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देश ने हमेशा चुनौतियों का सामना किया
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पंतनगर विश्वविद्यालय में पुस्तक का विमोचन करते अतिथि।
- फोटो : RUDRAPUR
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जीबी पंत विवि में युवा दिवस पर ऑनलाइन राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। इसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से 250 युवाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान स्वतंत्रता के 75 वर्षों की उपलब्धियों की अक्षुण्णता को बनाए रखने में युवाओं का योगदान विषय पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया गया।
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर बुधवार को पंतनगर विश्वविद्यालय में 17वां युवा सम्मेलन हुआ। हालांकि कोरोना के चलते विवेकानंद स्वाध्याय मंडल की ओर से वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन हुआ। प्रमुख वक्ताओं में डीजी, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद, सीएसआईआर डॉ. शेखर सी मांडे, पद्मश्री चंद्र शेखर सिंह, पद्मश्री प्रेमचंद्र शर्मा, अध्यक्ष, रामकृष्ण कुटीर आरकेएम अल्मोड़ा स्वामी ध्रुवेशानंद मुख्य रहे।
डॉ. शेखर सी मांडे ने युवाओं को अनुग्रहित कर कहा कि भारत सदैव ही चुनौतियों का सामना करता रहा है, लेकिन स्वामी विवेकानंद की विचारधाराओं से परिपूर्ण भारतीय युवाओं ने अपने स्तर पर प्रत्येक चुनौती का सामना किया है। कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान में भारतीय युवा अवसरों की अधिकता में व्यस्त हैं।
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युवाओं को सर्वप्रथम आत्मचिंतन से अपने अंदर निहित कौशल की परख करने के पश्चात उसके अनुरूप अवसरों का चुनाव करना चाहिए। कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संगोष्ठी में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. बृजेश सिंह, डॉ. सुधीर गुरु, डॉ. मनीषा रानी, डॉ. अमन कंबोज भी उपस्थित रहे।
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स्वामी विवेकानंद की जयंती पर बुधवार को पंतनगर विश्वविद्यालय में 17वां युवा सम्मेलन हुआ। हालांकि कोरोना के चलते विवेकानंद स्वाध्याय मंडल की ओर से वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन हुआ। प्रमुख वक्ताओं में डीजी, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद, सीएसआईआर डॉ. शेखर सी मांडे, पद्मश्री चंद्र शेखर सिंह, पद्मश्री प्रेमचंद्र शर्मा, अध्यक्ष, रामकृष्ण कुटीर आरकेएम अल्मोड़ा स्वामी ध्रुवेशानंद मुख्य रहे।
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डॉ. शेखर सी मांडे ने युवाओं को अनुग्रहित कर कहा कि भारत सदैव ही चुनौतियों का सामना करता रहा है, लेकिन स्वामी विवेकानंद की विचारधाराओं से परिपूर्ण भारतीय युवाओं ने अपने स्तर पर प्रत्येक चुनौती का सामना किया है। कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान में भारतीय युवा अवसरों की अधिकता में व्यस्त हैं।
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युवाओं को सर्वप्रथम आत्मचिंतन से अपने अंदर निहित कौशल की परख करने के पश्चात उसके अनुरूप अवसरों का चुनाव करना चाहिए। कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संगोष्ठी में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. बृजेश सिंह, डॉ. सुधीर गुरु, डॉ. मनीषा रानी, डॉ. अमन कंबोज भी उपस्थित रहे।