छह वार्डों में भाजपा और तीन में कांग्रेस मुकाबले से बाहर
निकाय चुनाव में अधूरी तैयारियों ने सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस की खूब किरकिरी कराई। नजूल पर कब्जा, दो से अधिक बच्चों के नियम और चुनाव लड़ने पर रोक के चलते भाजपा प्रत्याशियों के छह और कांग्रेस के चार प्रत्याशियों का नामांकन खारिज हो गया। स्थिति यह है कि छह वार्डों में कांग्रेस का मुकाबला निर्दलीय या आप प्रत्याशियों से होगा। वहीं, तीन वार्डों में भाजपा के मुकाबले में कांग्रेस नहीं दिखेगी। माना जा रहा है कि दोनों ही सियासी दल मजबूत निर्दलीय प्रत्याशी को अपने पाले में खींचकर समर्थित होने का दावा करने की तैयारी कर रहे हैं।
दरअसल चुनाव की घोषणा होने के बाद भाजपा और कांग्रेस ने आखिरी समय में अपने प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। दोनों पार्टियों का दावा था कि सोच समझकर प्रत्याशियों को टिकट दिए गए हैं। कांग्रेस ने तो टिकट के आवेदकों से नजूल पर कब्जा नहीं होने के शपथ पत्र भी जमा कराए थे। लेकिन, नामांकन पत्रों की जांच में 30 प्रत्याशियों के पर्चे खारिज हो गए। इनमें भाजपा के छह और कांग्रेस के चार प्रत्याशी भी शामिल हैं। पार्टी प्रत्याशियों के पर्चे खारिज होने से दोनों पार्टियों की पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने के दावे हवाई हो गए। नामांकन खारिज होने के बाद संबंधित वार्डों में सियासी समीकरण भी बदल गए हैं। वार्ड नंबर 2, 15, 18, 20, 24 व 28 में कांग्रेस का मुकाबला भाजपा के बजाय निर्दलीय और आप प्रत्याशियों से होगा। इसी तरह से वार्ड 14, 25 व 34 में भाजपा प्रत्याशियों का मुकाबला मुख्य विपक्षी कांग्रेस नहीं बल्कि निर्दलीयों से होगा। इसके अलावा रम्पुरा में भाजपा और कांग्रेस को असंतुष्ट और बागियों का सामना करना पड़ा रहा है। वहां रम्पुरा मध्य और पूर्वी वार्ड में दोनों दलों के प्रत्याशियों की सीधी टक्कर होगी।
सात वार्डों में आप तो दो वार्डों में बसपा ने भी उतारे प्रत्याशी
रुद्रपुर। निकाय चुनाव में पहली बार उतरी आम आदमी पार्टी ने मेयर पद पर प्रत्याशी उतारने के साथ ही सात वार्डों में भी पार्षद के प्रत्याशी उतारे हैं। बसपा ने दो और सपा ने एक वार्ड में पार्षद प्रत्याशी को भी टिकट दिया है। वार्ड नंबर एक में सबसे ज्यादा 10 प्रत्याशी मैदान में हैं।
भाजपा जिन वार्डों से बाहर हुई है, वहां पार्टी निर्दलीयों को समर्थन देगी। स्थानीय स्तर पर टिकट वितरण में चूक हुई है, जिससे कुछ वार्डों में प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए हैं। यह एक सबक भी होगा। दो वार्डों में भाजपा के लोग निर्विरोध पार्षद बने हैं। - राजकुमार ठुकराल, भाजपा विधायक।
- अधूरी नहीं बल्कि पूरी तैयारियों के साथ टिकटों का वितरण किया गया था। अब प्रत्याशियों ने टिकट का आवेदन करते समय पार्टी को अंधेरे में रखा तो उनका नामांकन खारिज हो गया। एक व्यक्ति ने पार्टी सिंबल के अलावा दूसरे वार्ड से निर्दलीय भी नामांकन किया था, उसके दोनों ही पर्चे खारिज हो गए। हमने से टिकट वितरण से पहले सभी के पेपर जांचे थे। - जगदीश तनेजा, महानगर अध्यक्ष, कांग्रेस।