{"_id":"59612f414f1c1bd0778b46c5","slug":"121499541313-udham-singh-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शोपिस बनकर रह गया गदरपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शोपिस बनकर रह गया गदरपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गदरपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सकों के अभाव में सफेद हाथी साबित हो रहा है। आपातकालीन व्यवस्था को देख रहे वार्डबॉय की ड्यूटी आपदा में लगने से अस्पताल में मरीजों को देखने की स्थिति काफी खराब होती नजर आ रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानक के अनुरूप चार चिकित्सक होने चाहिए, लेकिन अस्पताल में दो ही चिकित्सक हैं। चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर कई बार क्षेत्रीय लोगों, विभिन्न संगठनों ने आंदोलन किया। बावजूद इसके अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो सकी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश अरोरा और भेषज्ञ (फार्मेसिस्ट) विकास गबाड़ी स्थानांतरण के आदेश आने के बाद अवकाश पर चले गए है। कई संगठनों की ओर से उनके स्थानांतरण को रोकने की मांग की जा रही है। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब अस्पताल में तैनात चार वार्डबॉय राजू, जरनैल सिंह, संजय, दीपक की आपदा प्रबंधन में ड्यूटी लगा दी गई है। इससे आने वाले दिनों में मरीजाें को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश चंद्र गुप्ता ने कहा कि उनके द्वारा कुछ दिनों पूर्व ही कार्यभार ग्रहण किया है और उन्हें व्यवस्था की जानकारी तक नहीं है। वार्डबॉय के ड्यूटी पर चले जाने से एक बार मरीजों को परेशानी तो होगी। धीरे-धीरे व्यवस्था कर ली जाएगी।
गदरपुर सीएचसी में चिकित्सकों की कमी
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानक के अनुरूप चार चिकित्सक होने चाहिए, लेकिन अस्पताल में दो ही चिकित्सक हैं। चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर कई बार क्षेत्रीय लोगों, विभिन्न संगठनों ने आंदोलन किया। बावजूद इसके अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो सकी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश अरोरा और भेषज्ञ (फार्मेसिस्ट) विकास गबाड़ी स्थानांतरण के आदेश आने के बाद अवकाश पर चले गए है। कई संगठनों की ओर से उनके स्थानांतरण को रोकने की मांग की जा रही है। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब अस्पताल में तैनात चार वार्डबॉय राजू, जरनैल सिंह, संजय, दीपक की आपदा प्रबंधन में ड्यूटी लगा दी गई है। इससे आने वाले दिनों में मरीजाें को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश चंद्र गुप्ता ने कहा कि उनके द्वारा कुछ दिनों पूर्व ही कार्यभार ग्रहण किया है और उन्हें व्यवस्था की जानकारी तक नहीं है। वार्डबॉय के ड्यूटी पर चले जाने से एक बार मरीजों को परेशानी तो होगी। धीरे-धीरे व्यवस्था कर ली जाएगी।
विज्ञापन
गदरपुर सीएचसी में चिकित्सकों की कमी