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बैंकों के विलय के विरोध में कार्य बहिष्कार
Thu, 27 Dec 2018 12:38 AM IST
विपिन कुमार
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Published by: विपिन कुमार
Updated Thu, 27 Dec 2018 12:38 AM IST
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प्रदर्शन करते बैंक कर्मी
- फोटो : Amar ujala
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बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और केनरा बैंक के विलय के विरोध में बुधवार को रुद्रपुर के सरकारी और निजी बैंकों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपने निर्णय को वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले बैंक अधिकारी और कर्मचारी पंजाब नेशनल बैंक के सामने एकत्र हुए। उन्होंने सरकार और आईबीए के खिलाफ नारेबाजी की। भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन दिल्ली सर्किल के आंचलिक सचिव और स्थानीय बैंक कर्मचारी मंच के अध्यक्ष अजमेर सिंह ने कहा कि सरकार मनमाने तरीके से बैंकों का विलय कर रही है, जिससे बड़े औद्योगिक घरानों के एनपीए वसूली में परेशानी होगी। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे।
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अधिकारियों, कर्मचारियों ने सरकार के इस निर्णय को अविवेकपूर्ण करार देते हुए नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। इधर लीड बैंक अधिकारी मधुसूदन सुमन ने बताया कि जिले में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल 300 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन प्रभावित रहा। वहां गिरीश शाह, दिनेश शर्मा, जीवन लाल, भरत प्रकाश, ओम प्रकाश, बलवंत, महेश भट्ट, जितेंद्र सती, अरविंद गुप्ता, कमल राम, उदय प्रकाश, नरेश कुमार, देवदर्शन आदि थे।
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राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते बैंकों में कामकाज ठप
काशीपुर। राष्ट्रीयकृत बैंकों के विलय के विरोध में उत्तरांचल बैंक एम्पलॉइज एसोसिएशन के बैनर तले राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते बैंकों में कामकाज ठप रहा। इस दौरान बैंकों में करीब 70 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा।
बृहस्पतिवार को यूनियन के बैनर तले सभी बैंकों की शाखाओं के कर्मी रामनगर रोड स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा के सामने एकत्र हुए। बैंक कर्मियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार वित्त मंत्रालय और आईबीए की कमियों को छिपाने के लिए बॉब, देना और विजया बैंक का विलय कर रही है। इसके पीछे सरकार की मंशा बड़े कॉर्पोरेटों के ऋण दबाने की है।
कर्मियों ने कॉर्पोरेटरों से खराब ऋणों की वसूली जल्द कराए जाने, 11वें वेतन समझौते का पालन किए जाने और बैंको का एनपीए कम करने की मांग की। बैंक कर्मियों ने एसबीआई शाखा से एमपी चौक स्थित बॉब की शाखा तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। वहां कामरेड स्वतंत्र मेहरोत्रा, विनोद जोशी, सत्यपाल शर्मा, अजय आर्य, सुभाष शर्मा, अखिल टंडन, रवि कांबोज, नारीराम, कैलाश गोस्वामी, संजय मार्कण्डेय, देवेंद्र अग्रवाल, दीपक नेगी, डीएस बिष्ट, केके पंत, राजेंद्र अग्रवाल आदि थे। ब्यूरो
बैंक बंद रहने से उपभोक्ता परेशान
बाजपुर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते बुधवार को नगर क्षेत्र की बैंकों में तालाबंदी की गई, जिससे उपभोक्ता परेशान रहे। उत्तराखंड बैंक इंप्लाइज यूनियन के सहायक महामंत्री सुरेश शुक्ला और जिला महामंत्री टीडी जोशी नेतृत्व में दर्जनों कर्मचारी एसबीआई शाखा पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर बैंक शाखाओं का कार्य बंद कराया। वहां एसबीआई, नैनीताल बैंक, ओरिएंटल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, एक्सिस बैंक आदि में कारोबार ठप रहा। वहां आरसी नेगी, मनीष द्विवेदी, प्रभात कुमार, तेजेंदर सिंह, महेश कुमार, प्रताप सिंह, विपिन शर्मा, तुलाराम यादव, जितेंद्र सती, दिनेश जोशी आदि थे।
एटीएम में नहीं मिला कैश, लोग परेशान
काशीपुर। तीन दिन अवकाश और हड़ताल के चलते एटीएम में भी ग्राहकों को कैश नहीं मिला। एटीएम से रुपये निकालने के लिए लोग दिन भर इधर-उधर भागते रहे लेकिन रुपए नहीं मिल सके। बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे पूर्व 22 दिसंबर को चौथे शनिवार का अवकाश, 23 दिसंबर को रविवार का अवकाश रहा और सोमवार को बैंक खुला। मंगलवार को क्रिसमस डे का अवकाश होने के चलते एटीएम में डाला गया कैश खत्म हो गया। मंगलवार की शाम से ही लोग एटीएम से रुपये निकालने के लिए उधर-उधर भागते रहे। कुछ एटीएम में रुपए मिले लेकिन बुधवार को एटीएम खाली हो गए। ग्राहक रुपए निकालने के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक दिन भर भागते रहे। ब्यूरोे
बैंकों के विलय के विरोध में बैंककर्मियों का प्रदर्शन
खटीमा। बैंकों के विलय और वेतन विसंगतियों को लेकर बैंक कर्मचारियों ने बैंक में ताला ठोक कर प्रदर्शन किया। बैंक कर्मियों ने बैंकों का विलय न करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की। वहां भूपेंद्र सेठी, अमित गुप्ता, दिनेश बिष्ट, प्रवीन प्रभाकर, भगवान सिंह, दीप, योगेंद्र मिश्रा, कालीचरन, महेंद्र सिंह राना, मयंक बिष्ट, संजय यादव आदि थे।