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गुंडा एक्ट की कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ : तिवारी
Sun, 14 Jun 2026 12:29 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 14 Jun 2026 12:29 AM IST
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रुद्रपुर। श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह पर की जा रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताया है।
शनिवार को नगर के एक धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिन चार एफआईआर को आधार बनाकर गुंडा एक्ट के आरोप में नोटिस भेजा है, उनमें से एक मामले में वह काफी समय पहले ही दोषमुक्त हो चुके हैं। दूसरे मामले में उच्च न्यायालय ने काफ़ी समय पहले स्थगन आदेश देकर रोक लगा दी थी। इससे स्पष्ट है कि पुलिस-प्रशासन ने उक्त दो मामसे अवैध रूप से अपनी रिपोर्ट में शामिल किए हैं। जिला प्रशासन ने नोटिस जारी कर गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि शेष दो केसों पर भी जिला न्यायालय ने दलजीत सिंह को जमानत दी है। जिला प्रशासन दूषित मंशा के तहत पीड़ित मजदूरों की आवाज को दबाने के उद्देश्य से कार्रवाई कर रहा है जिसका विरोध किया जाएगा। संगठन के प्रचार मंत्री हरेंद्र सिंह ने कहा कि मजदूरों की आवाज को दबाने के लिए एक गहरी साजिश के तहत ही गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू की गईं है जिसका डटकर विरोध किया जाएगा।
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संगठन के महामंत्री सौरभ कुमार, सीएसटीयू के केंद्रीय अध्यक्ष मुकुल, कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह, मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा ) के दिनेश चंद्र आदि मौजूद थे।
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शनिवार को नगर के एक धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिन चार एफआईआर को आधार बनाकर गुंडा एक्ट के आरोप में नोटिस भेजा है, उनमें से एक मामले में वह काफी समय पहले ही दोषमुक्त हो चुके हैं। दूसरे मामले में उच्च न्यायालय ने काफ़ी समय पहले स्थगन आदेश देकर रोक लगा दी थी। इससे स्पष्ट है कि पुलिस-प्रशासन ने उक्त दो मामसे अवैध रूप से अपनी रिपोर्ट में शामिल किए हैं। जिला प्रशासन ने नोटिस जारी कर गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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उन्होंने कहा कि शेष दो केसों पर भी जिला न्यायालय ने दलजीत सिंह को जमानत दी है। जिला प्रशासन दूषित मंशा के तहत पीड़ित मजदूरों की आवाज को दबाने के उद्देश्य से कार्रवाई कर रहा है जिसका विरोध किया जाएगा। संगठन के प्रचार मंत्री हरेंद्र सिंह ने कहा कि मजदूरों की आवाज को दबाने के लिए एक गहरी साजिश के तहत ही गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू की गईं है जिसका डटकर विरोध किया जाएगा।
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संगठन के महामंत्री सौरभ कुमार, सीएसटीयू के केंद्रीय अध्यक्ष मुकुल, कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह, मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा ) के दिनेश चंद्र आदि मौजूद थे।