{"_id":"67b38be917ad46a848029467","slug":"court-news-in-district-rudrapur-news-c-242-1-rdp1006-121017-2025-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: मारपीट के तीन दोषियों को कोर्ट ने सशर्त रिहा किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: मारपीट के तीन दोषियों को कोर्ट ने सशर्त रिहा किया
Tue, 18 Feb 2025 12:50 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 18 Feb 2025 12:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। एसीजेएम/द्वितीय अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) न्यायालय ने साढ़े छह साल पुराने मारपीट, गालीगलौज व चोट पहुंचाने के मामले में तीन दोषियों को छह महीने की सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ने के आदेश दिए हैं। तीनों को 10-10 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि की प्रतिभू जमा करानी होगी।
रुद्रपुर के बगवाड़ा निवासी चंद्रपाल ने 25 जून 2018 कोतवाली में दी तहरीर में कहा था कि वह अपने घर के सामने सड़क पर ब्रेकर बनवा रहे थे। 23 जून 2018 की शाम लखविन्दर, प्रदीप व राजन निवासी बगवाड़ा भट्टा वहां से निकल रहे थे। ब्रेकर लगवाने की बात पर वे गाली गलौज करने लगे।
जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर तलवार से हमलाकर जख्मी कर दिया। बीचबचाव में उसकी पत्नी व राम भवन को भी चोटें आई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए थे। इस मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम/द्वितीय अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) श्वेता पांडेय की अदालत में चली थी। अदालत ने तीनों अभियुक्तों लखविंदर, प्रदीप व राजन को धमकी देने के मामले में दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
अदालत ने तीनों को धारा 323, 324 व 504 आईपीसी में दोषसिद्ध करते हुए धारा 4 अपराधी परिवीक्षा अधिनियम 1958 सदाचरण की परीवीक्षा का लाभ देते हुए छह-छह माह की अवधि के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ने के आदेश दिए। अदालत ने तीनों को आदेश दिया कि वे छह माह की अवधि में परिवीक्षा की शर्तों का उल्लंघन न करें और सदाचरण बनाए रखें।
यदि उनकी ओर से छह माह की अवधि के दौरान परिवीक्षा की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है तो अभियुक्तगण को सजा के प्रश्न पर पुनः सुनकर विधिनुसार दण्डादेश पारित किया जाएगा। अदालत ने जिला परिवीक्षा अधिकारी ऊधम सिंह नगर को आदेशित किया कि वे छह माह की अवधि में तीनों अभियुक्तों के आचरण की परिवीक्षा करें। अभियुक्तगण प्रत्येक माह की 01 से 10 तारीख के बीच किसी भी एक तिथि पर या परिवीक्षा अधिकारी की ओर से तय तिथि को उपस्थित होंगे।
विज्ञापन
रुद्रपुर के बगवाड़ा निवासी चंद्रपाल ने 25 जून 2018 कोतवाली में दी तहरीर में कहा था कि वह अपने घर के सामने सड़क पर ब्रेकर बनवा रहे थे। 23 जून 2018 की शाम लखविन्दर, प्रदीप व राजन निवासी बगवाड़ा भट्टा वहां से निकल रहे थे। ब्रेकर लगवाने की बात पर वे गाली गलौज करने लगे।
विज्ञापन
जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर तलवार से हमलाकर जख्मी कर दिया। बीचबचाव में उसकी पत्नी व राम भवन को भी चोटें आई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए थे। इस मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम/द्वितीय अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) श्वेता पांडेय की अदालत में चली थी। अदालत ने तीनों अभियुक्तों लखविंदर, प्रदीप व राजन को धमकी देने के मामले में दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
अदालत ने तीनों को धारा 323, 324 व 504 आईपीसी में दोषसिद्ध करते हुए धारा 4 अपराधी परिवीक्षा अधिनियम 1958 सदाचरण की परीवीक्षा का लाभ देते हुए छह-छह माह की अवधि के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ने के आदेश दिए। अदालत ने तीनों को आदेश दिया कि वे छह माह की अवधि में परिवीक्षा की शर्तों का उल्लंघन न करें और सदाचरण बनाए रखें।
यदि उनकी ओर से छह माह की अवधि के दौरान परिवीक्षा की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है तो अभियुक्तगण को सजा के प्रश्न पर पुनः सुनकर विधिनुसार दण्डादेश पारित किया जाएगा। अदालत ने जिला परिवीक्षा अधिकारी ऊधम सिंह नगर को आदेशित किया कि वे छह माह की अवधि में तीनों अभियुक्तों के आचरण की परिवीक्षा करें। अभियुक्तगण प्रत्येक माह की 01 से 10 तारीख के बीच किसी भी एक तिथि पर या परिवीक्षा अधिकारी की ओर से तय तिथि को उपस्थित होंगे।