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कोरोना कर्फ्यू में काटे पशु, धारा 144 में हंगामा
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रुद्रपुर आवास विकास में तैनात पुलिस फोर्स।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। आवास-विकास क्षेत्र में खाली प्लॉट पर प्रतिबंधित पशुओं की हत्या से लोगों में आक्रोश भर गया। मौके पर जुटे लोगों का सबसे अधिक गुस्सा पुलिस की कार्यशैली पर उतारा। लोगों का आरोप है कि शहर का माहौल खराब करने के लिए यह साजिश की गई है। आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। लोगों का कहना है कि इन दिनों शाम आठ बजे से सुबह छह बजे तक कोरोना कर्फ्यू रहता है ऐसे में देर रात पशुओं का काटा जाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। हंगामे के बीच पुलिस और प्रशासन निवेदन करता ही नजर आया पर लोग गिरफ्तारी से कम पर मानने को तैयार नहीं थे। लोगों के भारी विरोध के चलते आवास विकास चौकी प्रभारी को भी पुलिस ने लाइनहाजिर कर दिया है।
सोमवार सुबह आवास-विकास क्षेत्र में खाली प्लॉट पर प्रतिबंधित पशुओं का शव देखने के बाद लोगों ने एक दूसरे को मामले की जानकारी देनी शुरू कर दी। देखते ही देखते मौके पर लोग एकत्र हो गए। विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी पुलिस पर सवाल उठाए और जल्द से जल्द सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कही। विधायक ने चेताया कि 24 घंटे के भीतर अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो इसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। हंगामा बढ़ता देख स्थानीय थाने और चौकी की फोर्स बुलाने के साथ ही पीएसी भी तैनात कर दी गई। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, एसपी सिटी ममता बोहरा, एसडीएम प्रत्यूष सिंह, सीओ ऑपरेशन परवेज सहित कई थानों के अधिकारी मौके पर जमा हो गए।
गोवंश संरक्षण स्क्वॉयड के कुमाऊं प्रभारी तेज कुमार आर्य भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल की जांच की। मौके पर पशुओं को काटने के बाद कई मूर्तियां और तस्वीरें भी रख दी गई थीं, जिसे स्थानीय स्तर पर माहौल खराब करने की साजिश के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि षडयंत्र का जल्द से जल्द खुलासा होना चाहिए। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा ने भी नाराजगी जताई। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। नारेबाजी के शोर के बीच हंगामा होता रहा।
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एसएसपी ने चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करने की बात कही तो लोग कुछ हद लोग शांत हुए। पुलिस और प्रशासन ने पशुओं के अवशेषों को उठाने का प्रयास किया तो लोग फिर भड़क गए। इस पर पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। विधायक राजकुमार ठुकराल ने चेताया कि यदि 24 घंटे के अंदर हत्यारों का पता नहीं चला तो 25वां घंटा उनका होगा।
मौके पर धारा 144 की धज्जियां उड़ती नजर आई, जिसमें पुलिस और प्रशासन ने सब्र से ही काम लेना उचित समझा। पुलिस ने कहा कि मांस की सैंपलिंग कर परीक्षण के लिए लैब भेजा जा रहा है। एसपी सिटी ममता बोहरा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। स्थानीय निवासी आदित्य की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। दोनों पशुओं को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए पुलिस का वाहन मंगाया गया, जिसमें उन्हें नहीं ले जाने दिया गया। बाद में गो रक्षा दल के जिलाध्यक्ष विराट आर्या ने अपने वाहन से पशुओं के अंगों को पशु चिकित्सालय पहुंचाया, जहां दोनों के गोवंशीय होने की पुष्टि भी हो गई। देर शाम डीआईजी नीलेश आनंद भरणे व कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने भी मौके का निरीक्षण किया।
24 घंटे इंटरनेट सेवा बाधित करने के आदेश
