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काशीपुर में हर उम्र में बढ़ रहे जोड़ों के दर्द के रोगी
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डॉ. राजीव चौहान, हड्डी रोग विशेषज्ञ
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। क्षेत्र में दिनोदिन जोड़ों का दर्द हर उम्र के लोगों में बढ़ रहा है। इसकी मुख्य वजह बदलती जीवनशैली, खानपान, लगातार लंबे समय तक बैठक कर काम करने से युवा वर्ग पीड़ित हो रहा है।
एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान के मुताबिक जोड़ों के दर्द को अब से कुछ वर्षों पहले तक बुढ़ापे की बीमारी मानी जाती थी लेकिन कुछ वर्षों में यह बीमारी युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है। अब 20 से 40 आयु वर्ग के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष इसकी चपेट में आ रहे हैं। दो-तीन सालों से यह परेशानी बच्चों को भी हो रही है। इसकी मुख्य वजह बदलती जीवनशैली और खानपान है। यह शिकायत उन लोगों में अधिक है जो घंटों तक लैपटॉप या कंप्यूटर पर बैठ कर काम करते हैं।
फास्ट फूड खाने से मांसपेशियां कमजोर हो रहीं हैं। इससे भी गठिया (ऑर्थराइटिस) के रोगी बढ़ रहे हैं। बच्चों के गठिया को जुवेनाइल ऑर्थराइटिस के नाम से जाना जाता है। डॉ. चौहान ने बताया कि अस्पताल में रोजाना करीब 22 नाबालिग गठिया मरीज आ रहे हैं। शरीर में कैल्शियम की कमी से हड्डियों के जोड़ों में यूरिक एसिड जमा हो रहा है। इससे सूजन आ जाती है। इससे जोड़ों के टिश्यू नष्ट होने के कारण जोड़ों में अकड़न और असहनीय दर्द होता है जिसे गठिया का दर्द कहते हैं।
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कैसे पहचानें गठिया रोग
- इस बीमारी में शरीर के जोड़ों में असहनीय दर्द होता है।
- अधिक दर्द होने से बॉडी मूवमेंट में दिक्कत आती है।
- सीढ़िया चढ़ने-उतरने में जोड़ों का दर्द अधिक होता है।
- थकान अधिक होती है और सुबह-शाम दर्द होता है।
कैसे बचें गठिया से
- खाने में कैल्शियम, विटामिन-बी12 और विटामिन-डी का प्रयोग करें।
- शरीर को गर्म रखें और सही तरीके से गर्म कपड़े पहनें।
- ठंडे पानी से हाथ-पैर नहीं धोएं, ठंडा पानी दर्द बढ़ाता है।
- सर्दी के मौसम में हवा से बचे, दर्द बढ़ जाता है।
- गुनगुना पानी पीएं, इससे शरीर में ऐंठन नहीं होगी।
- धूप में बैठकर तेल मालिश करने से आराम मिलता है।
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एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान के मुताबिक जोड़ों के दर्द को अब से कुछ वर्षों पहले तक बुढ़ापे की बीमारी मानी जाती थी लेकिन कुछ वर्षों में यह बीमारी युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है। अब 20 से 40 आयु वर्ग के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष इसकी चपेट में आ रहे हैं। दो-तीन सालों से यह परेशानी बच्चों को भी हो रही है। इसकी मुख्य वजह बदलती जीवनशैली और खानपान है। यह शिकायत उन लोगों में अधिक है जो घंटों तक लैपटॉप या कंप्यूटर पर बैठ कर काम करते हैं।
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फास्ट फूड खाने से मांसपेशियां कमजोर हो रहीं हैं। इससे भी गठिया (ऑर्थराइटिस) के रोगी बढ़ रहे हैं। बच्चों के गठिया को जुवेनाइल ऑर्थराइटिस के नाम से जाना जाता है। डॉ. चौहान ने बताया कि अस्पताल में रोजाना करीब 22 नाबालिग गठिया मरीज आ रहे हैं। शरीर में कैल्शियम की कमी से हड्डियों के जोड़ों में यूरिक एसिड जमा हो रहा है। इससे सूजन आ जाती है। इससे जोड़ों के टिश्यू नष्ट होने के कारण जोड़ों में अकड़न और असहनीय दर्द होता है जिसे गठिया का दर्द कहते हैं।
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कैसे पहचानें गठिया रोग
- इस बीमारी में शरीर के जोड़ों में असहनीय दर्द होता है।
- अधिक दर्द होने से बॉडी मूवमेंट में दिक्कत आती है।
- सीढ़िया चढ़ने-उतरने में जोड़ों का दर्द अधिक होता है।
- थकान अधिक होती है और सुबह-शाम दर्द होता है।
कैसे बचें गठिया से
- खाने में कैल्शियम, विटामिन-बी12 और विटामिन-डी का प्रयोग करें।
- शरीर को गर्म रखें और सही तरीके से गर्म कपड़े पहनें।
- ठंडे पानी से हाथ-पैर नहीं धोएं, ठंडा पानी दर्द बढ़ाता है।
- सर्दी के मौसम में हवा से बचे, दर्द बढ़ जाता है।
- गुनगुना पानी पीएं, इससे शरीर में ऐंठन नहीं होगी।
- धूप में बैठकर तेल मालिश करने से आराम मिलता है।