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सखी वन स्टॉप सेंटर के लिए तलाशी जा रही नई जगह
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रुद्रपुर में सीएमओ कार्यालय के सामने रुका हुआ निर्माण कार्य।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। सखी वन स्टाप सेंटर के भवन निर्माण में आ रही अड़चनें दूर नहीं हो रही हैं। चार साल में बमुश्किल जमीन चिह्नित होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ तो स्वास्थ्य विभाग ने जमीन को अपना बताकर कार्य रुकवा दिया। मामला जिला प्रशासन के पास पहुंचा तो अभिलेख जांचने के बाद चिह्नित जमीन मेडिकल कॉलेज की ही निकली। इसके बाद अब वन स्टॉप सेंटर के लिए प्रशासन नई जगह तलाश रहा है।
दरअसल वर्ष 2016 में जिले में सखी वन सेंटर को मंजूरी मिली थी। भवन के अभाव में ब्लॉक रोड स्थित महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के कामकाजी छात्रावास के लिए आवंटित भवन में इसका संचालन शुरू किया गया था। केंद्र सरकार ने भवन निर्माण के लिए करीब 48 लाख रुपये का बजट भी रिलीज कर दिया था लेकिन जिला प्रशासन वर्ष 2019 में भवन निर्माण के लिए जमीन खोज सका और सीएमओ कार्यालय के सामने स्थित 0.7830 हेक्टेयर जमीन को वन स्टॉप सेंटर के लिए आवंटित कर दिया गया था। बीते दिसंबर में आवंटित जमीन पर पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण इकाई ने भवन निर्माण का कार्य शुरू करा दिया था। जमीन में बुनियाद डालने के बाद पिलर खड़े करने का काम चल रहा था कि बीते 30 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग ने उक्त जमीन को मेडिकल कॉलेज की बताकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद मामला जिला प्रशासन के पास पहुंच गया था। डीएम के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज को आवंटित की गई जमीनों के अभिलेख और नक्शे का मिलान किया गया तो वह मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित होना पाई गई थी।
वन स्टॉप सेंटर के निर्माण के लिए जारी गाइइलाइन के अनुसार इसे अस्पताल के आसपास ही स्थापित किया जाना है। जिस जगह पर भवन निर्माण हो रहा था, वह मेडिकल कॉलेज के स्वीकृत कार्ययोजना में है। एसडीएम को नई जगह देखने के निर्देश दिए गए हैं। - रंजना राजगुरु, डीएम।
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दरअसल वर्ष 2016 में जिले में सखी वन सेंटर को मंजूरी मिली थी। भवन के अभाव में ब्लॉक रोड स्थित महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के कामकाजी छात्रावास के लिए आवंटित भवन में इसका संचालन शुरू किया गया था। केंद्र सरकार ने भवन निर्माण के लिए करीब 48 लाख रुपये का बजट भी रिलीज कर दिया था लेकिन जिला प्रशासन वर्ष 2019 में भवन निर्माण के लिए जमीन खोज सका और सीएमओ कार्यालय के सामने स्थित 0.7830 हेक्टेयर जमीन को वन स्टॉप सेंटर के लिए आवंटित कर दिया गया था। बीते दिसंबर में आवंटित जमीन पर पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण इकाई ने भवन निर्माण का कार्य शुरू करा दिया था। जमीन में बुनियाद डालने के बाद पिलर खड़े करने का काम चल रहा था कि बीते 30 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग ने उक्त जमीन को मेडिकल कॉलेज की बताकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद मामला जिला प्रशासन के पास पहुंच गया था। डीएम के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज को आवंटित की गई जमीनों के अभिलेख और नक्शे का मिलान किया गया तो वह मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित होना पाई गई थी।
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वन स्टॉप सेंटर के निर्माण के लिए जारी गाइइलाइन के अनुसार इसे अस्पताल के आसपास ही स्थापित किया जाना है। जिस जगह पर भवन निर्माण हो रहा था, वह मेडिकल कॉलेज के स्वीकृत कार्ययोजना में है। एसडीएम को नई जगह देखने के निर्देश दिए गए हैं। - रंजना राजगुरु, डीएम।
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