प्रतिबंधित पशु की हत्या के बाद शहर में माहौल तनावपूर्ण हो गया था। ऐसे में डीएम युगल किशोर पंत ने अफवाह रोकने के लिए इंटरनेट सेवा 24 घंटे तक बाधित करने का फैसला लिया। इसके लिए उन्होंने सभी निजी और सरकारी सेवा प्रदाताओं को पत्र भी लिख दिया। डीएम युगल किशोर पंत ने कहा कि बाद में स्थिति सामान्य होने के बाद उन्होंने यह फैसला वापस भी ले लिया। लेकिन डीएम की ओर से जारी किया गया पत्र इंटरनेट मीडिया में वायरल होता रहा। इससे इंटरनेट बंद होने की चर्चा होती रही।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे चार लोग
मामले में हंगामा होने के बाद पुलिस ने आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए, जिसमें एक सीसीटीवी फुटेज में चार लोग पशु को ले जाते हुए दिख रहे हैं। फिलहाल फुटेज में दिख रहे लोगों की पहचान करने में पुलिस जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में कई लीड मिली हैं। शीघ्र ही इसका खुलासा किया जाएगा।
भारी बारिश में भी लोग मौके पर जमे रहे
रुद्रपुर। घटनास्थल पर बारिश भी होती रही लेकिन कोई भी हटने को तैयार नहीं था। सभी एकसुर में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते नजर आए। विधायक ने कहा कि आज तक गो वंश की जो हत्या हुई है उस पर आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कुछ लोगों ने कहा कि पिछले हफ्ते भी इस तरह की घटना हो चुकी है लेकिन पुलिस मौन है।
डीएम व एसएसपी ने फोर्स के साथ किया फ्लैग मार्च
रुद्रपुर। शहर में तनाव की स्थिति देखते हुए डीएम युगल किशोर पंत व एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने पुलिस फोर्स के साथ फ्लैग मार्च भी किया। यह कदमताल शहर के ट्रांजिट कैम्प से शिव नगर होते हुए डीडी चौक तक हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 की घोषणा हो गई है। इसके साथ ही क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लग चुकी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ निर्वाचन संपन्न हो, इसलिए विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किए जाते हैं। लोगों के मन में पुलिस व प्रशासन की सुरक्षा के प्रति भावना पैदा करने के लिए फ्लैग मार्च किया गया है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भी फ्लैग मार्च किया जाएगा। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक ममता बोहरा, उपजिलाधिकारी प्रत्यूष सिंह, सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल थे।
रुद्रपुर शहर मेें पहले भी खराब हुआ है माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। रुद्रपुर शहर में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिशें पहले भी कई बार की गई हैं, जिसमें एक बार दंगे की स्थिति भी आ गई थी। इस तरह के माहौल को शहर के लिए अच्छा नहीं माना जा सकता है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन इसे रोकने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटा हुआ है।
अक्तूबर 2011 में रुद्रपुर में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई थी। दो अक्तूबर को हुए दंगे में चार लोगों की मौत के साथ ही पांच लोग घायल हो गए थे। साथ ही करोड़ों रुपये की संपत्ति भी राख हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तब तत्कालीन जिलाधिकारी और एसएसपी को हटा दिया गया था।
वर्ष, 2016 में रुद्रपुर के खेड़ा स्थित धार्मिक स्थल में मांस का टुकड़ा फेंक दिया था। जिसके बाद लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़क गई थी, जिसको लेकर भाजपा व अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।
मार्च, 2019 में रुद्रपुर में केमिकल ले जा रहे ट्रक को नो इंट्री में नहीं घुसने देने पर जमकर बवाल हुआ था। ट्रक चालक ने धार्मिक चिह्न से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर हंगामा काटा था। बाद में धर्मगुरुओं की मध्यस्थता पर मामला शांत हुआ।
