फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Challenging to find solutions to agricultural problems with new technologies: Governor

नई तकनीकों से कृषि समस्याओं का समाधान खोजना चुनौतीपूर्ण: राज्यपाल

Sun, 26 Feb 2023 10:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Sun, 26 Feb 2023 10:07 PM IST
विज्ञापन
Challenging to find solutions to agricultural problems with new technologies: Governor
- छोटी जोत के किसानों तक शोध और तकनीकों को पहुंचाने की जरूरत
विज्ञापन

- मेले के दूसरे दिन राज्यपाल का किसानों को वर्चुअल संबोधन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंतनगर। अखिल भारतीय किसान मेले और कृषि उद्योग प्रदर्शनी के दूसरे दिन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने वर्चुअल माध्यम से गांधी हाल में किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पंतनगर विवि तकनीक के क्षेत्र में अग्रसर है और नई तकनीक से कृषि समस्याओं का समाधान खोजना चुनौतीपूर्ण कार्य है। कहा कि हरित क्रांति की जननी पंतनगर विवि किसानों के लिए तकनीकी, नवाचार, अनुसंधान आदि कार्यों में तत्पर है। विवि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के मिशन के साथ मिलकर किसानों की आय दोगुनी करने का प्रधानमंत्री का सपना साकार कर रहा है।
विवि की नई तकनीकों और अनुसंधान को पहाड़ी क्षेत्र के छोटी जोत के किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। 3000 से ज्यादा कृषि स्टार्टअप नवाचार के रूप में स्थापित किए गए हैं। भारतीय किसानों के लिए यह वर्ष महत्वपूर्ण है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र की ओर से अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया है। पहाड़ों पर मोटे अनाजों को उगाने के लिए नई तकनीक की जरूरत है। उन्होंने ‘श्री अन्न’ को आजीविका का आधार बताते हुए विवि के पर्वतीय क्षेत्रों के अनुसंधान केंद्रों पर चलाई जा रही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती की विकसित तकनीकों को प्रदर्शन के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में विलुप्त हो रही प्रजातियों का संरक्षण करने की बात कही। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के प्रश्नों का भी समाधान किया।
विज्ञापन

कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि मेले में लगभग 5000 किसानों ने भ्रमण कर विवि से विकसित फसल प्रजातियों और तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। देश ही नहीं विदेशों में भी विवि से विकसित 330 से अधिक प्रजातियों का उपयोग किया जा रहा है। निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि इस वर्ष मेले में मोटे अनाजों के स्टाॅलों पर कृषक बढ़ चढ़कर जानकारी ले रहे हैं। शोध निदेशालय की ओर से मिलेट पर लिखित पुस्तक का राज्यपाल ने विमोचन भी किया। वहां पर निदेशक शोध डॉ. एएस नैन और अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

--- इंसेट
किसान मेले में बिके पांच लाख के बीज
पंतनगर। किसान मेले में विवि के विभिन्न केंद्रों के स्टाॅलों से खरीफ की विभिन्न फसलों के बीजों की बिक्री हो रही है। मेले के दूसरे दिन दोपहर तक फसल अनुसंधान केंद्र, प्रजनक बीज उत्पादन केंद्र, विवि फार्म और एटिक से करीब पांच लाख रुपये के विभिन्न खरीफ फसलों के बीजों की बिक्री की गई। औषधीय एवं सगंध पौध अनुसंधान केंद्र, आदर्श पुष्प वाटिका, सब्जी अनुसंधान केंद्र, उद्यान अनुसंधान केंद्र और कृषि वानिकी अनुसंधान केंद्र के स्टालों से लगभग 54 हजार रुपये के बीज और पौधों की बिक्री की गई।
प्रकाशन निदेशालय और एटिक के स्टाॅल से लगभग पांच हजार रुपये के प्रकाशनों की बिक्री की गई। इनके अतिरिक्त मेले में लगे निजी क्षेत्र के विभिन्न स्टालों की ओर से भी विभिन्न प्रकार के बीजों और पौधों की बिक्री की गई। मेले के दौरान शैक्षणिक पशुधन प्रक्षेत्र पर संकर बछियों की नीलामी में किसानों ने हिस्सा लिया और दोपहर तक लगभग दो हजार किसानों ने पंजीकरण कराया। विशेष व्याख्यान माला के तहत किसानों को मोटे अनाजों की उन्नत खेती व मूल्यवर्धन से आय बढ़ाने पर विस्तार से बताया गया। गांधी हाल में आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों के फसल, पुष्प, उद्यान, पशुपालन, प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रश्नों का कृषि वैज्ञानिकों ने उत्तर व शंका का समाधान किया। विशेष कार्यक्रम के तहत किसानों को उद्यान केंद्र, औषधीय केंद्र और ट्रीट केंद्र, डेयरी व अन्य अनुसंधान केंद्रों पर भ्रमण भी कराया गया।
== इंसेट:
संयुक्त केवीके स्टाॅल पर मोटे अनाजों के उत्पादों बने आकर्षण
पंतनगर। मेले में विवि के नौ कृषि विज्ञान केंद्रों ने एक संयुक्त स्टाॅल लगाया है। स्टाॅल में अजोला उत्पादन इकाई, मधुमक्खी पालन इकाई, गैनोडर्मा मशरूम उत्पादन के माध्यम से उच्च संरक्षित कृषि उत्पाद के आयाम दर्शाए गए हैं। उच्च गुणवत्ता और अधिक बाजार भाव वाली बेमौसमी सब्जियों और उच्च गुणवत्ता वाले मुर्गी की उन्नत नस्ल के अंडों को भी रखा गया है। खाद्य प्रसंस्करण की विधि से निर्मित जैम, आचार, प्रसंस्करित खाद्य उत्पाद व हथकरघा एवं मोमबत्ती को पोषण सुरक्षा व पारिवारिक आय उपार्जन को दर्शाने के लिए रखा गया है। स्टॉल में उत्तराखंड की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के मडुवे से बने विभिन्न प्रकार के उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया है। संवाद

-- इंसेट:
एप्लिकेशंस ऑफ ड्रोंस पर कार्यशाला संपन्न
पंतनगर। प्रौद्योगिक महाविद्यालय में रविवार को एप्लिकेशंस ऑफ ड्रोंस पर कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक डॉ. राजीव सिंह ने सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी देहरादून और प्रौद्योगिक महाविद्यालय के बीच हुए एमओयू के बारे में बताते हुए विभाग में चल रही ड्रोन संबंधी शोध परियोजनाओं (कम लागत वाले ड्रोन छिड़काव मॉडल, ड्रोन प्रोटेक्शन सिस्टम फॉर हिल फार्म और फसलों में ड्रोन से बीमारियों का पता लगाने) के बारे में बताया। सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी, ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर से आए मास्टर ट्रेनर/विशेषज्ञ शशांक और शुभम ने ड्रोन एप्लिकेशंस के बारे में बताया। उन्होंने ड्रोन के उपकरण, ड्रोन से संबंधित विभिन्न अनुप्रयोगों जैसे कि ट्रैफिक मॉनिटरिंग, आग लगने पर ड्रोन का उपयोग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ड्रोन के उपयोग की जानकारी दी। विभागाध्यक्ष इलेक्ट्रॅानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग डॉ. संजय माथुर ने बताया कि तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है। बताया कि ड्रोन तकनीक बहुत नई और कारगर तकनीक है। इस दौरान कार्यवाहक अधिष्ठाता डॉॅ. देवेंद्र कुमार मौजूद रहे। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed