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भारतीय नौसेना में अफसर बनीं काशीपुर की बेटी आकांक्षा
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काशीपुर। पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए काशीपुर की आकांक्षा मेहरा भारतीय नौसेना में अधिकारी बन गईं। आकांक्षा ने केरल के एझिमाला स्थित इंडियन नेवल एकेडमी में हुई पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। उन्हें चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ गोल्ड मेडल प्रदान किया गया है।
आकांक्षा का परिवार यहां ग्राम भगवंतपुर में रहता है। उनके पिता जयपाल मेहरा बीएसएफ में हवलदार हैं। मां चंपा मेहरा गृहणी हैं। भारतीय नौसेना से पास आउट करने के बाद आकांक्षा की नियुक्ति सब लेफ्टिनेंट के पद पर हुई है। डेढ़ साल की ऑब्जर्वर ट्रेनिंग के बाद वह अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी। आईएनए में हुई पासिंग आउट परेड में आकांक्षा को चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ गोल्ड मेडल मिला है।
आकांक्षा का जन्म 18 मार्च, 1999 को देहरादून में हुआ। उनके पिता जयपाल सुन्सयारों, नैनीताल के मूल निवासी हैं। अपने पिता को वर्दी में देखकर आकांक्षा भी बचपन से ही भारतीय सेना में अफसर बनकर देश सेवा करना चाहती थीं। उनकी शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, जेएलए, जेआरसी बरेली कैंट से हुई। उन्होंने आरजेआईटी ग्वालियर से ऑटोमोबाइल में इंजीनियरिंग की। 2016 में उन्हें बेस्ट एथलीट गर्ल और 2018 में बॉक्सिंग चैंपियन में बेस्ट प्रोमिसिंग प्लेयर का खिताब मिला।
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आईएनए में आठ किमी क्रास कंट्री दौड़ में भी आकांक्षा ने पहला स्थान प्राप्त किया। आकांक्षा की मां चंपा ने बताया कि घर की बड़ी बेटी होने के नाते परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के बाद उसने बगैर कोचिंग किए बैंगलौर से एसएसबी की। आकांक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के अलावा मेहरा परिवार को दिया है।
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आकांक्षा का परिवार यहां ग्राम भगवंतपुर में रहता है। उनके पिता जयपाल मेहरा बीएसएफ में हवलदार हैं। मां चंपा मेहरा गृहणी हैं। भारतीय नौसेना से पास आउट करने के बाद आकांक्षा की नियुक्ति सब लेफ्टिनेंट के पद पर हुई है। डेढ़ साल की ऑब्जर्वर ट्रेनिंग के बाद वह अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी। आईएनए में हुई पासिंग आउट परेड में आकांक्षा को चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ गोल्ड मेडल मिला है।
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आकांक्षा का जन्म 18 मार्च, 1999 को देहरादून में हुआ। उनके पिता जयपाल सुन्सयारों, नैनीताल के मूल निवासी हैं। अपने पिता को वर्दी में देखकर आकांक्षा भी बचपन से ही भारतीय सेना में अफसर बनकर देश सेवा करना चाहती थीं। उनकी शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, जेएलए, जेआरसी बरेली कैंट से हुई। उन्होंने आरजेआईटी ग्वालियर से ऑटोमोबाइल में इंजीनियरिंग की। 2016 में उन्हें बेस्ट एथलीट गर्ल और 2018 में बॉक्सिंग चैंपियन में बेस्ट प्रोमिसिंग प्लेयर का खिताब मिला।
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आईएनए में आठ किमी क्रास कंट्री दौड़ में भी आकांक्षा ने पहला स्थान प्राप्त किया। आकांक्षा की मां चंपा ने बताया कि घर की बड़ी बेटी होने के नाते परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के बाद उसने बगैर कोचिंग किए बैंगलौर से एसएसबी की। आकांक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के अलावा मेहरा परिवार को दिया है।