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थ्री व्हीलर के नंबर पर दौड़ रहा था भाजपा नेता का डंपर

Sun, 12 Nov 2017 12:32 AM IST
चंदन बंगारी रुद्रपुर।
चंदन बंगारी रुद्रपुर। Updated Sun, 12 Nov 2017 12:32 AM IST
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BJP leader Dumpar was running at number three wheeler
सीज डंपर - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम करने का दावा तो बहुत कर रही है, लेकिन उनकी ही पार्टी के नेता कानूनों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बाजपुर के भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा के डंपर में जो नंबर दर्ज है, वह रोहतक के थ्री व्हीलर का है। गौर करने वाली बात यह है कि फर्जी नंबर वाले डंपर का पंजीकरण वन निगम में भी दर्ज है और इससे जमकर उपखनिज की निकासी भी की गई है। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में भाजपा नेता का कारनामा और वन विभाग की लापरवाही सामने आई है। दो साल पहले बाजपुर के बन्नाखेड़ा निवासी खनन कारोबारी कुलविंदर सिंह किंदा ने गांव के ही रंजीत सिंह के साथ साझेदारी में डंपर खरीदा था। पहले डंपर में एचआर 38 9180 नंबर प्लेट थी। कुछ समय बाद नंबर बदलकर एचआर46सी 9180 कर दिया गया। इसी नंबर को वन निगम में दाबका नदी से उपखनिज की निकासी के लिए पंजीकृत कराया गया था। कुछ समय पहले किंदा और रंजीत के बीच ठन गई। 26 सितंबर 2017 को रंजीत की ओर से किंदा और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट, धमकी के साथ ही चोरी का डंपर होने के संदेह में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने डंपर जब्त कर सुल्तानपुरपट्टी चौकी में खड़ा किया था, लेकिन मजबूत सियासी पकड़ के चलते किंदा का कुछ नहीं बिगड़ सका। आरटीआई में वन निगम से विभिन्न बिंदुओं में सूचनाएं मांगी गईं। जवाब में निगम ने एचआर46सी 9180 नंबर का डंपर कुलविंदर सिंह के नाम दर्ज होने के साथ ही उसकी ओर से जमा की गई आरसी, बीमा और राष्ट्रीय बचत पत्र की प्रमाणित कापी भी दी थी। परिवहन विभाग की वेबसाइट में जब नंबर जांचा गया तो वह रोहतक हरियाणा में किसी सोनू नाम के व्यक्ति का थ्री व्हीलर निकला है। इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि डंपर चोरी का हो सकता है। चौंकाने वाली बात है कि वन निगम ने कागजों की जांच किए बिना डंपर को बैंतखेड़ी गेट पर कैसे पंजीकृत कर दिया। साफ है कि बिना जांच के ही कागजों को जमा कर वाहन पंजीकृत किए जाते हैं। इस मामले में आरटीओ राजीव मेहरा से संपर्क किया गया तो उनका फोन पहुंच से बाहर बताया गया। पुराना साझेदार रंजीत फर्जी कागज तैयार कर फंसा रहा है। डंपर खरीदते समय उन्होंने आधा पैसा हरियाणा के आदमी को दिया था। मेरे खिलाफ मुकदमा जरूर दर्ज है, लेकिन पुलिस जांच कर रही है। जांच के बाद सब साफ हो जाएगा। - कुलविंदर सिंह किंदा, जिला पंचायत सदस्य मामले में कुलविंदर और अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर ही कानूनी र्कारवाई की जाएगी और कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल होगा। - डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी ऊधमसिंह नगर फर्जी नंबर पर डंपर चलने को लेकर मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसी कोई शिकायत आती है तो वह जांच के लिए आरटीओ को भेजेंगे। आरटीओ के स्तर से ही न्यायोचित कार्रवाई होगी। -एसए फारूखी, डीएलएम, वन विकास निगम मेरे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई फर्जी नंबर से वाहन चलाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - अनीता चंद, एआरटीओ प्रशासन, काशीपुर वर्ष 2013 में जब डंपर खरीदा गया था तो उसका नंबर कुछ और था। कुछ समय बाद किंदा ने नंबर बदलकर एचआर46सी 9180 कर दिया। इस नंबर पर रोहतक में थ्री व्हीलर पंजीकृत है। जब मैंने विरोध जताया तो मुझ पर तीन हमले किए गए। फर्जी नंबर का डंपर दाबका नदी से दो साल से अधिक समय से उपखनिज निकासी भी की। कागजों में छेड़छाड़ के आरोप बेबुनियाद हैं। वन निगम से मिले कागजों से साफ है कि डंपर किंदा के नाम पर है। -रंजीत सिंह, किंदा के साझेदार, निवासी बन्नाखेड़ा तो नदी में और भी होंगे फर्जी नंबर के वाहन कोसी और दाबका नदी में उपखनिज निकासी में सैकड़ों डंपर और ट्रैक्टर ट्रालियां पंजीकृत होती हैं। कई वाहन तो ऐसे होते हैं जो सड़क में आने के बजाए गांवों के रास्तों से ही नदी से स्टॉक और क्रशरों में माल पहुंचाते हैं। यह वाहन केवल खनन सीजन में ही नदी में चलते हैं। मुख्य सड़क पर न आने की वजह से ये वाहन परिवहन विभाग या पुलिस की नजरों में नहीं आ पाते हैं। एक पंजीकृत डंपर का नंबर जब थ्री व्हीलर का निकला है तो और भी कुछ वाहन फर्जी नंबरों से चल रहे होंगे, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। यह बात अलग है कि संबंधित विभाग ऐसे वाहनों को तलाशने के लिए कितनी ईमानदारी बरतते हैं। किंदा पर दर्ज हैं एक दर्जन से अधिक मुकदमे जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा पर एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अकेले बाजपुर कोतवाली में ही किंदा के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला, मारपीट, धमकी, सात क्रिमिनल एक्ट, फारेस्ट एक्ट, धोखाधड़ी के 12 मुकदमे दर्ज हैं। किंदा पर रामनगर कोतवाली में तत्कालीन ट्रेनी आईएफएस पर हमले के आरोप में भी मुकदमा दर्ज है। मामले में किंदा को करीब चार महीने जेल में भी काटने पड़े थे। इसके अलावा उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई हो चुकी है। राजनीति में रसूख रखता है किंदा जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा राजनीति में रसूख रखता है। जिस पार्टी की सरकार होती है, वहां किंदा की आमद और पैठ मजबूत रहती थी। पहले किंदा भाजपा में ज्येष्ठ प्रमुख था। लेकिन पिछली कांग्रेस की सरकार में वह कांग्रेस में शामिल हो गया था। लेकिन विधानसभा चुनाव से पूर्व वह आला नेताओं के साथ फिर से भाजपा में आ गया था। कुलविंदर सिंह किंदा की सत्ता में मजबूत पकड़ ही उसके लिए हर बार ढाल बनती रही है। जब भी किंदा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है तो सफेदपोश उसके बचाव में पूरी ताकत के साथ उतर आते हैं। अधिकारियों पर तमाम तरह से दबाव बनाने की कवायद होती है। उसकी वर्तमान सरकार में काबिज एक मंत्री से नजदीकी जगजाहिर है। कहीं फाइनेंस की गाड़ियां तो नहीं खपाई जा रहीं बाजपुर क्षेत्र में कई भारी वाहन पंजाब और हरियाणा के नंबरों के हैं। सूत्रों के मुताबिक उक्त राज्यों से दक्षिण भारत की कंपनियों से फाइनेंस कराने के बाद कई वाहन गायब हो चुके हैं। अंदेशा है कि इन वाहनों को चोरी करने के बाद यहां लाकर खनन कार्यों में खपाया जा रहा है। इनके फर्जी कागजात बनाने वाला गिरोह सक्रिय है। कुछ ऐसी जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। इन पर पुलिस काम कर रही है।
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