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सिडकुल की तीन एकड़ भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई
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सिडकुल की भूमि पर बनी झोपड़ी को ध्वस्त करता बुलडोजर। संवाद
- फोटो : SITARGANJ
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शक्तिफार्म। सिडकुल की जमीन पर एक गुज्जर परिवार की ओर से कई वर्ष पहले अतिक्रमण कर झोपड़ी बना ली गई थी। अतिक्रमणकारी की ओर से लगभग तीन एकड़ भूमि पर खेती एवं जानवरों का पालन किया जा रहा था। बृहस्पतिवार को एसडीएम तुषार सैनी की ओर से गठित सिडकुल, राजस्व, पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सिडकुल की भूमि को अतिक्रमणमुक्त किया।
किशनपुर रेंज के रेंजर घनश्याम चिनियाल ने कहा कि अलीशेर को मवेशियों की चराई एवं हक हकूक के लिए रनसाली वन क्षेत्र में जगह आवंटित हुई है लेकिन वह आवंटित स्थान पर न रहकर किशनपुर वन क्षेत्र के पास सिडकुल की भूमि पर अतिक्रमण कर रह रहा था। इधर अलीशेर ने बताया कि वह लगभग चार दशक से यहां रह रहे हैं। बिना नोटिस दिए उसकी झोपड़ियां ध्वस्त कर टीम ने आग लगा दी। इस आरोप को सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र सिंह ने निराधार करार देते हुए कहा कि उस जगह पर मवेशियों के लिए पहले से अंगीठी जली हुई थी उसी से आग लग गई थी।
कोट
राजस्व विभाग के अभिलेखों में अलीशेर का कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया और न ही वन विभाग के पास कोई रिकॉर्ड है। अलीशेर को वर्ष 2021 से अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए जा रहे थे। उसकी ओर से स्वयं अतिक्रमण न हटाने पर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनी चार में से दो झोपड़ियों को ध्वस्त कर दो अन्य झोपड़ियों को एक हफ्ते के भीतर हटाने का लिखित निर्देश दिया गया है। लगभग तीन एकड़ सिडकुल की भूमि पर कब्जा कर खेती भी की जा रही थी उसे भी मुक्त करा लिया गया है। - रविंद्र सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, सिडकुल सितारगंज।
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किशनपुर रेंज के रेंजर घनश्याम चिनियाल ने कहा कि अलीशेर को मवेशियों की चराई एवं हक हकूक के लिए रनसाली वन क्षेत्र में जगह आवंटित हुई है लेकिन वह आवंटित स्थान पर न रहकर किशनपुर वन क्षेत्र के पास सिडकुल की भूमि पर अतिक्रमण कर रह रहा था। इधर अलीशेर ने बताया कि वह लगभग चार दशक से यहां रह रहे हैं। बिना नोटिस दिए उसकी झोपड़ियां ध्वस्त कर टीम ने आग लगा दी। इस आरोप को सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र सिंह ने निराधार करार देते हुए कहा कि उस जगह पर मवेशियों के लिए पहले से अंगीठी जली हुई थी उसी से आग लग गई थी।
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राजस्व विभाग के अभिलेखों में अलीशेर का कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया और न ही वन विभाग के पास कोई रिकॉर्ड है। अलीशेर को वर्ष 2021 से अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए जा रहे थे। उसकी ओर से स्वयं अतिक्रमण न हटाने पर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनी चार में से दो झोपड़ियों को ध्वस्त कर दो अन्य झोपड़ियों को एक हफ्ते के भीतर हटाने का लिखित निर्देश दिया गया है। लगभग तीन एकड़ सिडकुल की भूमि पर कब्जा कर खेती भी की जा रही थी उसे भी मुक्त करा लिया गया है। - रविंद्र सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, सिडकुल सितारगंज।
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