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चार कालोनियों के लिए नासूर बन सकता हैं गौतमनगर नाला
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मानसून सत्र को लेकर निगम प्रशासन ने अभी तक कोई तैयारी नहीं की है। घनी बसासत के बीच से गुजर रहे करीब डेढ़ किमी लंबाई के गौतमनगर नाले की तलीझाड़ सफाई नहीं हो पाई है। इससे बरसात के मौसम में चार कॉलोनियों में जलभराव का खतरा बना हुआ है। नाले में जमा कचरा नगरनिगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
बरसात के मौसम में शहर में अधिकांश क्षेत्र का पानी एनएच जसपुर रोड स्थित महेशपुरा की पुलिया से होकर सड़क पार करते हुए गौतमनगर नाले से जाता है। यह नाला कलश मंडप, शिवगौरी बिहार कॉलोनी, कविनगर, आदर्शनगर में गुजरता हुआ ढेला नदी में गिरता है। कुछ स्थानों पर नाले की दोनों ओर, कुछ स्थानों पर एक ओर की दीवार टूटी हुई है। बाकी नाले का अधिकांश भाग कच्चा है ।
नाला कीचड़युक्त गंदगी से पटा है और उसमें लंबी-लंबी घास खड़ी है। इस नाले से पानी ओवरफ्लो होने के कारण उससे सटी कॉलोनियों में पानी भर जाता है। नाले के गंदे पानी में मच्छर पनपने से संक्रामक रोगों का खतरा बना रहता है। नागरिकों की शिकायत पर पिछले दिनों नगरनिगम ने नाले के कुछ हिस्से की सफाई कराई थी लेकिन नाला फिर चोक हो गया है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि नाले की तलीझाड़ सफाई कर उसे पक्का बनाया जाए। निगम के एसएनए आलोक उनियाल ने बताया कि तीन-चार दिन पहले कलश मंडप के पास सफाई कराई गई थी। आगे भी नाले की सफाई कराई जाएगी।
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गौतमनगर का नाला चार पांच कॉलोनियों से होकर बीच से गुजरता है। कुछ स्थानों पर नाला पक्का और बाकी स्थानों पर कच्चा है। पूरे शहर का पानी इसी नाले से कॉलोनियों में घुसता था जिससे मलेरिया, डेंगू संक्रामक रोग फैलने का खतरा रहता है। मनोज प्रजापति, युवा समाज सेवी।
कोट-
गौतमनगर नाले की तलीझाड़ सफाई न होने से कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति रहती है। खासकर आदर्शनगर में कई छोटी नालियों को नाले में मिलाया गया है। उन्होंने कहा कि नाले को कवर करने के बाद ही जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जा सकती है। अनिल चौहान, पार्षद
तीन दिन पहले मैंने स्वयं खड़े होकर आकांक्षा गार्डन के पास गौतमनगर नाले की सफाई कराई है। कहीं-कहीं कचरा अटका होने के कारण बहाव रुक रहा है। आगे भी नाले की सफाई का अभियान जारी रहेगा।
उषा चौधरी, मेयर नगर निगम, काशीपुर।
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बरसात के मौसम में शहर में अधिकांश क्षेत्र का पानी एनएच जसपुर रोड स्थित महेशपुरा की पुलिया से होकर सड़क पार करते हुए गौतमनगर नाले से जाता है। यह नाला कलश मंडप, शिवगौरी बिहार कॉलोनी, कविनगर, आदर्शनगर में गुजरता हुआ ढेला नदी में गिरता है। कुछ स्थानों पर नाले की दोनों ओर, कुछ स्थानों पर एक ओर की दीवार टूटी हुई है। बाकी नाले का अधिकांश भाग कच्चा है ।
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नाला कीचड़युक्त गंदगी से पटा है और उसमें लंबी-लंबी घास खड़ी है। इस नाले से पानी ओवरफ्लो होने के कारण उससे सटी कॉलोनियों में पानी भर जाता है। नाले के गंदे पानी में मच्छर पनपने से संक्रामक रोगों का खतरा बना रहता है। नागरिकों की शिकायत पर पिछले दिनों नगरनिगम ने नाले के कुछ हिस्से की सफाई कराई थी लेकिन नाला फिर चोक हो गया है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि नाले की तलीझाड़ सफाई कर उसे पक्का बनाया जाए। निगम के एसएनए आलोक उनियाल ने बताया कि तीन-चार दिन पहले कलश मंडप के पास सफाई कराई गई थी। आगे भी नाले की सफाई कराई जाएगी।
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गौतमनगर का नाला चार पांच कॉलोनियों से होकर बीच से गुजरता है। कुछ स्थानों पर नाला पक्का और बाकी स्थानों पर कच्चा है। पूरे शहर का पानी इसी नाले से कॉलोनियों में घुसता था जिससे मलेरिया, डेंगू संक्रामक रोग फैलने का खतरा रहता है। मनोज प्रजापति, युवा समाज सेवी।
कोट-
गौतमनगर नाले की तलीझाड़ सफाई न होने से कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति रहती है। खासकर आदर्शनगर में कई छोटी नालियों को नाले में मिलाया गया है। उन्होंने कहा कि नाले को कवर करने के बाद ही जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जा सकती है। अनिल चौहान, पार्षद
तीन दिन पहले मैंने स्वयं खड़े होकर आकांक्षा गार्डन के पास गौतमनगर नाले की सफाई कराई है। कहीं-कहीं कचरा अटका होने के कारण बहाव रुक रहा है। आगे भी नाले की सफाई का अभियान जारी रहेगा।
उषा चौधरी, मेयर नगर निगम, काशीपुर।