड़ में काशीपुर तहसील स्थित ग्राम गोराया मिलक निवासी काश्तकार गगनदीप कौर द्वारा अपनी भूमि पर चार करोड़ का मुआवजा लेने का मामला आया है।
गगनदीप द्वारा उक्त मुआवजा अकृषि भूमि पर लिया गया है जबकि उसकी भूमि कृषि कार्य के लिए उपयोग में लाई जा रही थी। जांच में गलत तरीके से मुआवजा लेने की पुष्टि होने पर एसआईटी की कार्रवाई से बचने के लिए गगनदीप ने तीन दिन पूर्व सरकार को पांच लाख का मुआवजा वापस भी किया लेकिन मुआवजे की रकम अधिक होने के कारण अब एसआईटी ने अतिरिक्त मुआवजे को वापस ना करने पर गगनदीप के बैंक खाते को फ्रिज किया है।
इससे पूर्व भी एसआईटी ने विभिन्न तहसीलों के 40 किसानों के खातों को फ्रीज किया था जिनकी जांच अब प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही है। जल्द ही गगनदीप के मामले की जांच भी ईडी के पाले में जा सकती है।
सोमवार को सात किसान लौटा सकते हैं मुआवजा
भूमि मुुआवजा घोटाले में गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले दस काश्तकार अब तक एक करोड़ 73 लाख रुपये सरकार को वापस कर चुके हैं।
एसआईटी की कार्रवाई से बचने के लिए तीन दिन पूर्व गदरपुर तहसील के सात काश्तकारों ने उनके द्वारा ली गई मुआवजे की अतिरिक्त रकम को लौटाने के लिए एसआईटी के आगे मंशा जाहिर की थी। शनिवार और रविवार को बैंक बंद होने के कारण अब एसआईटी किसानों द्वारा सोमवार को रकम खाते में जमा करने का अंदेशा जता रही है।
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इससे पूर्व भी एसआईटी ने गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले विभिन्न तहसीलों के 40 किसानों का खाता फ्रिज किया था। जिनकी जांच अब प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है।
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एसआईटी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि एनएच-74 निर्माण के लिए किसानों ने भू-अधिग्रहण के नाम पर गलत तरीके से करोड़ों का मुआवजा लिया।
इसमें कुछ मामले बैक डेट में भूमि की 143 करने के थे तो कुछ मामले कूटरचित दस्तावेजों से कृषि दर पर अकृषि दर से मुआवजा हड़पने के थे। तत्कालीन अफसरों की मिलीभगत से किसानों ने मुआवजा लिया और अधिकारियों को भी कमीशन के रुप में मुआवजे की रकम दी।
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अफसरों को जेल भेजने के बाद अब एसआईटी किसानों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए किसानों को चिह्नित करने में जुटी है। इसी प्रक्रिया में एसआईटी की पकड़ में काशीपुर तहसील स्थित ग्राम गोराया मिलक निवासी काश्तकार गगनदीप कौर द्वारा अपनी भूमि पर चार करोड़ का मुआवजा लेने का मामला आया है।
गगनदीप द्वारा उक्त मुआवजा अकृषि भूमि पर लिया गया है जबकि उसकी भूमि कृषि कार्य के लिए उपयोग में लाई जा रही थी। जांच में गलत तरीके से मुआवजा लेने की पुष्टि होने पर एसआईटी की कार्रवाई से बचने के लिए गगनदीप ने तीन दिन पूर्व सरकार को पांच लाख का मुआवजा वापस भी किया लेकिन मुआवजे की रकम अधिक होने के कारण अब एसआईटी ने अतिरिक्त मुआवजे को वापस ना करने पर गगनदीप के बैंक खाते को फ्रिज किया है।
इससे पूर्व भी एसआईटी ने विभिन्न तहसीलों के 40 किसानों के खातों को फ्रीज किया था जिनकी जांच अब प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही है। जल्द ही गगनदीप के मामले की जांच भी ईडी के पाले में जा सकती है।
सोमवार को सात किसान लौटा सकते हैं मुआवजा
भूमि मुुआवजा घोटाले में गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले दस काश्तकार अब तक एक करोड़ 73 लाख रुपये सरकार को वापस कर चुके हैं।
एसआईटी की कार्रवाई से बचने के लिए तीन दिन पूर्व गदरपुर तहसील के सात काश्तकारों ने उनके द्वारा ली गई मुआवजे की अतिरिक्त रकम को लौटाने के लिए एसआईटी के आगे मंशा जाहिर की थी। शनिवार और रविवार को बैंक बंद होने के कारण अब एसआईटी किसानों द्वारा सोमवार को रकम खाते में जमा करने का अंदेशा जता रही है।