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बाजार में दिखेगा एक किलो का अमरूद
Udham singh nagar
Updated Sat, 05 Jan 2013 05:30 AM IST
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काशीपुर। अगर आपको बाजारों में एक किलो वजन का अमरूद दिखे तो चौंकिएगा मत। लंबे शोध के बाद तैयार किए गए नई नस्ले के हाईटैक अमरूद जल्द ही बाजार में नजर आएंगे। इनकी खास बात ये है कि इनका वजन 700 ग्राम से एक किलो तक हो सकता है। इस हाईटैक अमरूद को काशीपुर कलेक्शन के नाम से बाजारों में उतारा जाएगा। राजकीय उद्यान केंद्र में लंबे शोध के बाद तैयार इस अमरुद की पौध प्रयोग के तौर पर चतुर्वेदी उद्यान एवं हाईटैक नर्सरी में उगाया गया है। पहली बार इसमें लगे फलों बाजार में उतारने की योजना है।
राजकीय उद्यान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डा.ब्रजेश गुप्ता ने लंबी मेहनत और रिसर्च के बाद अमरुद की नई प्रजाति तैयार की। प्रयोग के तौर पर इसे चतुर्वेदी उद्यान व नर्सरी, रामनगर रोड में लगाया गया था। जब पहली बार फल आए तो उद्यान स्वामी सतांशु चतुर्वेदी इसमें लगे फलों का साइज देखकर चौंक गए। एक-एक दाना 700 ग्राम से एक किलो वजन तक का था। इसका स्वाद भी काफी अच्छा था। फलों के वजन से इसका पेड़ पूरी तरह लदकर जमीन पर आ गया था। डा.गुप्ता नेजब फार्म का निरीक्षण किया तो वह भी अचंभे में रह गए। डा.गुप्ता ने बताया कि काशीपुर क्लेक्शन अमरुद परंपरागत अमरूद से हट कर है। इसका वजन 700 सौ ग्राम से एक किलो तक का होगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पेड़ से तोड़ने के बाद एक सप्ताह बाद तक इसका स्वाद खराब नहीं होता है। यह कम मिठास परंतु नाशपाती जैसे स्वाद वाला है। यह शुगर के रोगियों के लिए लाभदायक हो सकता है। इसका बाहरी छिलका अपेक्षाकृत सख्त परंतु गूदा सेब जैसा नरम और कम बीज वाला है।
डा.गुप्ता ने बताया कि यह व्यवसायिक उत्पादन के लिए अच्छा है। चतुर्वेदी नेे बताया कि उनके बाग में अमरूद के सभी हाईटैक प्रजातियों के पेड़ और पौध हैं, परंतु काशीपुर क्लेक्शन में औसतन सबसे अधिक फल आए। डा.गुप्ता ने काशीपुर कलेक्शन अमरुद को भविष्य का अमरुद बताकर कहा कि इसमें निर्यात करने लायक सभी गुण हैं।
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राजकीय उद्यान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डा.ब्रजेश गुप्ता ने लंबी मेहनत और रिसर्च के बाद अमरुद की नई प्रजाति तैयार की। प्रयोग के तौर पर इसे चतुर्वेदी उद्यान व नर्सरी, रामनगर रोड में लगाया गया था। जब पहली बार फल आए तो उद्यान स्वामी सतांशु चतुर्वेदी इसमें लगे फलों का साइज देखकर चौंक गए। एक-एक दाना 700 ग्राम से एक किलो वजन तक का था। इसका स्वाद भी काफी अच्छा था। फलों के वजन से इसका पेड़ पूरी तरह लदकर जमीन पर आ गया था। डा.गुप्ता नेजब फार्म का निरीक्षण किया तो वह भी अचंभे में रह गए। डा.गुप्ता ने बताया कि काशीपुर क्लेक्शन अमरुद परंपरागत अमरूद से हट कर है। इसका वजन 700 सौ ग्राम से एक किलो तक का होगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पेड़ से तोड़ने के बाद एक सप्ताह बाद तक इसका स्वाद खराब नहीं होता है। यह कम मिठास परंतु नाशपाती जैसे स्वाद वाला है। यह शुगर के रोगियों के लिए लाभदायक हो सकता है। इसका बाहरी छिलका अपेक्षाकृत सख्त परंतु गूदा सेब जैसा नरम और कम बीज वाला है।
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डा.गुप्ता ने बताया कि यह व्यवसायिक उत्पादन के लिए अच्छा है। चतुर्वेदी नेे बताया कि उनके बाग में अमरूद के सभी हाईटैक प्रजातियों के पेड़ और पौध हैं, परंतु काशीपुर क्लेक्शन में औसतन सबसे अधिक फल आए। डा.गुप्ता ने काशीपुर कलेक्शन अमरुद को भविष्य का अमरुद बताकर कहा कि इसमें निर्यात करने लायक सभी गुण हैं।
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