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छात्रों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर लगाया गलत फेल करने का आरोप.
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:37 AM IST
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रुद्रपुर। होम्योपेथिक मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने प्रबंधन पर जबरन फेल करने का आरोप लगाया। कहा कि हास्टल में रहने वाले छात्रों के कम प्राप्तांक आने पर भी उन्हें फर्जी तरीके से पास कर दिया गया है। मामले में एसडीएम ने डीईओ को जांच के आदेश दिए हैं।
एसडीएम कार्यालय पहुंची चंदोला मेडिकल कॉलेज में बीएचएमएस तृतीय वर्ष की छात्रा अंकिता का कहना है कि नवंबर 2013 तक वह कॉलेज के हास्टल में रही इसके बाद जब उसे कुछ परेशानी हुई तो उसने हास्टल छोड़ दिया। अंकिता का आरोप है कि उसने इंटरनेट पर अपना बीएचएमएस तृतीय वर्ष का रिजल्ट देखा, जिसमें वह फेल है, जबकि उसके प्राप्तांक सही है।
जब उसने अपने कुछ और साथियों को इसकी जानकारी दी तो पता चला कि उन्हें भी गलत तरीके से फेल किया गया है। इसमें बीएचएमएस तृतीय वर्ष के 10 और चतुर्थ वर्ष के 22 छात्र शामिल हैं। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें सिर्फ इसलिए गलत तरीके से फेल कर दिया कि वह हास्टल में रहकर पढ़ाई नहीं कर रहे हैं। फिलहाल शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम रोहित मीणा ने डीईओ को मामले की जांच कर सप्ताह भर में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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मामले को लेकर कॉलेज के प्राचार्य डा. आरके मिश्रा का कहना है कि अभी कुमाऊं यूनिवर्सिटी से विधिवत रूप से कॉलेज का परीक्षाफल प्राप्त नहीं हुआ है। छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षाफल निकाला है। विवि से परीक्षाफल मिलने के बाद उसकी समीक्षा की जाएगी। अगर परीक्षाफल गलत होता है या उसे तैयार करने में किसी तरह की चूक होगी तो विश्वविद्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता भी इसके बाद ही पता चलेगी।
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एसडीएम कार्यालय पहुंची चंदोला मेडिकल कॉलेज में बीएचएमएस तृतीय वर्ष की छात्रा अंकिता का कहना है कि नवंबर 2013 तक वह कॉलेज के हास्टल में रही इसके बाद जब उसे कुछ परेशानी हुई तो उसने हास्टल छोड़ दिया। अंकिता का आरोप है कि उसने इंटरनेट पर अपना बीएचएमएस तृतीय वर्ष का रिजल्ट देखा, जिसमें वह फेल है, जबकि उसके प्राप्तांक सही है।
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जब उसने अपने कुछ और साथियों को इसकी जानकारी दी तो पता चला कि उन्हें भी गलत तरीके से फेल किया गया है। इसमें बीएचएमएस तृतीय वर्ष के 10 और चतुर्थ वर्ष के 22 छात्र शामिल हैं। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें सिर्फ इसलिए गलत तरीके से फेल कर दिया कि वह हास्टल में रहकर पढ़ाई नहीं कर रहे हैं। फिलहाल शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम रोहित मीणा ने डीईओ को मामले की जांच कर सप्ताह भर में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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मामले को लेकर कॉलेज के प्राचार्य डा. आरके मिश्रा का कहना है कि अभी कुमाऊं यूनिवर्सिटी से विधिवत रूप से कॉलेज का परीक्षाफल प्राप्त नहीं हुआ है। छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षाफल निकाला है। विवि से परीक्षाफल मिलने के बाद उसकी समीक्षा की जाएगी। अगर परीक्षाफल गलत होता है या उसे तैयार करने में किसी तरह की चूक होगी तो विश्वविद्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता भी इसके बाद ही पता चलेगी।