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ईसाई समाज ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/बाजपुर।
Updated Wed, 02 Sep 2015 12:43 AM IST
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ईसाई समाज के लोगों ने एसडीएम कोर्ट पर प्रदर्शन कर पेशकार एसके बुढलाकोटी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कब्रिस्तान के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की।
गांव इंदिरा कालोनी निवासी एक व्यक्ति की मृत्यु होने पर ईसाई समाज के लोगों उसे दफनाने के लिए गांव की परिधि के अंतर्गत कब्रिस्तान के लिए भूमि की मांग की। तहसीलदार सुदेश चंद ने भूमि तलाश कर समस्या का हल करने का भरोसा दिया।
मंगलवार को सपा श्रम प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव और अनिल वाल्मीकि के नेतृत्व में ईसाई समाज के लोग एकत्र होकर एसडीएम कोर्ट पहुंचे। बताया कि गांव इंदिरा कालोनी में ईसाई समाज के करीब 24 परिवार रहते हैं। उनके सदस्यों की मृत्यु होने पर शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान नहीं है।
लंबे समय से समाज के लोग भूमि की मांग करते रहे हैं। सोमवार शाम राजेंद्र मैसी की मृत्यु हो चुकी है। जब तक कब्रिस्तान की भूमि नहीं मिलती, उसका दफन नहीं किया जाएगा। बाद में तहसीलदार सुदेश चंद के हस्तक्षेप पर सेंट मैरी स्कूल के पास दफनाया गया।
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उत्तराखंड वाल्मीकि दलित समाज सुधार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वाल्मीकि ने बताया कि ईसाई समाज को कब्रिस्तान की भूमि मिलने के बाद वहां शव दफनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहां रमेश, मतलूब, संजीव, कृष्णावतार प्रेमी, रोजलीन, रानी, रामकली, कमलेश, प्रियंका, जावेत्री, दलीप सिंह आदि थे।
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गांव इंदिरा कालोनी निवासी एक व्यक्ति की मृत्यु होने पर ईसाई समाज के लोगों उसे दफनाने के लिए गांव की परिधि के अंतर्गत कब्रिस्तान के लिए भूमि की मांग की। तहसीलदार सुदेश चंद ने भूमि तलाश कर समस्या का हल करने का भरोसा दिया।
मंगलवार को सपा श्रम प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव और अनिल वाल्मीकि के नेतृत्व में ईसाई समाज के लोग एकत्र होकर एसडीएम कोर्ट पहुंचे। बताया कि गांव इंदिरा कालोनी में ईसाई समाज के करीब 24 परिवार रहते हैं। उनके सदस्यों की मृत्यु होने पर शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान नहीं है।
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लंबे समय से समाज के लोग भूमि की मांग करते रहे हैं। सोमवार शाम राजेंद्र मैसी की मृत्यु हो चुकी है। जब तक कब्रिस्तान की भूमि नहीं मिलती, उसका दफन नहीं किया जाएगा। बाद में तहसीलदार सुदेश चंद के हस्तक्षेप पर सेंट मैरी स्कूल के पास दफनाया गया।
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उत्तराखंड वाल्मीकि दलित समाज सुधार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वाल्मीकि ने बताया कि ईसाई समाज को कब्रिस्तान की भूमि मिलने के बाद वहां शव दफनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहां रमेश, मतलूब, संजीव, कृष्णावतार प्रेमी, रोजलीन, रानी, रामकली, कमलेश, प्रियंका, जावेत्री, दलीप सिंह आदि थे।