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आखिरकार ठीक हो गई खराब पड़ी ड्रग टेस्टिंग मशीन
ब्यूरो, अमर उजाला, रुद्रपुर
Updated Fri, 15 May 2015 12:50 AM IST
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कई महीनों से खराब पड़ी ड्रग टेस्टिंग मशीन को आखिरकार ठीक कर लिया गया है। विद्युत विभाग की ओर से लैब का कनेक्शन काट दिए जाने से मशीन खराब हो गई थी। इससे दवा जांच का काम प्रभावित हो रहा था। दिल्ली से आए इंजीनियर की मदद से मशीन को सही करा लिया गया है। इससे दवा जांच कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
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रुद्रपुर किच्छा मार्ग में राज्य की इकलौती खाद्य एवं औषधि विश्लेषण प्रयोगशाला स्थापित है। इस लैब में ही राज्यभर से आने वाले दवा और खाद्य पदार्थो के सैंपलों की गुणवत्ता की जांच होती है। शुरुआत से ही लैब समुचित संसाधनों और बजट के अभाव से जूझती आ रही है। बजट की कमी के चलते ही लैब प्रबंधन विद्युत विभाग को समय पर बिल भुगतान नहीं कर पाया। काफी अनुरोध के बाद भी विद्युत विभाग अफसरों ने लैब की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी। 11 दिसंबर 2014 से आपूर्ति बंद रही। 31 मार्च को भुगतान के बाद ही आपूर्ति बहाल हो पाई। मगर इस बीच लैब में रखी गई ड्रग टेस्टिंग मशीन (एफटीआईआर मशीन) खराब हो गई थी। इसकी वजह विद्युत आपूर्ति बंद होना बताया जा रहा है। क्योंकि मशीन के सही रखरखाव के लिए चौबीस घंटे एक समान तापमान होना जरूरी है। हल्की सी नमी होने पर यह मशीन खराब हो जाती है। इस विदेशी मशीन की कीमत करीब तीस लाख रुपए है। स्थानीय स्तर पर इसे सही करने वाले इंजीनियर नहीं हैं। इस पर प्रसिद्ध कंपनी परकीनार्मल के इंजीनियर को बुलाया गया था। मशीन की वारंटी अवधि भी समाप्त हो चुकी थी और करीब 3.50 लाख का खर्च आने का अनुमान लगाया गया। लैब राजकीय विश्लेषक जेआर ध्यानी ने बताया कि दिल्ली से आए इंजीनियर से जांच के बाद मशीन को ठीक कर दिया है। कहा कि कंपनी प्रबंधन से अनुरोध किया गया, इस पर धनराशि नहीं देनी पड़ी। कहा कि अब दवा जांच कार्य में तेजी आ सकेगी। हालांकि बार-बार हो रही विद्युत कटौती को उन्होंने मशीनों के लिहाज से उचित नहीं बताया है।
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