{"_id":"5a78ab3c4f1c1bcb268b8673","slug":"101517857596-udham-singh-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपदा से निपटने के तरीके बताए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदा से निपटने के तरीके बताए
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। आपदा न्यूनीकरण के लिए आईआरएस (इंसीडेंट रेस्पोंस सिस्टम) की दो दिवसीय कार्यशाला डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में शुरू हो गई।
सोमवार को सहायक रेंसपोसिबल ऑफीसर/सीडीओ आलोक कुमार पांडेय ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर तरीके से समय पर उपयोग करके आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपदा और मॉक ड्रिल के समय पर आईआरएस में दिए गए दायित्वों के आधार पर ही कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
प्लानिंग सैक्शन चीफ/अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह ने कहा कि आईआरएस यूनीफार्म सिस्टम है। इसमें आपदा के प्रभावों को कम करने और त्वरित गति से राहत, बचाव कार्यों को अंजाम देने के लिए पहले से ही दायित्व निर्धारित किए गए है। इससे अधिकारी बिना किसी आदेश का इंतजार किए ही अपने कार्यों का निष्पादन त्वरित गति से कर सकते हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कंसलटेंट बीबी गणनायक ने आईआरएस के अंतर्गत बने ऑपरेशन, प्लानिंग सैक्शन, लॉजिस्टिक और फाइनेंस आदि की विभिन्न उप शाखाओं द्वारा 001 से लेकर 010 तक भरे जाने वाले विभिन्न फार्मों को भरने की जानकारी दी। इस दौरान आपदा के समय धरातल पर आने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं पर चर्चा की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को सहायक रेंसपोसिबल ऑफीसर/सीडीओ आलोक कुमार पांडेय ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर तरीके से समय पर उपयोग करके आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपदा और मॉक ड्रिल के समय पर आईआरएस में दिए गए दायित्वों के आधार पर ही कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
प्लानिंग सैक्शन चीफ/अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह ने कहा कि आईआरएस यूनीफार्म सिस्टम है। इसमें आपदा के प्रभावों को कम करने और त्वरित गति से राहत, बचाव कार्यों को अंजाम देने के लिए पहले से ही दायित्व निर्धारित किए गए है। इससे अधिकारी बिना किसी आदेश का इंतजार किए ही अपने कार्यों का निष्पादन त्वरित गति से कर सकते हैं।
विज्ञापन
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कंसलटेंट बीबी गणनायक ने आईआरएस के अंतर्गत बने ऑपरेशन, प्लानिंग सैक्शन, लॉजिस्टिक और फाइनेंस आदि की विभिन्न उप शाखाओं द्वारा 001 से लेकर 010 तक भरे जाने वाले विभिन्न फार्मों को भरने की जानकारी दी। इस दौरान आपदा के समय धरातल पर आने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं पर चर्चा की गई।
विज्ञापन