{"_id":"5b4b96d34f1c1b3d748b50a3","slug":"91531680467-udham-singh-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभाग का दावा, जनरेटर के बैक करंट से हुई वीरपाल की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभाग का दावा, जनरेटर के बैक करंट से हुई वीरपाल की मौत
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। लालपुर में हाइटेंशन लाइन के पोल पर काम कर रहे युवक की करंट से हुई मौत से विभाग में खलबली मची है। अधिशासी अभियंता ने घटना की वजह शटडाउन वापस होना नहीं, बल्कि किसी फैक्ट्री के जनरेटर से बैक करंट आना बताया है।
उन्होंने मामले की रिपोर्ट सोमवार को एसई को सौंपेंगे। इसके बाद ही एसई के निर्देश पर जांच कमेटी गठित होगी।
बता दें कि शनिवार को झकझोरा फार्म मोड पर औद्योगिक आस्थान को जाने वाली विद्युत लाइन में फाल्ट की शिकायत पर लाइनमैन तुलाराम ने एसडीओ की अनुमति से शटडाउन लिया था। इसके बाद वीरपाल पुत्र गंगाराम निवासी बंगाली कॉलोनी पुलभट्टा 11 हजार केवीए के पोल पर लाइन ठीक करने के लिए चढ़ा था।
इसी बीच अचानक लाइन में करंट दौड़ने से वह झुलसकर जमीन पर गिर गया और जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इधर, शटडाउन लेने के बाद लाइन में करंट दौड़ने से विभाग में खलबली मच गई। आनन-फानन में अफसरों ने घटनास्थल के साथ ही बिजलीघर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। ईई उमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि दो कंपनियों की ओर से आई शिकायतों को दूर करने के लिए शटडाउन लेकर काम किया जा रहा था।
विज्ञापन
इस दौरान ही वीरपाल की करंट लगने से मौत हो गई थी। कहा कि शटडाउन वापस नहीं लिया गया था, बल्कि किसी कंपनी के जेनरेटर से बैक करंट आने की वजह से हादसा हुआ। किन परिस्थितियों में घटना हुई और लाइनमैन की लापरवाही कहां तक है, यह जांच का विषय है। सोमवार को वह एसई को रिपोर्ट देंगे। इसके आधार पर ही एसई जांच को कमेटी गठित करेंगे।
मृतक के परिजनों को आठ लाख का आर्थिक सहयोग
किच्छा। करंट से हुई वीरपाल की मौत से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने विधायक राजेश शुक्ला का उनके आवास पर घेराव किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए न्याय की गुहार लगाई। विधायक शुक्ला ने विद्युत विभाग के अफसरों को तलब कर फटकार लगाई। चेताया कि भविष्य में ऐसी दुर्घटना नहीं होनी चाहिए।
विधायक शुक्ला ने बताया कि मृतक वीरपाल के परिजनों को विभाग और आपसी सहयोग से आठ लाख रुपये का आर्थिक सहयोग कराया गया है। वहां पर विद्युत विभाग ईई उमाकांत चतुर्वेदी, जेई आशीष काला, प्रगट सिंह, राकेश गुप्ता, सोनपाल, सदानंद गायन, ओमप्रकाश, अनिल, जगदीश, मोहनलाल, जितेंद्र कुमार, छोटेलाल, महिपाल, धर्मवीर, मोनू, देवेंद्र कुमार, पूरनलाल, रवि विश्वास, रवि विश्वास, रामस्वरूप, रोहित, जगन्नाथ, रुबीना हाजरा आदि थे।
विज्ञापन
उन्होंने मामले की रिपोर्ट सोमवार को एसई को सौंपेंगे। इसके बाद ही एसई के निर्देश पर जांच कमेटी गठित होगी।
बता दें कि शनिवार को झकझोरा फार्म मोड पर औद्योगिक आस्थान को जाने वाली विद्युत लाइन में फाल्ट की शिकायत पर लाइनमैन तुलाराम ने एसडीओ की अनुमति से शटडाउन लिया था। इसके बाद वीरपाल पुत्र गंगाराम निवासी बंगाली कॉलोनी पुलभट्टा 11 हजार केवीए के पोल पर लाइन ठीक करने के लिए चढ़ा था।
विज्ञापन
इसी बीच अचानक लाइन में करंट दौड़ने से वह झुलसकर जमीन पर गिर गया और जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इधर, शटडाउन लेने के बाद लाइन में करंट दौड़ने से विभाग में खलबली मच गई। आनन-फानन में अफसरों ने घटनास्थल के साथ ही बिजलीघर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। ईई उमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि दो कंपनियों की ओर से आई शिकायतों को दूर करने के लिए शटडाउन लेकर काम किया जा रहा था।
विज्ञापन
इस दौरान ही वीरपाल की करंट लगने से मौत हो गई थी। कहा कि शटडाउन वापस नहीं लिया गया था, बल्कि किसी कंपनी के जेनरेटर से बैक करंट आने की वजह से हादसा हुआ। किन परिस्थितियों में घटना हुई और लाइनमैन की लापरवाही कहां तक है, यह जांच का विषय है। सोमवार को वह एसई को रिपोर्ट देंगे। इसके आधार पर ही एसई जांच को कमेटी गठित करेंगे।
मृतक के परिजनों को आठ लाख का आर्थिक सहयोग
किच्छा। करंट से हुई वीरपाल की मौत से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने विधायक राजेश शुक्ला का उनके आवास पर घेराव किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए न्याय की गुहार लगाई। विधायक शुक्ला ने विद्युत विभाग के अफसरों को तलब कर फटकार लगाई। चेताया कि भविष्य में ऐसी दुर्घटना नहीं होनी चाहिए।
विधायक शुक्ला ने बताया कि मृतक वीरपाल के परिजनों को विभाग और आपसी सहयोग से आठ लाख रुपये का आर्थिक सहयोग कराया गया है। वहां पर विद्युत विभाग ईई उमाकांत चतुर्वेदी, जेई आशीष काला, प्रगट सिंह, राकेश गुप्ता, सोनपाल, सदानंद गायन, ओमप्रकाश, अनिल, जगदीश, मोहनलाल, जितेंद्र कुमार, छोटेलाल, महिपाल, धर्मवीर, मोनू, देवेंद्र कुमार, पूरनलाल, रवि विश्वास, रवि विश्वास, रामस्वरूप, रोहित, जगन्नाथ, रुबीना हाजरा आदि थे।