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चौथे दिन भी जमीन पर बैठकर उपचार करते प्रभारी चिकित्साधिकारी
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:14 AM IST
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जसपुर। विभागीय आदेशों का जिला स्तर पर अनुपालन कराए जाने की मांग को लेकर चिकित्साधिकारी ने चौथे दिन भी जमीन पर बैठकर मरीजों का उपचार किया। उधर चार दिन बीतने के बाद भी कोई भी अधिकारी जांच के लिए नहीं पहुंचा।
प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. देवेश चौहान का स्थानांतरण 15 जून को धारचूला पिथौरागढ़ और उसके बाद इसे संशोधित कर चकराता देहरादून कर दिया गया था। इसी बीच वह अवकाश पर चले गए। बेतालघाट नैनीताल से स्थानांतरण होकर आए डॉ एसके शर्मा ने प्रभारी चिकित्साधिकारी का चार्ज ले लिया। 22 सितंबर को मुख्य चिकित्साधिकारी ने डॉ. देवेश चौहान को प्रतिस्थानी के आने तक कार्यमुक्त न होने के आदेश दिए थे।
इस पर डॉ. देवेश चौहान ने फिर से प्रभारी चिकित्साधीक्षक का चार्ज ले लिया था। पांच दिसंबर को जिला स्तर से शासनादेशों का अनुपालन कराए जाने की मांग को लेकर डॉ. एसके शर्मा जमीन पर बैठकर मरीजों का उपचार करने लगे। तभी से वह जमीन पर बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
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स्वास्थ्य महानिदेशक अर्चना श्रीवास्तव ने इस मामले की जांच स्वास्थ्य निदेशक आरके पांडे, तथा सीएमओ एसके शाह को सौंपी थी। किन्तु 4 दिन बीतने के बाद भी कोई अधिकारी इस मामले की जांच करने नहीं पहुंचा।
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प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. देवेश चौहान का स्थानांतरण 15 जून को धारचूला पिथौरागढ़ और उसके बाद इसे संशोधित कर चकराता देहरादून कर दिया गया था। इसी बीच वह अवकाश पर चले गए। बेतालघाट नैनीताल से स्थानांतरण होकर आए डॉ एसके शर्मा ने प्रभारी चिकित्साधिकारी का चार्ज ले लिया। 22 सितंबर को मुख्य चिकित्साधिकारी ने डॉ. देवेश चौहान को प्रतिस्थानी के आने तक कार्यमुक्त न होने के आदेश दिए थे।
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इस पर डॉ. देवेश चौहान ने फिर से प्रभारी चिकित्साधीक्षक का चार्ज ले लिया था। पांच दिसंबर को जिला स्तर से शासनादेशों का अनुपालन कराए जाने की मांग को लेकर डॉ. एसके शर्मा जमीन पर बैठकर मरीजों का उपचार करने लगे। तभी से वह जमीन पर बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
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स्वास्थ्य महानिदेशक अर्चना श्रीवास्तव ने इस मामले की जांच स्वास्थ्य निदेशक आरके पांडे, तथा सीएमओ एसके शाह को सौंपी थी। किन्तु 4 दिन बीतने के बाद भी कोई अधिकारी इस मामले की जांच करने नहीं पहुंचा।