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छात्रवृति घोटाला : पूर्व समाज कल्याण अधिकारी ने 235 छात्रों का फर्जी दाखिला दिखाकर हड़पे थे सवा करोड़

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2020 10:20 PM IST
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Crime
देवेंद्र पींचा, एसआईटी प्रभारी। - फोटो : RUDRAPUR
दशमोत्तर छात्रवृति घोटाले में गिरफ्तार पूर्व समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर ने घोटाले को अंजाम देने के लिए मेरठ एक शिक्षण संस्थान में जसपुर के 235 छात्रों का फर्जी दाखिला दिखाया था। छात्रवृत्ति की रकम भी शिक्षण संस्थान को चेक के माध्यम से दी गई थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में शंखधर ने इस बात का खुलासा किया है। पुलिस ने शंखधर को विशेष भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट नैनीताल में पेश कर जेल भेज दिया है।
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एसआईटी को जांच के दौरान दशमोत्तर छात्रवृति घोटाले में कुछ समाज कल्याण अधिकारियों के भी लिप्त होने के साक्ष्य मिले थे। साक्ष्यों को पुख्ता करने के लिए एसआईटी ने छात्रों को फर्जी एडमिशन के लिए तैयार करने वाले कुछ बिचौलियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की थी। पूछताछ में वर्ष 2013 में ऊधमसिंह नगर जिले में तैनात समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर का नाम भी सामने आया था। जसपुर में बिचौलियों ने कई छात्रों के फर्जी दाखिले अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में दिखाए थे लेकिन जांच में पता चला कि इनमें से एक भी छात्र का दाखिला नहीं है।
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शंखधर ने भी जसपुर के 235 छात्रों का दाखिला मेरठ के एक शिक्षण संस्थान में दिखाया था। इसके बाद छात्रवृति की रकम हड़पने के लिए शिक्षण संस्थान को तीन दिन के भीतर ही 1.18 करोड़ रुपये का चेक दिया था। पूछताछ में शंखधर ने यह भी बताया कि उस दौरान विभाग की ओर से आवंटित छात्रवृत्ति की रकम में से उन्हें ढाई करोड़ रुपये अधिक दिए गए थे। सीओ एपी कोंडे ने बताया कि शंखधर के खिलाफ 60 मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान में वह निलंबित चल रहे थे। शनिवार को आईटीआई थाना प्रभारी बीडी जोशी ने उन्हें देहरादून स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। इसके बाद नैनीताल की विशेष भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
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घर के हर कोने को सीसीटीवी से किया था लैस
घोटाले के आरोपी अनुराग शंखधर को पुलिस का भय भी था। सीओ एपी कोंडे ने बताया कि पुलिस पर नजर रखने के लिए शंखधर ने अपने घर के हर कोने को सीसीटीवी से लैस किया था। उन्होंने घर के चारों ओर ऊंची दीवारें खड़ी कर रखी थीं। जिससे वह सब पर नजर रख सके और कोई भी घर में न घुस सके। पुलिस सादी वर्दी में शंखधर के घर पहुंची और दीवार फांदकर उनके घर में प्रवेश कर गिरफ्तार कर लिया। (ब्यूरो)
पुलिस से बचने को पहले ही लगा देता था कोर्ट में काउंटर
आरोपी शंखधर बेहद शातिर था इससे पूर्व भी पुलिस ने शंखधर को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी लेकिन हर बार शंखधर पुलिस से पहले कोर्ट में काउंटर दाखिल कर स्टे ले लेता था। 60 में से अधिकांश मुकदमों में उसे कोर्ट से स्टे मिला था। एक मुकदमे में उसे स्टे नहीं मिला था जिसके चलते पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकी। इस बार भी 22 दिसंबर को कोर्ट में उसकी तारीख थी लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शंखधर के अनुसार उसे कुछ तत्कालीन मंत्रियों का भी संरक्षण मिला था जिनकी मदद से उसने घोटाले को अंजाम दिया। (ब्यूरो)
छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी 34 बिचौलियों पर गिरफ्तारी की तलवार
रुद्रपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में फरार बिचौलियों पर पुलिस का शिकंजा कसने जा रहा है। 26 आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस फरार चल रहे 34 बिचौलियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। जसपुर और कुंडा थाने में जिले के सबसे अधिक बिचौलियों पर घोटाले के आरोप में केस दर्ज हैं।
जिले के तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को बाहरी कॉलेजों में दाखिला दिखाकर विभिन्न कोर्स के नाम पर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति आवंटित कर दी गई थी। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने 2900 सौ से अधिक विद्यार्थियों के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कर हरियाणा, दिल्ली, मेरठ, पंजाब, राजस्थान समेत 58 शैक्षिक संस्थानों और 60 बिचौलियों पर केस दर्ज किए गए। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस शैक्षिक संस्थान स्वामियों की गिरफ्तारी करेगी। एसआईटी सूत्रों के अनुसार 26 बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
मोबाइल नंबर बंद होने से सत्यापन में दिक्कत
रुद्रपुर। जिले में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को छात्रों के मोबाइल नंबर बंद होने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। एसआईटी सूत्रों के अनुसार जिन छात्रों को शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश दिखाकर छात्रवृत्ति बांटी गई, उनका मोबाइल नंबर संस्थानों ने दे दिया है। रिकॉर्ड में दर्ज कई विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर बंद होने से दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है।

छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में देहरादून से पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अधिकारियों एवं शैक्षिक संस्थानों से साठगांठ करने वाले बिचौलियों पर केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी शुरू हो गई है। फरार 34 बिचौलियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। - देवेंद्र पींचा, एसआईटी प्रभारी।
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