जुलाई, 2020 में सीपीयू कर्मी ने हेलमेट नहीं पहनने पर बाइक सवार के माथे में चाबी घोप दी थी जिसके विरोध में माहौल अशांत हो गया था। कई दिनों तक मामले को लेकर तनाव बना रहा। जिसमें पत्थरबाजी के भी आरोप थे।
वर्ष, 2021 में ट्रांजिट कैंप में धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर दो पक्ष एक दूसरे के सामने आ गए थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस व प्रशासन की सक्रियता के चलते इस मामले को संभाल लिया गया था।
बोले एसएसपी,
दो मवेशियों के शव मिले हैं, दोनों का पोस्टमॉर्टम करवाकर दफना दिया गया है। पशु क्रूरता अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा
दिलीप सिंह कुंवर, एसएसपी उधमसिंह नगर
ठुकराल के रौद्र रूप का वीडियो हो रहा वायरल
रुद्रपुर। भाजपा विधायक राजकुमार एक बार फिर चर्चा में हैं। हर बार की तरह इस बार भी उनके तेवर चर्चा में हैं। पशुओं की हत्या के प्रकरण में घटनास्थल पर जमी भीड़ के बीच कांग्रेस नेता की भाजपा पर टिप्पणी के बाद विधायक के बिफरने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें विधायक रौद्र रूप में हैं। मुंह से गालियों की बौछार हो रही है, ऐसी गालियां कि उनका उल्लेख यहां नहीं किया जा सकता। पुलिस वाले उनको रोकने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन विधायक उनको झटककर कांग्रेस नेता की ओर दोड़ते हैं। ऐसा लग रहा है कि वह उन्हें मारने दौड़ रहे हैं। लोग किसी तरह बीच बचाव करते हैं। पूरे प्रकरण में पुलिस अधिकारी भाईसाहब-भाईसाहब ही कहते सुनाई पड़ रहे हैं। कांग्रेस नेता अनिल शर्मा का आरोप है कि विधायक राजकुमार ठुकराल ने उन पर हमला किया लेकिन विधायक ने इसे सिरे से नकार दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस नेता ने जनता के बीच में ही घिनौना कार्य करने का आरोप भाजपा पर लगाया था, जिसका उन्होंने प्रतिवाद किया और हमला करने का प्रयास करने का आरोप बिल्कुल गलत है।
पुलिस ने लाठी भी फटकारी
घटनास्थल पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने लाठी फटकार कर लोगों को तितर-बितर करने की भी कोशिश की। पुलिस ने एहतियातन कंचन तारा बैंक्वेट हाल के पास तिराहे पर पुलिस तैनात कर आवास विकास की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी।
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सोमवार सुबह आवास-विकास क्षेत्र में खाली प्लॉट पर प्रतिबंधित पशुओं का शव देखने के बाद लोगों ने एक दूसरे को मामले की जानकारी देनी शुरू कर दी। देखते ही देखते मौके पर लोग एकत्र हो गए। विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी पुलिस पर सवाल उठाए और जल्द से जल्द सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कही। विधायक ने चेताया कि 24 घंटे के भीतर अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो इसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। हंगामा बढ़ता देख स्थानीय थाने और चौकी की फोर्स बुलाने के साथ ही पीएसी भी तैनात कर दी गई। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, एसपी सिटी ममता बोहरा, एसडीएम प्रत्यूष सिंह, सीओ ऑपरेशन परवेज सहित कई थानों के अधिकारी मौके पर जमा हो गए।
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गोवंश संरक्षण स्क्वॉयड के कुमाऊं प्रभारी तेज कुमार आर्य भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल की जांच की। मौके पर पशुओं को काटने के बाद कई मूर्तियां और तस्वीरें भी रख दी गई थीं, जिसे स्थानीय स्तर पर माहौल खराब करने की साजिश के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि षडयंत्र का जल्द से जल्द खुलासा होना चाहिए। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा ने भी नाराजगी जताई। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। नारेबाजी के शोर के बीच हंगामा होता रहा।
