{"_id":"5b5cba0f4f1c1bde6d8b5097","slug":"191532803599-udham-singh-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोप पत्र के लिए किसानों को चिंहित करने में जुटी एसआईटी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आरोप पत्र के लिए किसानों को चिंहित करने में जुटी एसआईटी
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में अफसरों की मिलीभगत से करोड़ों का मुआवजा हड़पने वाले काश्तकारों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में जुटी एसआईटी ने किसानों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। अब तक एसआईटी के पास करीब 32 किसानों की सूची है। इसमें से कुछ ने मुआवजा लौटाने की पेशकश की है। कुछ के मामलों की एसआईटी छानबीन कर रही है।
घोटाले में अफसरों की मदद से किसानों ने अपनी भूमि का पिछली तारीख में 143 कराने के बाद करोड़ों का मुआवजा डकारा और अफसरों को भी कमीशन के रूप में मुआवजे की रकम का भुगतान किया। अफसरों को जेल भेजने के बाद एसआईटी ने ऐसे किसानों की जांच पड़ताल शुरू की जिन्होंने गलत तरीके से मोटा मुआवजा लेने की पुष्टि हुई थी।
पूरे घोटाले में अफसरों और बिचौलियों की भूमिका अहम होने के कारण एसआईटी ने काश्तकारों को मुआवजे की अतिरिक्त रकम लौटाने के लिए एक माह से भी अधिक का समय दिया। दस काश्तकारों ने सरकार को मुआवजे की एक करोड़ 73 लाख रुपया वापस भी किया लेकिन अभी भी कुछ काश्तकार हैं जो मुआवजे की रकम को दबाए बैठे हैं। मामले में एक सप्ताह के भीतर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में जुटी एसआईटी ने अब किसानों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
घोटाले में अफसरों की मदद से किसानों ने अपनी भूमि का पिछली तारीख में 143 कराने के बाद करोड़ों का मुआवजा डकारा और अफसरों को भी कमीशन के रूप में मुआवजे की रकम का भुगतान किया। अफसरों को जेल भेजने के बाद एसआईटी ने ऐसे किसानों की जांच पड़ताल शुरू की जिन्होंने गलत तरीके से मोटा मुआवजा लेने की पुष्टि हुई थी।
विज्ञापन
पूरे घोटाले में अफसरों और बिचौलियों की भूमिका अहम होने के कारण एसआईटी ने काश्तकारों को मुआवजे की अतिरिक्त रकम लौटाने के लिए एक माह से भी अधिक का समय दिया। दस काश्तकारों ने सरकार को मुआवजे की एक करोड़ 73 लाख रुपया वापस भी किया लेकिन अभी भी कुछ काश्तकार हैं जो मुआवजे की रकम को दबाए बैठे हैं। मामले में एक सप्ताह के भीतर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में जुटी एसआईटी ने अब किसानों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन