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बर्खास्तगी से पहले शिक्षक और शिक्षिका को थमाये नोटिस
Updated Thu, 22 Feb 2018 12:29 AM IST
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रुद्रपुर में फर्जी प्रमाण पत्रों से नियुक्ति पाने के मामले में शिक्षा विभाग ने बुधवार को एक शिक्षक और एक शिक्षिका को नोटिस जारी कर दिए। उन्हें नोटिस में दी गई अवधि तक अपना-अपना पक्ष उच्च अधिकारियों के समक्ष रखना होगा। दोनों की बर्खास्तगी तय मानी जा रही है। शिक्षा विभाग जल्द ही अन्य शिक्षकों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
राजकीय प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूलों में वर्ष 2012 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। शिक्षा विभाग ने पूर्व में निलंबित हो चुके शिक्षक जसपुर ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक रामजीवनपुर में तैनात शिक्षक हरगोविंद को कारण बताओ नोटिस भेजकर सात दिन के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। डीईओ बेसिक रवि मेहता ने बताया कि शिक्षक हरगोविंद को कारण बताओ नोटिस भेजकर सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही गलत जाति प्रमाण पत्र लगाने में निलंबित गदरपुर में तैनात शिक्षिका काकुली मंडल को नोटिस देकर 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। एसआईटी की जांच में लगातार खुलासे होने से जिले में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों में खलबली मची हुई है।
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राजकीय प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूलों में वर्ष 2012 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। शिक्षा विभाग ने पूर्व में निलंबित हो चुके शिक्षक जसपुर ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक रामजीवनपुर में तैनात शिक्षक हरगोविंद को कारण बताओ नोटिस भेजकर सात दिन के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। डीईओ बेसिक रवि मेहता ने बताया कि शिक्षक हरगोविंद को कारण बताओ नोटिस भेजकर सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही गलत जाति प्रमाण पत्र लगाने में निलंबित गदरपुर में तैनात शिक्षिका काकुली मंडल को नोटिस देकर 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। एसआईटी की जांच में लगातार खुलासे होने से जिले में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों में खलबली मची हुई है।
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