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एसएसपी ने चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करने की बात कही तो लोग कुछ हद लोग शांत हुए। पुलिस और प्रशासन ने पशुओं के अवशेषों को उठाने का प्रयास किया तो लोग फिर भड़क गए। इस पर पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। विधायक राजकुमार ठुकराल ने चेताया कि यदि 24 घंटे के अंदर हत्यारों का पता नहीं चला तो 25वां घंटा उनका होगा।
मौके पर धारा 144 की धज्जियां उड़ती नजर आई, जिसमें पुलिस और प्रशासन ने सब्र से ही काम लेना उचित समझा। पुलिस ने कहा कि मांस की सैंपलिंग कर परीक्षण के लिए लैब भेजा जा रहा है। एसपी सिटी ममता बोहरा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। स्थानीय निवासी आदित्य की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। दोनों पशुओं को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए पुलिस का वाहन मंगाया गया, जिसमें उन्हें नहीं ले जाने दिया गया। बाद में गो रक्षा दल के जिलाध्यक्ष विराट आर्या ने अपने वाहन से पशुओं के अंगों को पशु चिकित्सालय पहुंचाया, जहां दोनों के गोवंशीय होने की पुष्टि भी हो गई। देर शाम डीआईजी नीलेश आनंद भरणे व कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने भी मौके का निरीक्षण किया।
24 घंटे इंटरनेट सेवा बाधित करने के आदेश
प्रतिबंधित पशु की हत्या के बाद शहर में माहौल तनावपूर्ण हो गया था। ऐसे में डीएम युगल किशोर पंत ने अफवाह रोकने के लिए इंटरनेट सेवा 24 घंटे तक बाधित करने का फैसला लिया। इसके लिए उन्होंने सभी निजी और सरकारी सेवा प्रदाताओं को पत्र भी लिख दिया। डीएम युगल किशोर पंत ने कहा कि बाद में स्थिति सामान्य होने के बाद उन्होंने यह फैसला वापस भी ले लिया। लेकिन डीएम की ओर से जारी किया गया पत्र इंटरनेट मीडिया में वायरल होता रहा। इससे इंटरनेट बंद होने की चर्चा होती रही।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे चार लोग
मामले में हंगामा होने के बाद पुलिस ने आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए, जिसमें एक सीसीटीवी फुटेज में चार लोग पशु को ले जाते हुए दिख रहे हैं। फिलहाल फुटेज में दिख रहे लोगों की पहचान करने में पुलिस जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में कई लीड मिली हैं। शीघ्र ही इसका खुलासा किया जाएगा।
भारी बारिश में भी लोग मौके पर जमे रहे
रुद्रपुर। घटनास्थल पर बारिश भी होती रही लेकिन कोई भी हटने को तैयार नहीं था। सभी एकसुर में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते नजर आए। विधायक ने कहा कि आज तक गो वंश की जो हत्या हुई है उस पर आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कुछ लोगों ने कहा कि पिछले हफ्ते भी इस तरह की घटना हो चुकी है लेकिन पुलिस मौन है।
डीएम व एसएसपी ने फोर्स के साथ किया फ्लैग मार्च
रुद्रपुर। शहर में तनाव की स्थिति देखते हुए डीएम युगल किशोर पंत व एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने पुलिस फोर्स के साथ फ्लैग मार्च भी किया। यह कदमताल शहर के ट्रांजिट कैम्प से शिव नगर होते हुए डीडी चौक तक हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 की घोषणा हो गई है। इसके साथ ही क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लग चुकी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ निर्वाचन संपन्न हो, इसलिए विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किए जाते हैं। लोगों के मन में पुलिस व प्रशासन की सुरक्षा के प्रति भावना पैदा करने के लिए फ्लैग मार्च किया गया है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भी फ्लैग मार्च किया जाएगा। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक ममता बोहरा, उपजिलाधिकारी प्रत्यूष सिंह, सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल थे।
