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फिर निकला नजूल का जिन्न, आरटीआई को बनाया हथियार
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:18 AM IST
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नगर निगम में नवनिर्वाचित मेयर और पार्षदों को नजूल भूमि पर कब्जे को लेकर घेरने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। दो पूर्व सभासदों ने नगर निगम और जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से चुने गए जनप्रतिनिधियों और उनके परिजनों के भू-स्वामित्व के बारे में आरटीआई से सूचना मांगी है।
नगर निगम ने जनप्रतिनिधियों के परिवार के भू-स्वामित्व के संबंध में किसी प्रकार के अभिलेख होने से इनकार कर दिया है। इसके बाद अब इसके खिलाफ अपील की तैयारी हो रही है। बताया जा रहा है कि कुछ पार्षद नजूल भूमि पर कब्जे के मामले में घिर सकते हैं।
दरअसल नजूल पर कब्जे को लेकर पूर्व सभासद रामबाबू की याचिका के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर शासन ने पिछले कार्यकाल में मेयर रही सोनी कोली और 16 पार्षदों पर कार्यकाल खत्म होने के बाद कार्यवाही की थी। इसके बाद निकाय चुनाव में नजूल का मुद्दा जोरशोर से उठा था।
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चुनाव संपन्न होने के बाद अब फिर से नजूल पर कब्जे को लेकर नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को घेरने की कोशिशें की जा रही हैं। इसके लिए आरटीआई को हथियार बनाया जा रहा है। पूर्व सभासद रामबाबू ने बीते 22 नवंबर को आरटीआई से नगर निगम रुद्रपुर और जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मेयर, 40 पार्षदों और उनके परिजनों के भू-स्वामित्व की जानकारी मांगी थी।
इस पर निगम के लोक सूचना अधिकारी ने तीसरे पक्ष की अनापत्ति के बाद वांछित सूचना उपलब्ध कराने और पार्षदों के परिवार को भू-स्वामित्व के संबंध में कार्यालय में अभिलेख नहीं होने की सूचना दी है। निगम ने पूर्व सभासद राजेश सिंह की आरटीआई पर भी यही जवाब दिया है। पूर्व सभासद रामबाबू ने बताया कि जिला निर्वाचन कार्यालय से आरटीआई का जवाब नहीं मिला है। निगम से मिले जवाब के खिलाफ प्रथम अपील की जाएगी। यदि जानकारी नहीं मिली जो राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे।
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नगर निगम ने जनप्रतिनिधियों के परिवार के भू-स्वामित्व के संबंध में किसी प्रकार के अभिलेख होने से इनकार कर दिया है। इसके बाद अब इसके खिलाफ अपील की तैयारी हो रही है। बताया जा रहा है कि कुछ पार्षद नजूल भूमि पर कब्जे के मामले में घिर सकते हैं।
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दरअसल नजूल पर कब्जे को लेकर पूर्व सभासद रामबाबू की याचिका के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर शासन ने पिछले कार्यकाल में मेयर रही सोनी कोली और 16 पार्षदों पर कार्यकाल खत्म होने के बाद कार्यवाही की थी। इसके बाद निकाय चुनाव में नजूल का मुद्दा जोरशोर से उठा था।
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चुनाव संपन्न होने के बाद अब फिर से नजूल पर कब्जे को लेकर नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को घेरने की कोशिशें की जा रही हैं। इसके लिए आरटीआई को हथियार बनाया जा रहा है। पूर्व सभासद रामबाबू ने बीते 22 नवंबर को आरटीआई से नगर निगम रुद्रपुर और जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मेयर, 40 पार्षदों और उनके परिजनों के भू-स्वामित्व की जानकारी मांगी थी।
इस पर निगम के लोक सूचना अधिकारी ने तीसरे पक्ष की अनापत्ति के बाद वांछित सूचना उपलब्ध कराने और पार्षदों के परिवार को भू-स्वामित्व के संबंध में कार्यालय में अभिलेख नहीं होने की सूचना दी है। निगम ने पूर्व सभासद राजेश सिंह की आरटीआई पर भी यही जवाब दिया है। पूर्व सभासद रामबाबू ने बताया कि जिला निर्वाचन कार्यालय से आरटीआई का जवाब नहीं मिला है। निगम से मिले जवाब के खिलाफ प्रथम अपील की जाएगी। यदि जानकारी नहीं मिली जो राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे।