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मनरेगा में सिर्फ तीन दिन काम देकर 40 महिलाओं को हटाया
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रुद्रपुर विकास भवन में शिकायत करने पहुंचीं रामेश्वरपुर गांव की महिलाएं।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। मनरेगा में तीन दिन मजदूरी करवाने के बाद सोमवार को ग्राम प्रधान ने लगभग 40 महिलाओं को काम से हटा दिया। विकास भवन में ग्राम प्रधान के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंची महिलाओं की समस्या सुनकर परियोजना निदेशक ने बीडीओ और ग्राम्य विकास अधिकारी को तलब किया।
मनरेगा में 15 वर्षों से मजदूरी करने वाली महिलाओं को इस वर्ष सिर्फ तीन दिन का रोजगार दिया गया जबकि मनरेगा में 100 दिन रोजगार की गारंटी दी जाती है। मनरेगा कार्यों से हटाई गईं महिलाओं ने बताया कि वे रामेश्वरपुर गांव में मजदूरी करती हैं। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान की ओर से उन्हें बेहद कम मजदूरी दी जाती है। ग्राम प्रधान की ओर से रखी गई मेड खुद फैक्ट्री में कार्य करती है। इसका पैसा भी प्रधान को मिलता है जो कि भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह जब वे कार्य करने पहुंचीं तो ग्राम प्रधान की ओर से काम बंद करवा दिया गया और उन्हें भगा दिया गया। पीड़ित महिलाओं ने निष्पक्ष जांच की गुहार लगाते हुए ग्राम प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहां विद्या देवी, राजकुमारी, शीला देवी, रामावती, सुरजीत कौर, शकुंतला, उर्मिला, किसमती, सुरजीत कौर आदि थे। इधर परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी ने कहा कि बीडीओ और ग्राम्य विकास अधिकारी को फोन कर विकास भवन बुलाया गया है। महिलाओं की समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जाएगा।
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मनरेगा में 15 वर्षों से मजदूरी करने वाली महिलाओं को इस वर्ष सिर्फ तीन दिन का रोजगार दिया गया जबकि मनरेगा में 100 दिन रोजगार की गारंटी दी जाती है। मनरेगा कार्यों से हटाई गईं महिलाओं ने बताया कि वे रामेश्वरपुर गांव में मजदूरी करती हैं। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान की ओर से उन्हें बेहद कम मजदूरी दी जाती है। ग्राम प्रधान की ओर से रखी गई मेड खुद फैक्ट्री में कार्य करती है। इसका पैसा भी प्रधान को मिलता है जो कि भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
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उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह जब वे कार्य करने पहुंचीं तो ग्राम प्रधान की ओर से काम बंद करवा दिया गया और उन्हें भगा दिया गया। पीड़ित महिलाओं ने निष्पक्ष जांच की गुहार लगाते हुए ग्राम प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहां विद्या देवी, राजकुमारी, शीला देवी, रामावती, सुरजीत कौर, शकुंतला, उर्मिला, किसमती, सुरजीत कौर आदि थे। इधर परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी ने कहा कि बीडीओ और ग्राम्य विकास अधिकारी को फोन कर विकास भवन बुलाया गया है। महिलाओं की समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जाएगा।
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