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Udham Singh Nagar News: चाइल्ड हेल्पलाइन ने बेटियों की सुनीं आपबीती
Thu, 01 Aug 2024 02:54 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 01 Aug 2024 02:54 AM IST
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काशीपुर। मुफलिसी में जीवन गुजार रही अनाथ बेटियों का हाल जानने चाइल्ड हेल्पलाइन की सदस्य काशीपुर पहुंचीं। उन्होंने भीषण गर्मी में बिना बिजली के अंधेरे में रह रही बेटियों की आपबीती सुनकर रिपोर्ट तैयार कर ली है।
टांडा उज्जैन निवासी ओमप्रकाश पत्नी सुनीता व तीन बेटियों तनुश्री, अनुश्री और मनुश्री के साथ रहते थे। वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। करीब 15 साल पहले उनकी मृत्यु हो गई। पांच साल बाद उनकी पत्नी का भी स्वर्गवास हो गया। सिर से माता-पिता का साया उठने के बाद बेटियां अनाथ हो गईं। बेटियां बचपन से अफसर बनने का सपना संजोए हुए हैं लेकिन आर्थिक तंगी रोड़ा बनी हुई है। 26 जुलाई को अमर उजाला में समाचार प्रकाशित हुआ था। इसका संज्ञान लेकर बाल कल्याण समिति सदस्य हरनीत कौर ने चाइल्ड हेल्पलाइन को पत्र लिखा।
बुधवार दोपहर चाइल्ड हेल्पलाइन ऊधमसिंह नगर की केस वर्कर दीपा मेहरा काशीपुर पहुंची। उन्होंने बेटियों और उनकी दादी व ताई से वार्ता की। बताया कि बेटियों के पिता की मृत्यु के बाद उनकी मां का विवाह चाचा के साथ कर दिया गया। उस समय बेटियां बहुत छोटी थी। मां की मृत्यु होने के बाद चाचा दूसरी शादी करके कहीं चला गया। अब बेटियों का कोई सहारा नहीं है। घर में लगा बिजली कनेक्शन भी कट चुका है। करीब नौ महीने से बिना बिजली के ही जीवन गुजार रही है। हेल्पलाइन सदस्य दीपा मेहरा ने बताया कि बेटियों को सरकार से आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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टांडा उज्जैन निवासी ओमप्रकाश पत्नी सुनीता व तीन बेटियों तनुश्री, अनुश्री और मनुश्री के साथ रहते थे। वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। करीब 15 साल पहले उनकी मृत्यु हो गई। पांच साल बाद उनकी पत्नी का भी स्वर्गवास हो गया। सिर से माता-पिता का साया उठने के बाद बेटियां अनाथ हो गईं। बेटियां बचपन से अफसर बनने का सपना संजोए हुए हैं लेकिन आर्थिक तंगी रोड़ा बनी हुई है। 26 जुलाई को अमर उजाला में समाचार प्रकाशित हुआ था। इसका संज्ञान लेकर बाल कल्याण समिति सदस्य हरनीत कौर ने चाइल्ड हेल्पलाइन को पत्र लिखा।
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बुधवार दोपहर चाइल्ड हेल्पलाइन ऊधमसिंह नगर की केस वर्कर दीपा मेहरा काशीपुर पहुंची। उन्होंने बेटियों और उनकी दादी व ताई से वार्ता की। बताया कि बेटियों के पिता की मृत्यु के बाद उनकी मां का विवाह चाचा के साथ कर दिया गया। उस समय बेटियां बहुत छोटी थी। मां की मृत्यु होने के बाद चाचा दूसरी शादी करके कहीं चला गया। अब बेटियों का कोई सहारा नहीं है। घर में लगा बिजली कनेक्शन भी कट चुका है। करीब नौ महीने से बिना बिजली के ही जीवन गुजार रही है। हेल्पलाइन सदस्य दीपा मेहरा ने बताया कि बेटियों को सरकार से आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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