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बगैर तलाक दूसरा निकाह करने पर कोर्ट ने किया तलब
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काशीपुर। पहले पति को तलाक दिए बगैर एक महिला ने दूसरे युवक के साथ निकाह रचा लिया। इस मामले में दायर परिवाद की सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी महिला को कोर्ट में तलब किया है। सुनवाई की अगली तिथि नौ नवंबर नियत की गई है।
महुआखेड़ागंज निवासी मो. दानिश ने अपने अधिवक्ता अंबरीश अग्रवाल के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में परिवाद दायर कर कहा है कि 21 दिसंबर, 2021 को उसका निकाह जनपद मुरादाबाद के थाना भगतपुर के ग्राम चांदपुर निवासी एक युवती के साथ हुआ था। आरोप लगाया गया कि विवाह से पहले ही युवती एक गैर मर्द के संपर्क में थी। निकाह के अगले दिन ही युवती उसे चकमा देकर खताड़ी (रामनगर) निवासी फरीद के साथ चली गई। वह उसकी हीरो मोटरसाइकिल भी ले गई।
आरोप है कि उसकी पत्नी उसे तलाक दिए बगैर फरीद के साथ रहने लगी। आरोप है कि बाद में दोनों ने निकाह भी कर लिया जबकि पति के जीवित रहते अथवा तलाक दिए बगैर वह किसी अन्य के साथ निकाह नहीं कर सकती। ऐसा करना आईपीसी की धारा 494 के तहत दंडनीय अपराध है। आरोप सिद्ध होने पर इसमें सात साल तक की सजा का प्राविधान है। परिवाद पर सुनवाई कर न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश चंद्र ने आरोपी युवती को सम्मन जारी कर कोर्ट में तलब किया है। संवाद
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महुआखेड़ागंज निवासी मो. दानिश ने अपने अधिवक्ता अंबरीश अग्रवाल के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में परिवाद दायर कर कहा है कि 21 दिसंबर, 2021 को उसका निकाह जनपद मुरादाबाद के थाना भगतपुर के ग्राम चांदपुर निवासी एक युवती के साथ हुआ था। आरोप लगाया गया कि विवाह से पहले ही युवती एक गैर मर्द के संपर्क में थी। निकाह के अगले दिन ही युवती उसे चकमा देकर खताड़ी (रामनगर) निवासी फरीद के साथ चली गई। वह उसकी हीरो मोटरसाइकिल भी ले गई।
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आरोप है कि उसकी पत्नी उसे तलाक दिए बगैर फरीद के साथ रहने लगी। आरोप है कि बाद में दोनों ने निकाह भी कर लिया जबकि पति के जीवित रहते अथवा तलाक दिए बगैर वह किसी अन्य के साथ निकाह नहीं कर सकती। ऐसा करना आईपीसी की धारा 494 के तहत दंडनीय अपराध है। आरोप सिद्ध होने पर इसमें सात साल तक की सजा का प्राविधान है। परिवाद पर सुनवाई कर न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश चंद्र ने आरोपी युवती को सम्मन जारी कर कोर्ट में तलब किया है। संवाद
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