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जिला पंचायत के नाम से सात फर्जी लाइसेंस जारी
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:37 AM IST
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रुद्रपुर। नगर निगम पार्किंग शुल्क पर्चियों में धोखाधड़ी के बाद अब जिला पंचायत में भी फर्जी तरीके से व्यावसायिक लाइसेंस जारी करने का मामला सामने आया है। जिला पंचायत की टीम ने जिले भर के देहात क्षेत्र के कारोबारियों के लाइसेंसों की जांच शुरू कर दी है।
जिला पंचायत के वसूली कर्मियों द्वारा लालपुर स्थित एक फर्नीचर की दुकान के साथ ही गदरपुर के कालीनगर स्थित एक मेडिकल स्टोर की जांच में सात फर्जी लाइसेंस मिले हैं। लालपुर की दुकान में वर्ष 2012-13 से 2017-18 तक के छह फर्जी लाइसेंस थे। सात लाइसेंस फर्जी मिलने पर जिला पंचायत ने पंतनगर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कर दी है।
जिले में जालसाजों द्वारा सैकड़ों दुकानदारों को इस तरह के फर्जी लाइसेंस दिये जाने की आशंका है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत ने टीम को लाइसेंसों की जांच में लगा दिया है। इन लाइसेंसों के शुल्क से जिला पंचायत को पिछले वर्ष 62 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। जिला पंचायत ने दुकानदार के पास फर्जी लाइसेंस मिलने पर सीधे मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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जिला पंचायत के नाम पर जारी किए गए सात फर्जी व्यावसायिक लाइसेंस पकड़े गये हैं। देहात क्षेत्र के सभी दुकानदारों के लाइसेंसों की जांच की जा रही है। फर्जी लाइसेंस मिलने पर कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - तेज सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर
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जिला पंचायत के वसूली कर्मियों द्वारा लालपुर स्थित एक फर्नीचर की दुकान के साथ ही गदरपुर के कालीनगर स्थित एक मेडिकल स्टोर की जांच में सात फर्जी लाइसेंस मिले हैं। लालपुर की दुकान में वर्ष 2012-13 से 2017-18 तक के छह फर्जी लाइसेंस थे। सात लाइसेंस फर्जी मिलने पर जिला पंचायत ने पंतनगर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कर दी है।
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जिले में जालसाजों द्वारा सैकड़ों दुकानदारों को इस तरह के फर्जी लाइसेंस दिये जाने की आशंका है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत ने टीम को लाइसेंसों की जांच में लगा दिया है। इन लाइसेंसों के शुल्क से जिला पंचायत को पिछले वर्ष 62 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। जिला पंचायत ने दुकानदार के पास फर्जी लाइसेंस मिलने पर सीधे मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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जिला पंचायत के नाम पर जारी किए गए सात फर्जी व्यावसायिक लाइसेंस पकड़े गये हैं। देहात क्षेत्र के सभी दुकानदारों के लाइसेंसों की जांच की जा रही है। फर्जी लाइसेंस मिलने पर कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - तेज सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर