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आंगनबाड़ी केंद्रों में पुष्टाहार भेजने वाली संस्था का भुगतान रोकने के आदेश
Updated Tue, 10 Jul 2018 12:29 AM IST
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दिनेशपुर में जगदीशपुर के आंगनबाड़ी केंद्र से बांटे गए पुष्टाहार के रैपर में बीफ और पोर्क निर्मित खाद्यान्न लगा लेबल छपा होने के मामले में सोमवार को मुख्य बाल विकास अधिकारी ने विभागीय कर्मियों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर संबधित लोगों के बयान दर्ज किए। उन्होंने कहा कि पुष्टाहार आपूर्ति करने वाली संस्था पर लगाए आरोप जांच रिपोर्ट में सही पाए गए हैं। उन्होंने क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को पुष्टाहार सप्लाई करने वाली संस्था का भुगतान रोकने के आदेश दिए हैं।
शनिवार को दिनेशपुर के जगदीशपुर गांव की आंगनबाड़ी से बांटे गए पुष्टाहार के रैपर में बीफ और पोर्क निर्मित खाद्यान्न लगा लेबल छपा होने की जानकारी के बाद खलबली मच गई थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने गंभीर लापरवाही मानते हुए विभागीय अधिकारियाें से तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को सीडीपीओ सरोज टम्टा, ब्लॉक प्रभारी बाल विकास विभाग आशा नेगी, क्षेत्रीय सुपरवाइजर सीमा देवी जगदीशपुर केंद्र में पहुंची। उन्होंने केंद्र की संचालिका दयावंती राय, अति कुपोषित बच्चे के पिता सुनील अधिकारी के अलावा ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। साथ ही सभी पुष्टाहार के नमूने भी लिए। प्रथम दृष्टया पूरी तरह से खाद्यान सप्लाई करने वाली संस्था को दोषी पाया गया है। संस्था ने रैपर कहां से प्राप्त किए इसकी विस्तृत जांच होगी। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी संचालिकाओं को संस्था को भुगतान न करने के निर्देश दिए।
शनिवार को दिनेशपुर के जगदीशपुर गांव की आंगनबाड़ी से बांटे गए पुष्टाहार के रैपर में बीफ और पोर्क निर्मित खाद्यान्न लगा लेबल छपा होने की जानकारी के बाद खलबली मच गई थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने गंभीर लापरवाही मानते हुए विभागीय अधिकारियाें से तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को सीडीपीओ सरोज टम्टा, ब्लॉक प्रभारी बाल विकास विभाग आशा नेगी, क्षेत्रीय सुपरवाइजर सीमा देवी जगदीशपुर केंद्र में पहुंची। उन्होंने केंद्र की संचालिका दयावंती राय, अति कुपोषित बच्चे के पिता सुनील अधिकारी के अलावा ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। साथ ही सभी पुष्टाहार के नमूने भी लिए। प्रथम दृष्टया पूरी तरह से खाद्यान सप्लाई करने वाली संस्था को दोषी पाया गया है। संस्था ने रैपर कहां से प्राप्त किए इसकी विस्तृत जांच होगी। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी संचालिकाओं को संस्था को भुगतान न करने के निर्देश दिए।
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