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रुद्रपुर नगर निगम के 166 कर्मियों की मांग पर शासन खामोश
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:35 AM IST
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रुद्रपुर। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के जिले का प्रभारी मंत्री होने के बाद भी रुद्रपुर नगर निगम कर्मचारियों और अधिकारियों के टोटे से जूझ रहा है। नगर निगम में 66 पद लंबे समय से रिक्त हैं।
जबकि नए परिसीमन के बाद निगम को अब 166 कर्मचारियों की और आवश्यकता है। लेकिन निगम द्वारा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर शासन ने चुप्पी साध ली है।
निगम में स्टाफ की कमी के कारण तहबाजारी, हाउस टैक्स, टेंडरों के ड्राफ्ट समेत विभिन्न प्रमाण पत्र जारी करने का कार्य प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यों का बोझ बढ़ने से प्रतिदिन विभिन्न कार्यों से नगर निगम कार्यालय पहुंचने वाले कई लोगों को बेरंग लौटना पड़ रहा है। लंबे समय से स्थायी कर्मचारियों के 84 पदों में से 66 रिक्त चल रहे हैं।
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एसएनए, लेखा लिपिक, कर संग्रहकर्ता, सफाई नायक, प्रधान सहायक, वरिष्ठ सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर आदि के कई पद रिक्त हैं। निगम के परिसीमन के बाद शहर की आबादी एक लाख 40 हजार 844 से बढ़कर एक लाख 75 हजार 723 पहुंच गई है। जबकि शहरी क्षेत्र का दायरा 805 हेक्टेयर से बढ़कर 5522 हेक्टेयर हो गया है।
वार्डों की संख्या भी 20 से बढ़कर 40 हो गई है। ऐसे में मानकों के हिसाब से 100 कर्मचारियों की जरूरत और बढ़ गई है।
इस संबंध में एमएनए जयभारत सिंह कहते हैं कि शासन से कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक शासन भर्ती को लेकर किसी प्रकार की सूचना नहीं मिली है। स्टाफ की कमी के कारण काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
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जबकि नए परिसीमन के बाद निगम को अब 166 कर्मचारियों की और आवश्यकता है। लेकिन निगम द्वारा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर शासन ने चुप्पी साध ली है।
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निगम में स्टाफ की कमी के कारण तहबाजारी, हाउस टैक्स, टेंडरों के ड्राफ्ट समेत विभिन्न प्रमाण पत्र जारी करने का कार्य प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यों का बोझ बढ़ने से प्रतिदिन विभिन्न कार्यों से नगर निगम कार्यालय पहुंचने वाले कई लोगों को बेरंग लौटना पड़ रहा है। लंबे समय से स्थायी कर्मचारियों के 84 पदों में से 66 रिक्त चल रहे हैं।
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एसएनए, लेखा लिपिक, कर संग्रहकर्ता, सफाई नायक, प्रधान सहायक, वरिष्ठ सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर आदि के कई पद रिक्त हैं। निगम के परिसीमन के बाद शहर की आबादी एक लाख 40 हजार 844 से बढ़कर एक लाख 75 हजार 723 पहुंच गई है। जबकि शहरी क्षेत्र का दायरा 805 हेक्टेयर से बढ़कर 5522 हेक्टेयर हो गया है।
वार्डों की संख्या भी 20 से बढ़कर 40 हो गई है। ऐसे में मानकों के हिसाब से 100 कर्मचारियों की जरूरत और बढ़ गई है।
इस संबंध में एमएनए जयभारत सिंह कहते हैं कि शासन से कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक शासन भर्ती को लेकर किसी प्रकार की सूचना नहीं मिली है। स्टाफ की कमी के कारण काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।