रुद्रपुर शहर मेें पहले भी खराब हुआ है माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। रुद्रपुर शहर में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिशें पहले भी कई बार की गई हैं, जिसमें एक बार दंगे की स्थिति भी आ गई थी। इस तरह के माहौल को शहर के लिए अच्छा नहीं माना जा सकता है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन इसे रोकने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटा हुआ है।
अक्तूबर 2011 में रुद्रपुर में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई थी। दो अक्तूबर को हुए दंगे में चार लोगों की मौत के साथ ही पांच लोग घायल हो गए थे। साथ ही करोड़ों रुपये की संपत्ति भी राख हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तब तत्कालीन जिलाधिकारी और एसएसपी को हटा दिया गया था।
वर्ष, 2016 में रुद्रपुर के खेड़ा स्थित धार्मिक स्थल में मांस का टुकड़ा फेंक दिया था। जिसके बाद लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़क गई थी, जिसको लेकर भाजपा व अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।
मार्च, 2019 में रुद्रपुर में केमिकल ले जा रहे ट्रक को नो इंट्री में नहीं घुसने देने पर जमकर बवाल हुआ था। ट्रक चालक ने धार्मिक चिह्न से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर हंगामा काटा था। बाद में धर्मगुरुओं की मध्यस्थता पर मामला शांत हुआ।
जुलाई, 2020 में सीपीयू कर्मी ने हेलमेट नहीं पहनने पर बाइक सवार के माथे में चाबी घोप दी थी जिसके विरोध में माहौल अशांत हो गया था। कई दिनों तक मामले को लेकर तनाव बना रहा। जिसमें पत्थरबाजी के भी आरोप थे।
वर्ष, 2021 में ट्रांजिट कैंप में धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर दो पक्ष एक दूसरे के सामने आ गए थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस व प्रशासन की सक्रियता के चलते इस मामले को संभाल लिया गया था।
बोले एसएसपी,
दो मवेशियों के शव मिले हैं, दोनों का पोस्टमॉर्टम करवाकर दफना दिया गया है। पशु क्रूरता अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा
दिलीप सिंह कुंवर, एसएसपी उधमसिंह नगर
ठुकराल के रौद्र रूप का वीडियो हो रहा वायरल
रुद्रपुर। भाजपा विधायक राजकुमार एक बार फिर चर्चा में हैं। हर बार की तरह इस बार भी उनके तेवर चर्चा में हैं। पशुओं की हत्या के प्रकरण में घटनास्थल पर जमी भीड़ के बीच कांग्रेस नेता की भाजपा पर टिप्पणी के बाद विधायक के बिफरने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें विधायक रौद्र रूप में हैं। मुंह से गालियों की बौछार हो रही है, ऐसी गालियां कि उनका उल्लेख यहां नहीं किया जा सकता। पुलिस वाले उनको रोकने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन विधायक उनको झटककर कांग्रेस नेता की ओर दोड़ते हैं। ऐसा लग रहा है कि वह उन्हें मारने दौड़ रहे हैं। लोग किसी तरह बीच बचाव करते हैं। पूरे प्रकरण में पुलिस अधिकारी भाईसाहब-भाईसाहब ही कहते सुनाई पड़ रहे हैं। कांग्रेस नेता अनिल शर्मा का आरोप है कि विधायक राजकुमार ठुकराल ने उन पर हमला किया लेकिन विधायक ने इसे सिरे से नकार दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस नेता ने जनता के बीच में ही घिनौना कार्य करने का आरोप भाजपा पर लगाया था, जिसका उन्होंने प्रतिवाद किया और हमला करने का प्रयास करने का आरोप बिल्कुल गलत है।
पुलिस ने लाठी भी फटकारी
घटनास्थल पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने लाठी फटकार कर लोगों को तितर-बितर करने की भी कोशिश की। पुलिस ने एहतियातन कंचन तारा बैंक्वेट हाल के पास तिराहे पर पुलिस तैनात कर आवास विकास की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी।

रुद्रपुर आवास विकास में खड़े पुलिस कर्मी व लगी भीड़।- फोटो : RUDRAPUR