Rudrapur: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 53 लाख ठगे, दो आरोपी गिरफ्तार; कम समय में अधिक मुनाफे का देते थे झांसा
एसटीएफ की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर जसपुर के एक व्यक्ति से 53 लाख रुपये ठगने के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों से ठगी में इस्तेमाल तीन मोबाइल, नौ डेबिट कार्ड के साथ एक-एक श्रम और पैन कार्ड बरामद हुए हैं।
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स्पेशल टाक्स फोर्स (एसटीएफ) की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर जसपुर के एक व्यक्ति से 53 लाख रुपये ठगने के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों से ठगी में इस्तेमाल तीन मोबाइल, नौ डेबिट कार्ड के साथ एक-एक श्रम और पैन कार्ड बरामद हुए हैं।
अगस्त में जसपुर निवासी व्यक्ति ने साइबर थाने में अज्ञात पर ठगी का केस दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना था कि उसने जून 2024 में फेसबुक पर ऑनलाइन ट्रेडिंग बिजनेस का विज्ञापन देखा। इसमें दिए लिंक पर क्लिक किया तो उसे पहले व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए कहा गया।
इसके बाद एक लिंक के जरिये उन्हें गोल्डमैन सचस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम के ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में पहले से जुड़े लोगों ने निवेश से होने वाले लाभ के स्क्रीनशॉट साझा करने के साथ ही ऑनलाइन शेयरों के क्रय-विक्रय की बात कही थी। निवेश करने पर कम समय में अधिक मुनाफे के झांसे में आकर उसने ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए ठगों के विभिन्न बैंक खातों में करीब 53 लाख रुपये जमा करा दिए।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह के निर्देश पर साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार ने विवेचना की। टीम ने घटना में प्रयुक्त बैंक खातों, मोबाइल नंबरों के बारे में छानबीन की। पता चला कि ठगों ने पीड़ित से अन्य व्यक्तियों के खातों का प्रयोग कर धोखाधड़ी की राशि हासिल की। इसके बाद टीम ने ठगों की पहचान गुरप्रीत सिंह निवासी द्वारिका इन्क्लेव ग्राम छत्तरपुर पंतनगर और प्रेमशंकर निवासी ग्राम खितौसा थाना भोजीपुरा जनपद बरेली के रूप में की। रविवार को टीम ने मटकोटा रुद्रपुर से दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
टीम की पड़ताल में अभियुक्तों के मोबाइल फोन में कई ईमेल खाते, बैंक खाते, फर्जी फर्म/कंपनियों के नाम, फोटो व दस्तावेज आदि बरामद हुए हैं। अभियुक्तों के व्हाट्सअप से अन्य साइबर अपराधियों से संपर्क में होने के साक्ष्य मिले हैं। - नवनीत सिंह, एसटीएफ, एसएसपी
विदेशी साइबर अपराधियों के संपर्क में था गुरप्रीत
साइबर पुलिस ने बताया कि दोनों अभियुक्त बेहद शातिर हैं। उनको चिह्नित करने पर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई लेकिन हर बार दोनों फरार हो जाते थे। जानकारी में आया कि गुरप्रीत सिंह भारत से बाहर विदेशी साइबर अपराधियों के लगातार संपर्क में रहा है। वह पूर्व में दुबई की भी यात्रा कर चुका है। इस संबंध में भी गहनता से जांच हो रही है।
फर्जी डैशबोर्ड में प्रदर्शित होता था मुनाफा
झांसे में आकर जब लोग निवेश कर देते हैं तो ठगों के बनाए गए फर्जी खातों/डैशबोर्ड पर उन्हें मुनाफे के साथ रकम दिखाई देती थी। कभी-कभी ठग उनके खाते में छोटी राशि भेज देते थे, जिससे पीड़ित को अपने साथ हो रही धोखाधड़ी का अंदेशा नहीं हो पाता था।
फर्जी फर्म बनाकर चालू खाते खोले थे
साइबर पुलिस ने बताया कि अभियुक्त ठगी के लिए अन्य लोगों के चालू खाते खुलवाते थे। इसके बाद खुद इंटरनेट बैंकिंग एक्टिव कराकर इंटरनेट किट प्राप्त कर लॉगइन आईडी बनाते थे। इसके बाद कमीशन बेस्ड खातों का प्रयोग कर अपराध को अंजाम देते थे। अपराधी खातों की विड्रॉल लिमिट की भी जानकारी रखते थे। अधिक लिमिट वाले खाते प्राथमिकता में रखते थे। अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने कई लोगों के नाम से फर्जी फर्म बनाकर चालू बैंक खाते खोले हैं। इन खातों का एक्सेस वे खुद कर रहे थे।
देशभर में 10 शिकायतें दर्ज
साइबर पुलिस ने बताया कि अभियुक्त जिन खातों का इस्तेमाल ठगी में कर रहे थे, उन खातों के खिलाफ देशभर में 10 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें यूपी में दो, उत्तराखंड में दो, कर्नाटक में दो, महाराष्ट्र, पंजाब, आंध्र प्रदेश, दिल्ली में एक-एक शिकायत दर्ज हैं। साइबर पुलिस ने संबंधित प्रदेशों को अभियुक्तों की गिरफ्तारी की सूचना दे दी है। टीम में एसएचओ अरुण कुमार, एसआई दिनेश कुमार पंत, सत्येन्द्र गंगोला, मनोज कुमार, जितेन्द्र कुमार, दीपक सती, बलजिंदर कौर शामिल रहे।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों, धनराशि दोगुना करने के प्रलोभन में न आएं। अनजान व्यक्ति के संपर्क में आकर निवेश न करें। अपरिचित कॉलर की सत्यता की बिना जांच किए किसी भी प्रकार की सूचना या दस्तावेज उनको न दें। गूगल पर किसी भी कस्टमर केयर नंबर को सर्च न करें। वित्तीय साइबर अपराध घटित होने पर तुरंत 1930 नंबर पर संपर्क करें।