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खुले में गेहूं भंडारण करने पर रोक

Tue, 15 May 2018 12:36 AM IST
Updated Tue, 15 May 2018 12:36 AM IST
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खुले में गेहूं भंडारण करने पर रोक
रुद्रपुर। जिले में बेमौसमी बारिश से गेहूं के खराब होने की आशंका को देखते हुए क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक ने सभी क्रय एजेंसियों को खुले आसमान के नीचे गेहूं भंडारण पर रोक लगा दी है। उन्होंने अपर जिला सहायक निबंधक सहकारिता को सख्त निर्देश दिए हैं कि क्रय एजेंसियों के गेहूं के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था करें।
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सोमवार रात अचानक बारिश से गल्ला मंडी समेत कुछ स्थानों पर गेहूं के भीगने, चौकीदारों के ड्यूटी पर न होने से गायों द्वारा गेहूं को खाने का समाचार अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं डॉ. ललित मोहन रयाल ने सहायक उप जिला निबंधक और राज्य भंडारण निगम के एमडी मान सिंह सैनी को गेहूं के सुरक्षित भंडारण के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि समितियों की ओर से खरीदे जा रहे गेहूं के भंडारण के लिए यदि गोदामों में स्थान नहीं है तो खुले में रखे गेहूं को कवर्ड किया जाए, ताकि बारिश होने या आवारा जानवरों से बचाया जा सके। क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक ने कहा कि राज्य भंडारण निगम के गोदाम गेहूं के भंडारण के लिए किराये पर लिए जाते हैं।
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सीड प्लांटों के कम रेटों से बढ़ रही सरकारी गेहूं खरीद
रुद्रपुर। बाजार भाव से अधिक समर्थन मूल्य मिलने और सीड प्लांटों के कम गेहूं खरीदने से इस वर्ष सरकारी खरीद बढ़ गई है। जिले में उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के रुद्रपुर, बाजपुर, गदरपुर, काशीपुर, सितारगंज, नानकमत्ता और किच्छा कें गोदाम हैं। इनमें से अधिकतर गोदाम फुल हो चुके हैं।
भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष ठाकुर जगदीश सिंह कहते हैं कि सीड प्लांट वालों ने पिछले वर्ष समर्थन मूल्य कम होने के कारण काफी गेहूं खरीद लिया था। उनका पिछला गेहूं अभी भी बचा हुआ है। कहा कि कई सीड प्लांट वालों ने किसानों को बीज का गेहूं बेचने के बावजूद गेहूं नहीं खरीदा है।


तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजेंद्र सिंह विर्क ने कहा कि सीड प्लांट की मोनोपॉली का किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है। इसकी जिला प्रशासन से शिकायत भी की गई थी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। किसान अमनदीप सिंह कहते हैं कि किसानों को उम्मीद थी कि सीड प्लांटों पर उनका गेहूं अच्छे मूल्यों पर बिकेगा, लेकिन सीड प्लांट में 1650 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक रेट नहीं मिल रहे हैं।
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