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लोहियाहेड रोड पर साढ़े तीन हेक्टेअर वन भूमि पर कारखाने ने किया है अतिक्रमण
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खटीमा। वन विभाग पीलीभीत रोड साल बोझी नंबर एक और दो में अवैध तरीके से काबिज लोगों के खिलाफ कार्रवाई में जुटा है। विभाग दो वर्षों में बोझियों को अतिक्रमण मुक्त कर इसको नगर वन के रूप में विकसित करेगा। विभाग इसके लिए यहां अवैध रूप से बसे लोगों की आपत्तियों की सुनवाई कर चुका है।
इसके अतिरिक्त वन विभाग की लोहियाहेड जंगल सीमा से लगे कारखाने पर भी नजर है जिसके कब्जे में वन विभाग की साढ़े तीन हेक्टेयर भूमि है। वन विभाग की ओर से की गई तीन बार की सर्वे में अतिक्रमण चिह्नित हो चुका है। तकनीशियन टीम के अभाव में वन भूमि पर लगी मशीनें और निर्माण कार्य नहीं हटाया जा सका है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से सुरक्षा के लिए पर्याप्त फोर्स की मांग भी की जा रही है। आरईएस से अतिक्रमण हटाए जाने का विभाग ने आगणन कराया गया। इसमें 1.30 लाख खर्च होने का अनुुमान लगाया गया है।
नगर से लगे लोहियाहेड जंगल में साढ़े तीन हेक्टेअर भूमि पर कारखाने की ओर किया गया अतिक्रमण चिह्नित हो चुका है। आरईएस से कराए गए आगणन में अतिक्रमण हटाने में एक करोड़ 30 लाख रुपये खर्च का प्रावधान है। तकनीशियन टीम उपलब्ध नहीं होने की वजह से विभाग अतिक्रमण नहीं हटा पा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से उच्चाधिकारियों से पर्याप्त फोर्स की व्यवस्था हो चुकी है। वन विभाग की अतिक्रमण से घिरी भूमि पर मशीनें एवं पाइप लाइनें बिछी हैं। - संतोष कुमार पंत, उप प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग खटीमा।
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- नगर से लगी साल बोझी नंबर एक एवं दो को नगर वन के रूप में विकसित करने की तैयारियां पूर्ण की जा रही हैं। साल बोझियों में अवैध रूप से काबिज लोगों को हटाने की कार्रवाई विभाग की ओर से अंतिम चरण तक पूरा कर चुका है। चुनिंदा लोगों की आपत्तियां वन संरक्षक स्तर पर सुनी जा चुकी हैं। -राजेंद्र सिंह मनराल, वनक्षेत्राधिकारी खटीमा रेंज।
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इसके अतिरिक्त वन विभाग की लोहियाहेड जंगल सीमा से लगे कारखाने पर भी नजर है जिसके कब्जे में वन विभाग की साढ़े तीन हेक्टेयर भूमि है। वन विभाग की ओर से की गई तीन बार की सर्वे में अतिक्रमण चिह्नित हो चुका है। तकनीशियन टीम के अभाव में वन भूमि पर लगी मशीनें और निर्माण कार्य नहीं हटाया जा सका है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से सुरक्षा के लिए पर्याप्त फोर्स की मांग भी की जा रही है। आरईएस से अतिक्रमण हटाए जाने का विभाग ने आगणन कराया गया। इसमें 1.30 लाख खर्च होने का अनुुमान लगाया गया है।
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नगर से लगे लोहियाहेड जंगल में साढ़े तीन हेक्टेअर भूमि पर कारखाने की ओर किया गया अतिक्रमण चिह्नित हो चुका है। आरईएस से कराए गए आगणन में अतिक्रमण हटाने में एक करोड़ 30 लाख रुपये खर्च का प्रावधान है। तकनीशियन टीम उपलब्ध नहीं होने की वजह से विभाग अतिक्रमण नहीं हटा पा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से उच्चाधिकारियों से पर्याप्त फोर्स की व्यवस्था हो चुकी है। वन विभाग की अतिक्रमण से घिरी भूमि पर मशीनें एवं पाइप लाइनें बिछी हैं। - संतोष कुमार पंत, उप प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग खटीमा।
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- नगर से लगी साल बोझी नंबर एक एवं दो को नगर वन के रूप में विकसित करने की तैयारियां पूर्ण की जा रही हैं। साल बोझियों में अवैध रूप से काबिज लोगों को हटाने की कार्रवाई विभाग की ओर से अंतिम चरण तक पूरा कर चुका है। चुनिंदा लोगों की आपत्तियां वन संरक्षक स्तर पर सुनी जा चुकी हैं। -राजेंद्र सिंह मनराल, वनक्षेत्राधिकारी खटीमा रेंज।