जसपुर (ऊधमसिंह नगर)। नादेही चीनी मिल में डेढ़ दशक से अधिक समय से दैनिक वेतनभोगी श्रमिक के रूप में काम कर रहे 16 श्रमिकों को मिल के प्रधान प्रबंधक ने कार्य से हटा दिया। श्रमिकों ने मिल के गेट पर नारेबाजी कर मुख्यमंत्री एवं गन्ना मंत्री से सभी को स्थायी नियुक्ति दिलाए जाने की मांग की।
रविवार को श्रमिकों ने मिल के गेट पर नारेबाजी कर कहा की 270 श्रमिक मिल में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहे थे। वर्ष 2013 तथा वर्ष 2016 मैं दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति दे दी गई। 16 श्रमिक पद रिक्त न होने के कारण नियुक्ति पाने से रह गए थे, मिल प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि पदों के रिक्त होने पर उनको भी नियुक्ति दे दी जाएगी, तब तक वह दैनिक वेतन भोगी श्रमिक के रूप में कार्य करते रहें। श्रमिकों ने कहा कि मिल प्रशासन ने उन्हें 1 अप्रैल 2020 को दैनिक वेतनभोगी कर्मी से हटा दिया है। मिल में काम न मिलने के कारण वह तथा उनके परिवार के सदस्य भुखमरी के कगार पर आ जायेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं गन्ना मंत्री से मिल में नियुक्ति दिलाए जाने की मांग की। मिल के प्रधान प्रबंधक सीएस इमलाल ने बताया कि श्रमिकों को मिल से हटाया नहीं गया है। श्रमिक अब दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्य नहीं करेंगे, बल्कि इन्हें आउटसोर्सिंग के माध्यम से मिल में रखा जाएगा।