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आईआईएम में दो दिवसीय कोअलसेंस में विकास के मुद्दे पर की चर्चा
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:29 AM IST
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काशीपुर। आईआईएम में दो दिवसीय कोअलसेंस 2017 पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें विघटनकारी समय में विकास के मुद्दे पर चर्चा की गई।
रुद्रपुर मार्ग स्थित आईआईएम संस्थान सभागार में आयोजित सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीनियर वीपी एचआर सुजितेश दास ने किया। निलेश सुरड़कर, उपासना निश्चल ने कहा कि विघटनकारी समय में विकास के मुद्दे को किस तरह मजबूत किया जाए। समय में लगातार हो रहे परिवर्तन की ओर चलते रहने से ही समाधान हो सकता है। छात्र-छात्राओं ने अपनी कई भ्रांतियां का समाधान किया। सम्मेलन में पैनल ने विभिन्न उद्योगों से आए वक्ताओं के साथ भविष्य में भागीदारी, पारदर्शिता, प्रतिक्रियाओं के बारे में चर्चा की। सेमिनार के दूसरे चरण में प्रोफेसर कुणाल गांगुली ने ऑरेंज चेयर विषय पर रोजगार तलाशने का सबसे बेहतर के बारे में जानकारी दी। पैनल में शामिल वक्ता पारिजात मंडल, वेणुगोपाल अकाबेर्डी, निकोथा वर्गीस, भूपेंद्र कौशल ने इस विषय से एक समाधान खोजने का प्रयत्न किया कि ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक माहौल से व्यक्ति क्या चाहता है। जो वह प्राप्त करना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर कोअलसेंस 2017 की वित्त सम्मिट में चर्चा के लिए संचेत मेड, रिलायंस सिक्योरिटीज के आलोक चतुर्वेदी, आईआई जेई कैपिटल के राजीव रंजन बोराह ने छात्रों के साथ अपना अनुभव साझा किया और समझाया कि समय के साथ रणनीति बदलते रहना चाहिए।
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रुद्रपुर मार्ग स्थित आईआईएम संस्थान सभागार में आयोजित सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीनियर वीपी एचआर सुजितेश दास ने किया। निलेश सुरड़कर, उपासना निश्चल ने कहा कि विघटनकारी समय में विकास के मुद्दे को किस तरह मजबूत किया जाए। समय में लगातार हो रहे परिवर्तन की ओर चलते रहने से ही समाधान हो सकता है। छात्र-छात्राओं ने अपनी कई भ्रांतियां का समाधान किया। सम्मेलन में पैनल ने विभिन्न उद्योगों से आए वक्ताओं के साथ भविष्य में भागीदारी, पारदर्शिता, प्रतिक्रियाओं के बारे में चर्चा की। सेमिनार के दूसरे चरण में प्रोफेसर कुणाल गांगुली ने ऑरेंज चेयर विषय पर रोजगार तलाशने का सबसे बेहतर के बारे में जानकारी दी। पैनल में शामिल वक्ता पारिजात मंडल, वेणुगोपाल अकाबेर्डी, निकोथा वर्गीस, भूपेंद्र कौशल ने इस विषय से एक समाधान खोजने का प्रयत्न किया कि ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक माहौल से व्यक्ति क्या चाहता है। जो वह प्राप्त करना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर कोअलसेंस 2017 की वित्त सम्मिट में चर्चा के लिए संचेत मेड, रिलायंस सिक्योरिटीज के आलोक चतुर्वेदी, आईआई जेई कैपिटल के राजीव रंजन बोराह ने छात्रों के साथ अपना अनुभव साझा किया और समझाया कि समय के साथ रणनीति बदलते रहना चाहिए।