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लगातार बारिश ने तोड़कर रख दी किसानों की कमर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 11:07 PM IST
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Civic aminities
सुल्तानपुर पट्टी में बारिश से गिरी धान फसल। संवाद - फोटो : KASHIPUR
काशीपुर/सुल्तानपुर पट्टी। तीन दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की कम तोड़ दी है। बारिश से किसानों की 30 फीसदी से अधिक फसल चौपट हो गई है। रविवार को भी बारिश जारी रही रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बरसात के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई जिससे ठंड का एहसास भी हुआ।
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बीती सात जुलाई से शुरू हुई बारिश से धान और गन्ने की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने से जहां पका धान बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है वहीं गन्ना भी खेतों में गिर गया गया। धान नही कटने के कारण क्रय केंद्र भी सूने पड़े हैं। बालियों के वजन और लबालब पानी से भरे खेतों में फसल बिछ गई है जिससे दाना काला पड़ने और सड़ने की समस्या उत्पन्न हो गई है।
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धान गिरने से खेतों में कंबाइन भी नहीं चल पाएगी। लगातार बारिश से धान की नमी बढ़कर 25 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गई है जबकि सरकारी खरीद के लिए नमी का मानक 17 प्रतिशत होता है। आरएफसी के फील्ड निरीक्षक रविराज ने बताया कि अभी तक धान की सरकारी खरीद नहीं हो सकी है। कुंडेश्वरी के किसान नेता संजय चौधरी ने बताया कि बरसात के कारण फसल में कीट उत्पन्न हो गए हैं और फंगस की समस्या भी दिखने लगी है। संजय ने बताया कि क्षेत्र में बरसात से धान और गन्ने की फसल को 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है।
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इधर सुल्तानपुर पट्टी में भी बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। धान, मिर्च, भिंडी, सरसों, बैगन, गोभी, गन्ने आदि की तैयार फसल तेज हवा चलने और बारिश से बिछ गई है और सड़ने लगी है। क्षेत्र में किसानों की सैकड़ों एकड़ धान की फसल तेज बारिश से खराब होने की कगार पर आ गई है।
सरकार जल्द सर्वे कराकर मुआवजे की घोषणा करे : आर्य
बाजपुर। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राज्य में बारिश ने किसानों की फसल को बर्बाद कर दिया है। किसानों के खेतों में पानी भर गया है जिससे खेतों में खड़ी फसल खराब हो गई है। ऐसे में किसानों के सामने उसकी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। जहां कल तक किसानों की फसल लहलहा रही थी वहां अब बारिश का पानी खेतों में लबालब भरा हुआ नजर आ रहा है। त्योहार आने की खुशी में किसान जल्द से जल्द अपनी खेती-किसानी का काम निपटाने की सोच रहे थे लेकिन बारिश ने किसानों के उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द खराब फसलों का सर्वे करवाकर मुआवजे की घोषणा करनी चाहिए। संवाद

बारिश से नष्ट हुई फसलों का सरकार दें मुआवजा : बाजवा
बाजपुर। भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक एवं किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि क्षेत्र में हो रही बारिश से धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। प्रदेश सरकार को क्षेत्र को बाढ़ ग्रस्त घोषित कर किसानों को शत प्रतिशत मुआवजा देना चाहिए। कहा कि बेमौसम बरसात से उड़द, सोयाबीन और धान की फसलें जहां भी पककर तैयार हो गई थीं, सब बर्बाद हो गई हैं। खेतों में खड़ी गन्ने की फसल भी गिर रही है। बरसात के चलते गन्ने और लाही की बुवाई में भी काफी देरी होगी। किसान पहले ही कर्ज के बोझ में दबे है। बारिश की मार से मजदूर किसानों की स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी। उन्होंने फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। संवाद
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