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नंबरों में गोलमाल कर बच्चों को फेल करने का आरोप
Tue, 28 May 2019 12:09 AM IST
yashwant yashwant
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: yashwant yashwant
Updated Tue, 28 May 2019 12:09 AM IST
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पंतनगर के कैंपस स्कूल के विद्यार्थी की कॉपी में नंबरों से की गई छेड़छाड़।
- फोटो : अमर उजाला
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कैम्पस स्कूल में कक्षा 11 के करीब 17 विद्यार्थियों को फेल होने का मामला प्रकाश में आया है। अभिभावकों का आरोप है कि कई बार फेल छात्रों की मार्कशीट के लिए प्रधानाचार्य से गुहार लगाई गई। इधर, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्र जो तीन-तीन विषयों में फेल हुए थे, उन्हें पूरक परीक्षा देने के भी दो अवसर दिए गए लेकिन वे इसमें भी असफल रहे। अभिभावकों ने प्रबंधक से कॉपी की दोबारा जांच कराकर उनके बच्चों के साथ न्याय करने की गुहार लगाई। प्रबंधक ने उचित निर्णय लेने का भरोसा दिलाया है।
सोमवार को फेल विद्यार्थियों के अभिभावक प्रधानाचार्य से मिले, जिस पर उनमें नोकझोंक भी हुई। इसके बाद प्रधानाचार्य ने फेल छात्र की कॉपी उपलब्ध कराई। आरोप लगाया कि भौतिक विज्ञान की कॉपी में 60 में से 22.5 नंबर देने के बाद दूसरी चेकिंग में उसके नंबर 60 में से घटाकर 18.5 कर दिए गए। कॉपी में कई जगह नंबरों के साथ छेड़छाड़ की गई है। अभिभावकों ने बताया कि इस घटना से उनके बच्चाें में कुंठा जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
इधर प्रधानाचार्य पीसी पाठक ने बताया कि कोई भी शिक्षक कम नंबर नहीं दे सकता है। बच्चों को हर स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित ही किया जाता है। लेकिन सालभर हुई चार परीक्षाओं में ये बच्चे पास नहीं हो सके थे। कहा कि अभिभावक कहीं भी कॉपी किसी विषय विशेेषज्ञ से जंचवाने को स्वतंत्र हैं। स्कूल के परीक्षकों की ओर से कोई गलती नहीं की गई है। नंबरों में कहीं भी कटिंग नहीं की गई है। कहा कि कापी के पहले पन्ने में परीक्षक ने कुछ लिख दिया होगा, लेकिन इसे अंकों के साथ जोड़ना गलत है।
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सोमवार को फेल विद्यार्थियों के अभिभावक प्रधानाचार्य से मिले, जिस पर उनमें नोकझोंक भी हुई। इसके बाद प्रधानाचार्य ने फेल छात्र की कॉपी उपलब्ध कराई। आरोप लगाया कि भौतिक विज्ञान की कॉपी में 60 में से 22.5 नंबर देने के बाद दूसरी चेकिंग में उसके नंबर 60 में से घटाकर 18.5 कर दिए गए। कॉपी में कई जगह नंबरों के साथ छेड़छाड़ की गई है। अभिभावकों ने बताया कि इस घटना से उनके बच्चाें में कुंठा जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
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इधर प्रधानाचार्य पीसी पाठक ने बताया कि कोई भी शिक्षक कम नंबर नहीं दे सकता है। बच्चों को हर स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित ही किया जाता है। लेकिन सालभर हुई चार परीक्षाओं में ये बच्चे पास नहीं हो सके थे। कहा कि अभिभावक कहीं भी कॉपी किसी विषय विशेेषज्ञ से जंचवाने को स्वतंत्र हैं। स्कूल के परीक्षकों की ओर से कोई गलती नहीं की गई है। नंबरों में कहीं भी कटिंग नहीं की गई है। कहा कि कापी के पहले पन्ने में परीक्षक ने कुछ लिख दिया होगा, लेकिन इसे अंकों के साथ जोड़ना गलत है।
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