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Udham Singh Nagar News: छह राज्यों के आठ खातों में ट्रांसफर की ठगी की रकम
Thu, 24 Jul 2025 01:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 24 Jul 2025 01:01 AM IST
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रुद्रपुर। नैनीताल के रिटायर्ड सीआरपीएफ दरोगा को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगे गए 60 लाख रुपये साइबर ठगों ने छह राज्यों में खोले गए म्यूल खातों में ट्रांसफर की गई थी। इन खातों से रकम म्यूल खातों की चेन में ट्रांसफर की गई। साइबर क्राइम पुलिस की टीम खातों को खंगालने और साइबर ठगों को चिन्ह्ति करने में जुटी हैं।
नैनीताल जिले के रहने वाले रिटायर्ड सीआरपीएफ दरोगा खेम सिंह ने साइबर पुलिस को बताया था कि तीन जुलाई को अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को टेलीकॉम अधिकारी बताते हुए उनके आधार नंबर से चल रहे सिम से लोगों को ब्लैकमेल करने की बात कही थी।
इसके बाद एक व्यक्ति ने वीडियो कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उनके नाम से कैनरा बैंक मुंबई में चल रहे खातों से 68 लाख का संदिग्ध लेनदेन होने और मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होने की बात कही थी। उनको डरा धमकाकर तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया गया था। जांच के नाम पर उनके खातों से ठगों ने दूसरे खातों में चार जुलाई से 17 जुलाई तक अलग-अलग बार 60 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे।
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शिक्षा विभाग में तैनात उनके बेटे ने घर आकर ठगी होने की जानकारी दी थी। साइबर पुलिस ने केस की विवेचना की तो पता चला कि जिन आठ खातों में रुपये ट्रांसफर कराए गए थे, वे अजमेर राजस्थान, पश्चिमी बंगाल, बेंगलुरु, सैफई यूपी, हिसार हरियाणा, असम में खोले गए थे।
इन खातों से अन्य म्यूल खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी। साइबर थाना प्रभारी अरूण कुमार ने बताया कि म्यूल खातों की चेन के बारे में जानकारी की जा रही है। शुरूआत में जिन आठ खातों में साइबर अपराधियों ने रकम ट्रांसफर कराई थी, वे यश बैंक, रत्नाकर बैंक सहित निजी बैंकों में खोले गए म्यूल खाते थे।
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नैनीताल जिले के रहने वाले रिटायर्ड सीआरपीएफ दरोगा खेम सिंह ने साइबर पुलिस को बताया था कि तीन जुलाई को अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को टेलीकॉम अधिकारी बताते हुए उनके आधार नंबर से चल रहे सिम से लोगों को ब्लैकमेल करने की बात कही थी।
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इसके बाद एक व्यक्ति ने वीडियो कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उनके नाम से कैनरा बैंक मुंबई में चल रहे खातों से 68 लाख का संदिग्ध लेनदेन होने और मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होने की बात कही थी। उनको डरा धमकाकर तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया गया था। जांच के नाम पर उनके खातों से ठगों ने दूसरे खातों में चार जुलाई से 17 जुलाई तक अलग-अलग बार 60 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे।
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शिक्षा विभाग में तैनात उनके बेटे ने घर आकर ठगी होने की जानकारी दी थी। साइबर पुलिस ने केस की विवेचना की तो पता चला कि जिन आठ खातों में रुपये ट्रांसफर कराए गए थे, वे अजमेर राजस्थान, पश्चिमी बंगाल, बेंगलुरु, सैफई यूपी, हिसार हरियाणा, असम में खोले गए थे।
इन खातों से अन्य म्यूल खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी। साइबर थाना प्रभारी अरूण कुमार ने बताया कि म्यूल खातों की चेन के बारे में जानकारी की जा रही है। शुरूआत में जिन आठ खातों में साइबर अपराधियों ने रकम ट्रांसफर कराई थी, वे यश बैंक, रत्नाकर बैंक सहित निजी बैंकों में खोले गए म्यूल खाते थे।