Murder: बाबा तरसेम की हत्या में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष समेत पांच पर मुकदमा, जानें सभी के नाम
बाबा तरसेम सिंह की हत्या के मामले में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व आईएएस हरबंश सिंह चुघ, पूर्व महासचिव प्रीतम सिंह संधू और डेरा नानक पुरी टांडा के पूर्व सेवादार बाबा अनूप सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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बाबा तरसेम सिंह की हत्या के मामले में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व आईएएस हरबंश सिंह चुघ, पूर्व महासचिव प्रीतम सिंह संधू और डेरा नानक पुरी टांडा के पूर्व सेवादार बाबा अनूप सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। डेरे के सेवादार ने बृहस्पतिवार रात दी तहरीर में गुरुद्वारा साहिब की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने से रोकने पर बाबा तरसेम की हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है।
धार्मिक डेरा कार सेवा के सेवादार जसवीर सिंह निवासी मुंडेली चारूबेटा ने बृहस्पतिवार देर रात नानकमत्ता थाने में सौंपी तहरीर कहा कि 28 मार्च की सुबह बाबा तरसेम सिंह कार सेवा परिसर में बैठकर सेवादारों से कार्य करा रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की बाइक पर सवार दो युवकों ने बाबा के पास पहुंचकर ऑटोमेटिक राइफल से उनको दो गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर वह, जसपाल सिंह और अन्य सेवादार हमलावरों को पकड़ने दौड़े ताे उन्होंने जसपाल पर गोली चला दी, जो लंगर हाल के गेट पर लगी। बाइक चलाने वाले आरोपी का नाम सर्वजीत सिंह निवासी ग्राम मियाविंड जिला तरनतारन (पंजाब) और पीछे हथियार लेकर बैठे आरोपी का नाम अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू उर्फ गंडा ग्राम सिहौरा थाना बिलासपुर जिला रामपुर (यूपी) है।
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तहरीर में कहा गया है कि बाबा तरसेम सिंह गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने से रोकते थे। इस कारण उसने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व महासचिव व तराई महासभा के उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह संधू निवासी ग्राम खेमपुर थाना गदरपुर, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरबंश सिंह चुघ और ग्राम नवाबगंज थाना बिलासपुर जिला रामपुर स्थित डेरे के जत्थेदार बाबा अनूप सिंह पर हत्या की साजिश में शामिल होने का शक जताया है। तहरीर में बताया कि गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के सेवादार रक्षपाल सिंह ने पूर्व महासचिव प्रीतम सिंह संधू के खिलाफ अपने भाई को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था। बाबा तरसेम सिंह रक्षपाल की मदद करते थे। उपरोक्त नामजद दो व्यक्तियों के अलावा कुछ अन्य लोगों पर भी हत्याकांड के षड्यंत्र में शामिल होने का शक जताया है। पुलिस ने आरोपियों लोगों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302, 120 बी व 34 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी हैं।
स्थानीय स्तर पर हथियार उपलब्ध कराने का अंदेशा
सेवादार ने बताया कि हत्यारोपी नानकमत्ता किसी अन्य वाहन से आए थे। हत्याकांड में प्रयुक्त बाइक व हथियार साजिश में शामिल स्थानीय व्यक्ति की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। हत्यारोपियों को वारदात से दो दिन पहले डेरे में घूमते देखा गया था।
हत्या की जिम्मेदारी लेने का पोस्ट वायरल
सोशल मीडिया पर हत्या के मामले में नामजद आरोपी सर्वजीत सिंह के नाम से बनी आईडी से एक पोस्ट की गई है। इसमें हत्या की जिम्मेदारी ली गई। पुलिस का कहना है कि अकाउंट की सत्यता की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों को दिए हत्याकांड के शीघ्र खुलासे के निर्देश
बाबा तरसेम सिंह की हत्याकांड के बाद शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड अभिनव कुमार नानकमत्ता पहुंचे। उन्होंने डेरा कार सेवा परिसर में घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हत्याकांड के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए।
दोपहर बाद हेलीकॉप्टर से नानकमत्ता पहुंचे पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार हेलीपेड पर उतरकर सीधे कार सेवा डेरा पहुंचे। जहां उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अब तक मिले सभी महत्वपूर्ण सुरागों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद डेरा कार सेवा के कमरे में डीपीजी ने बाबा सुरेंद्र सिंह, बाबा श्याम सिंह और सेवादारों के साथ वार्ता की। उन्होंने सभी से धैर्य बनाए रखने के लिए कहा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हत्याकांड के शीघ्र खुलासे को लेकर सभी एंगल पर कार्य करने को कहा।
इसके बाद पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि एसआईटी समेत पुलिस की सभी टीमें हत्यारोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। लगातार दबिशें दी जा रही हैं। हत्याकांड का शीघ्र खुलासा किया जाएगा। वहां पर डीआईजी योगेंद्र रावत, नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एसपी सिटी रुद्रपुर मनोज कत्याल, अभय सिहं, सीओ कविता वडोला, विमल रावत आदि थे।