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Udham Singh Nagar News: तीन किलोमीटर में गड्ढों का जाल, आकांक्षा गार्डन रोड पर हर सफर जोखिमभरा

Mon, 20 Jul 2026 12:42 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Mon, 20 Jul 2026 12:42 AM IST
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A three-kilometer network of potholes makes every journey on Akanksha Garden Road risky.
काशीपुर। आकांक्षा गार्डन रोड की बदहाल स्थिति से क्षेत्रवासियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। करीब तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर जगह-जगह कई फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ गया है।
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इस सड़क से प्रतिदिन हजारों लोग आकांक्षा गार्डन, ढकिया गुलाबो और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन करते हैं। स्कूल वैन, एंबुलेंस, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। गड्ढों से बचने के प्रयास में बच्चे और बुजुर्ग अक्सर चोटिल हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई ई-रिक्शा चालक इस मार्ग पर आने से इनकार कर यात्रियों को हाईवे पर ही उतार देते हैं। रात में बिजली गुल होने पर स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। व्यापारियों के अनुसार सड़क की बदहाली और बारिश में जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
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आखिर क्यों हो रही अनदेखी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि नगर निगम 101.60 करोड़ रुपये से सड़क निर्माण और विकास कार्य कराने का दावा करता है, लेकिन पिछले तीन-चार वर्षों से आकांक्षा गार्डन रोड की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका सवाल है कि जब यहां हजारों लोग रहते हैं तो जनप्रतिनिधि इस सड़क के निर्माण को प्राथमिकता क्यों नहीं दे रहे।
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चंदा जुटाकर खुद भरते हैं गड्ढे
स्थानीय लोगों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों से निराश होकर कई बार उन्होंने स्वयं चंदा एकत्र कर फैक्टरी की काली राख और रोड़े डलवाकर गड्ढे भरने का प्रयास किया। हालांकि बारिश के बाद सड़क फिर से उखड़ जाती है और गहरे गड्ढे बन जाते हैं।


क्या बोले क्षेत्रवासी :
- नेता जब चुनाव आते हैं तब सक्रिय हो जाते हैं और बड़े-बड़े दावे करते हैं। इसके बाद क्षेत्रवासियों का दुख-दर्द सुनने कोई यहां आता तक नहीं है। -विजय सिंह सैनी

- विधायक एक बार ही उनके क्षेत्र की एक गली में सड़क का शिलान्यास करने आए थे। उसके बाद तो पीछे मुड़कर तक नहीं देखा। -अरुण सैनी

- जब मेयर क्षेत्र में दर्जनों सड़कों को करोड़ों खर्च करके बनवा रहे हैं। ऐसे में आकांक्षा गार्डनवासियों की इस पीड़ा को क्यों नहीं देखते हैं। -
सचिन कुमार गुप्ता

- क्षेत्र के पार्षद से कई बार लोग अपना दर्द बयां कर चुके हैं। उनका कहना होता है कि एस्टीमेंट बन गया है। फिर भी आज तक सड़क नहीं बनी। -अमित कुमार
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