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मलेशिया, थाईलैंड और चीन के बाद अब कोरिया भी उत्तराखंड आने को आतुर

Thu, 20 Apr 2017 12:04 AM IST
भास्कर पोखरियाल/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
भास्कर पोखरियाल/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर Updated Thu, 20 Apr 2017 12:04 AM IST
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After Malaysia, Thailand and China, Korea too desperately wants to come to Uttarakhand
textile industry

पंतनगर सिडकुल में उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिडकुल प्रशासन की पहल पर अब उत्तराखंड में विदेशी निवेश की अपार संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। मलेशिया, थाईलैंड और चीन के बाद अब दक्षिण कोरिया के उद्यमी भी उत्तराखंड में उद्योगों के जरिए निवेश के लिए यहां आ रहे हैं। इसके लिए राज्य के मुख्य सचिव एस. रामास्वामी की ओर से कोरियन इंडस्ट्रीयन को आमंत्रण पत्र भेजा जा चुका है। 

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संभावना जताई जा रही है कि मई के तीसरे सप्ताह में कोरिया एसेंबली से एक शिष्टमंडल उत्तराखंड में निवेश की संभावनाओं को तलाशने के लिए आ रहा है। सिडकुल प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली हैं, वहीं राज्य सरकार की ओर से भी उत्तराखंड में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और राज्य से नौजवानों का पलायन रोकने की दिशा में भी अब प्रयास तेज हो गए हैं। 
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बता दें कि 22 से 24 अप्रैल के बीच उत्तराखंड में चाइना के उद्यमियों की एक टीम निवेश के सिलसिले में यहां आ रही है। इसमें खास बात यह है कि चीन के उद्योगपति इससे पहले हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में निवेश की तैयारी कर रहे थे, लेकिन सिडकुल प्रशासन की पहल ने इन चीनी उद्यमियों का ध्यान उत्तराखंड की ओर आकर्षित करने में कामयाबी हासिल की। 
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चीन की जो कंपनियां हरियाणा पंजाब और राजस्थान में निवेश करने जा रही थी उनमें एसडी पॉलीटैक, टीसी यान लिमिटेड और इनोवेटिस टैक्सटाइल लिमिटेड के साथ ही सिवांता स्पमटैक शामिल हैं। अब यह कंपनियां उत्तराखंड सिडकुल में अपने उद्योगों को स्थापित करेंगी। सिडकुल प्रशासन के मुताबिक अधिकांश विदेशी कंपनियां पंतनगर सिडकुल में ज्यादा निवेश करने के इच्छुक हैं। 

हालांकि 22 से 24 अप्रैल के बीच चीन से जो उद्यमियों का दल आ रहा है वह पहले चरण में हरिद्वार सिडकुल में निवेश के इच्छुक है, क्योंकि हरिद्वार से हवाई सेवा की सुविधा भी मात्र 30-35 किलोमीटर के दायरे में स्थित जौलीग्रांट एयरपोर्ट है। जबकि पंतनगर सिडकुल में हवाई सुविधा मात्र तीन से पांच किमी के क्षेत्रफल में ही मौजूद है, लेकिन यहां से विदेशी माल का आयात और निर्यात के लिए पंतनगर में ही रेलवे और सिडकुल का ज्वाइंट वैंचर कॉनकोर में कस्टम की सुविधा को देखते हुए उद्यमी पंतनगर सिडकुल में भी निवेश को बेहतर मान रहे हैं।


कोरियन एसेंबली से उत्तराखंड सिडकुल में निवेश की दृष्टि से वहां का एक दल मई के तीसरे या चौथे सप्ताह में उत्तराखंड आ रहा है। इसके लिए बाकायदा राज्य सरकार की ओर से हाल ही में चीफ सेक्रेटरी की ओर से एक आमंत्रण पत्र भेजा जा चुका है। यह लोग पंतनगर सिडकुल, सितारगंज, हरिद्वार आदि जगहों में उद्योगों के जरिए निवेश करेंगे।
- डा. आर राजेश, एमडी सिडकुल

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