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ब्लड बैंक में गहराया रक्त का संकट
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काशीपुर में रक्तदान शिविर कम होने के चलते रक्तकोष में रक्त का संकट गहरा गया है। जिसके चलते अस्पताल में आने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल स्थित रक्तकोष में प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, पीआरबीसी, होल ब्लड करीब 1000 यूनिट रक्त रखने की क्षमता है। लेकिन नियमित रक्तदान शिविर न लगने और भीषण गर्मी के चलते रक्त कोष में महज विभिन्न ग्रुप का 39 यूनिट रक्त शेष बचा है। जबकि काशीपुर, बाजपुर, जसपुर, ठाकुरद्वारा, गदरपुर, केलाखेड़ा से थैलीसिमिया के करीब पचास बच्चों को आठ ग्राम से रक्त कम होने पर नियमित रूप से रक्त चढ़ता है। रक्त कोष से इन बच्चों को निशुल्क रक्त मुहैया कराया जाता है। इन बच्चों को नगर के पांच व्यक्ति पिछले कई वर्षों से रक्तदान कर रहे हैं। बीती 28 अप्रैल को रक्तदान शिविर लगा था। इसके बाद कोई रक्तदान शिविर नहीं लगा है। जिसके चलते रक्तकोष में रक्त का संकट गहरा गया है। ब्लड बैंक तकनीशियन जोगा सिंह ने बताया कि 28 अप्रैल को शिविर लगा था। इसके बाद कोई शिविर नहीं लगा है। बुधवार को एक रक्तदान शिविर लग रहा है। इससे कुछ दिन काम चल सकता है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं, महाविद्यालय व अन्य लोगों से रक्तदान शिविर लगाने की अपील की है।
दरअसल एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल स्थित रक्तकोष में प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, पीआरबीसी, होल ब्लड करीब 1000 यूनिट रक्त रखने की क्षमता है। लेकिन नियमित रक्तदान शिविर न लगने और भीषण गर्मी के चलते रक्त कोष में महज विभिन्न ग्रुप का 39 यूनिट रक्त शेष बचा है। जबकि काशीपुर, बाजपुर, जसपुर, ठाकुरद्वारा, गदरपुर, केलाखेड़ा से थैलीसिमिया के करीब पचास बच्चों को आठ ग्राम से रक्त कम होने पर नियमित रूप से रक्त चढ़ता है। रक्त कोष से इन बच्चों को निशुल्क रक्त मुहैया कराया जाता है। इन बच्चों को नगर के पांच व्यक्ति पिछले कई वर्षों से रक्तदान कर रहे हैं। बीती 28 अप्रैल को रक्तदान शिविर लगा था। इसके बाद कोई रक्तदान शिविर नहीं लगा है। जिसके चलते रक्तकोष में रक्त का संकट गहरा गया है। ब्लड बैंक तकनीशियन जोगा सिंह ने बताया कि 28 अप्रैल को शिविर लगा था। इसके बाद कोई शिविर नहीं लगा है। बुधवार को एक रक्तदान शिविर लग रहा है। इससे कुछ दिन काम चल सकता है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं, महाविद्यालय व अन्य लोगों से रक्तदान शिविर लगाने की अपील की है।
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