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ऑस्ट्रेलिया की इंजीनियर बार्बरा को हिमालय से लगाव
Mon, 18 Feb 2019 12:18 AM IST
अरुण कुमार
मो. यामीन अंसारी
मो. यामीन अंसारी
Published by: अरुण कुमार
Updated Mon, 18 Feb 2019 12:18 AM IST
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ऑस्ट्रेलिया की सॉफ्टवेयर इंजीनियर बार्बरा।
- फोटो : amar ujala
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ऑस्ट्रेलिया की सॉफ्टवेयर इंजीनियर बार्बरा को हिमालय के सौंदर्य से बेहद लगाव है। भारतीय लोगों के जीवन से प्रभावित होकर वह 20 वर्षों से लगातार भारत दौरे पर आ रही हैं। लद्दाख निवासी दोस्त डोलमा के साथ बार्बरा यूएस स्प्रिंग कार्निवाल में शामिल होने पहुंची हैं।
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जिला प्रशासन की ओर से पहली बार यूएस स्प्रिंग कार्निवाल इन यूके का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल होने ऑस्ट्रेलिया के डरबन से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बार्बरा (45) भी रुद्रपुर पहुंची हैं। बार्बरा हैं तो क्रिश्चियन लेकिन वह खुद को बुद्धिस्ट मानती हैं।
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बार्बरा ने बताया कि यूरोपियन देशों समेत वह विश्व के करीब 80 देशों की सैर कर चुकी हैं लेकिन भारत जैसा देश उन्हें कही नहीं मिला। यहां की संस्कृति सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। बताया कि बीते दिसंबर में भारत आकर लद्दाख की सैर की और वहां की संस्कृति को जाना। इस दौरान लद्दाख में महिलाओं को स्वरोजगार देने वाली एनजीओ कर्म भूमि की सदस्य डोलमा से मुलाकात हुई। कहा कि उत्तराखंड में कार्निवाल के आयोजन की जानकारी पर वह दोस्त के साथ रुद्रपुर पहुंची हैं। उनके पिता निधन हो चुका है जबकि मां गृहणी है। बहन सिल्विया डरबन में हृदय रोग विशेषज्ञ हैं।
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देवभूमि को भी करीब से जाना
रुद्रपुर। बार्बरा बताती हैं कि भारत में सबसे सुंदर कश्मीर तो हैं, पर देवभूमि उत्तराखंड भी अपनी सुंदरता का धनी है। पूर्व में वह उत्तरकाशी, गंगोत्री, रुद्रप्रयाग को भी करीब से देख चुकी हैं। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत पहाड़ियों के दीदार किए। कार्निवाल में आने का मौका मिला तो अब नैनीताल भी देख लिया। बताया कि भारत से बेहतर देश अभी तक कोई नहीं लगा। मार्च में वह अपने देश लौट जाएंगी।