{"_id":"5a0ddd074f1c1bb6678bc25d","slug":"15-lakhs-have-been-deposited-as-soon-as-the-cases-were-registered","type":"story","status":"publish","title_hn":" केस दर्ज होते ही जमा हो गए 15 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केस दर्ज होते ही जमा हो गए 15 लाख
अमर उजाला ब्यूरो बाजपुर।
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील में खसरा खतौनी का शुल्क सरकारी खजाने में जमा न करने पर संविदा पर तैनात महिला सहित दो कर्मचारियों को हटा दिया गया है, पूर्व में तैनात रहे प्रभारी तहसीलदार, दो रजिस्ट्रार कानूनगो समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। केस दर्ज होते ही चार साल का शुल्क 15 लाख 11 हजार 506 रुपये सरकारी खजाने में जमा हो गया। इधर, तहसील में पूर्व में तैनात रहे राजस्व कर्मचारियों के साथ वर्तमान तहसीलदार केपी सिंह की बृहस्पतिवार को बंद कमरे में बातचीत की खूब चर्चा रही।
विज्ञापन
एसडीएम पीएस राणा की ओर से की गई प्रारंभिक जांच पड़ताल में सामने आया कि बाजपुर तहसील के खसरा खतौनी जारी करने पर मिलने वाले शुल्क को वर्ष 2014 से 31 मार्च 2017 तक कुल धनराशि 15 लाख 11 हजार 506 रुपये सरकारी खजाने में जमा नहीं किया गया। इस पर एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार केपी सिंह ने 14 नवंबर को कोतवाली में तहरीर देकर तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार, दो रजिस्ट्रार कानूनगो, कंप्यूटर डाटा एंट्री आपरेटर ज्योति भारती और महेश चंद भट्ट पर सरकारी धन का गबन करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। मामले की विवेचना बरहैनी पुलिस चौकी इंचार्ज गणेश पांडे को सौंपी गई है।
विज्ञापन
इधर, तहसीलदार केपी सिंह ने बताया कि रजिस्ट्रार कानूनगो यूसुफ अली की ओर से 2014 से अगस्त 2017 तक कंप्यूटर खतौनी से होने वाली आय की कुल 15 लाख 11 हजार 506 रुपये 16 नवंबर को तहसील के सरकारी बैंक खाते में जमा कर दिए गए हैं। अब कोई धनराशि अवशेष नहीं है।
विज्ञापन
जांच में फंस सकते हैं और भी
चार साल से गबन में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। अगर गहन जांच होगी तो कई अन्य अफसर-कर्मचारी भी फंस सकते हैं। बता दें कि वर्ष 2014 में प्रभारी तहसीलदार के रुप में सुदेश कुमार, 2016 में मदन सिंह बिष्ट, 16 नंवबर 2016 से वर्तमान तहसीलदार कृष्ण पाल सिंह और रजिस्ट्रार कानूनगो के रूप में पंकज कुमार, वसी मोहम्मद खान और डाटा एंट्री आपरेटर पद पर ज्योति भारती, महेश भट्ट तैनात रहे हैं।
कराई जाएगी विभागीय जांच
एसडीएम पीएस राणा ने बताया कि मामले की विभागीय जांच कराने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। गबन हुई धनराशि बृहस्पतिवार को जमा कराने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। तत्काल प्रभाव से डाटा एंट्री आपरेटरों को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर गदरपुर के कर्मचारी हैदर अली को अटैच किया गया है। जल्द ही नई नियुक्ति संविदा के आधार पर होगी।