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पंजीकृत वाहनों के ट्रांसफर में भेदभाव पर नाराजगी
Updated Mon, 29 Jan 2018 12:18 AM IST
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शांतिपुरी। वन विकास निगम और तराई पूर्वी वन प्रभाग केे अधिकारियों की ओर से लालकुआं शांतिपुरी इमली घाट गेट में पंजीकृत लालकुआं, बिंदुखत्ता क्षेत्र के वाहनों का ट्रांसफर गुपचुप ढंग से लालकुआं गौला गेट और दूसरे गेटों पर करने का विरोध शुरू हो गया है।
शांतिपुरी के वाहन स्वामियों एवं जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध जताते हुए नैनीताल डीएम को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि शांतिपुरी इमलीघाट गेट से लालकुआं और दूसरे उपखनिज गेटों में वाहनों के पंजीकरण ट्रांसफर करने की स्थिति में पूर्व करार के मुताबिक उनके वाहनों को भी बराबर का हक मिलना चाहिए।
बता दें कुछ साल पहले गेट में मात्र 282 वाहनों का पंजीकरण था। तब डीएम नैनीताल और ऊधम सिंह नगर की मध्यस्थता में तय किया गया था कि गेट पर वाहनों की पंजीकरण संख्या को बढ़ाकर 500 तक किया जाए। एसडीएम की अध्यक्षता में खनन विभाग, प्रभागीय परिवहन अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी समेत वन विकास प्रबंधक और स्थानीय वाहन स्वामियों की उपस्थिति में लाटरी सिस्टम से बिंदुखत्ता व शांतिपुरी के वाहनों को बराबर 50-50 कर बढ़ाया गया था।
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वाहन स्वामियों ने मांग की है कि उक्त गेट से वाहनों के ट्रांसफर में पारदर्शी नीति अपनाई जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान सरस्वती देउपा, प्रधान गीता थापा, प्रधान दीपा कोरंगा, विनोद कोरंगा, नारायण सिंह कोरंगा, पूर्व दुग्ध संघ निदेशक नेत्र सिंह देउपा, टीका सिंह नेगी, चंदन कोरंगा, प्रदीप पंत, मोहन सिंह नंदन देउपा, जीवन पाठक, दिवान थापा, राजेंद्र कोरंगा आदि थे।
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शांतिपुरी के वाहन स्वामियों एवं जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध जताते हुए नैनीताल डीएम को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि शांतिपुरी इमलीघाट गेट से लालकुआं और दूसरे उपखनिज गेटों में वाहनों के पंजीकरण ट्रांसफर करने की स्थिति में पूर्व करार के मुताबिक उनके वाहनों को भी बराबर का हक मिलना चाहिए।
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बता दें कुछ साल पहले गेट में मात्र 282 वाहनों का पंजीकरण था। तब डीएम नैनीताल और ऊधम सिंह नगर की मध्यस्थता में तय किया गया था कि गेट पर वाहनों की पंजीकरण संख्या को बढ़ाकर 500 तक किया जाए। एसडीएम की अध्यक्षता में खनन विभाग, प्रभागीय परिवहन अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी समेत वन विकास प्रबंधक और स्थानीय वाहन स्वामियों की उपस्थिति में लाटरी सिस्टम से बिंदुखत्ता व शांतिपुरी के वाहनों को बराबर 50-50 कर बढ़ाया गया था।
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वाहन स्वामियों ने मांग की है कि उक्त गेट से वाहनों के ट्रांसफर में पारदर्शी नीति अपनाई जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान सरस्वती देउपा, प्रधान गीता थापा, प्रधान दीपा कोरंगा, विनोद कोरंगा, नारायण सिंह कोरंगा, पूर्व दुग्ध संघ निदेशक नेत्र सिंह देउपा, टीका सिंह नेगी, चंदन कोरंगा, प्रदीप पंत, मोहन सिंह नंदन देउपा, जीवन पाठक, दिवान थापा, राजेंद्र कोरंगा आदि थे।