गंगा सफाई में केंद्र का भरपूर साथ दे रहा उत्तराखंड
- -केंद्र से प्रदेश में अधिक एसटीपी लगाने की जताई इच्छा
- -सियासी रिश्तों में तल्खी के बावजूद पीएम मोदी की पहल को परवान चढ़ा रहे रावत
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत का भाजपा से बेशक सियासत में छत्तीस का आंकड़ा हो मगर वह पीएम मोदी के स्वप्निल नमामि गंगे अभियान को परवान चढ़ाने में केंद्र का भरपूर साथ दे रहे हैं। रावत सरकार ने केंद्र से प्रदेश में अधिक एसटीपी लगाने की इच्छा जताई है।
गंगा को स्वच्छ बनाने के मामले में रावत के दोस्ताना हाथों को केंद्र भी मजबूती से थामे हुए है। उत्तराखंड में गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के प्रयासों के लिए केंद्र सरकार का जल संसाधन मंत्रालय रावत की हर संभव मदद कर रहा है।
मंत्रालय ने गंगा में सीवेज का गंदा पानी नहीं जाने के लिए उत्तराखंड के अलग-अलग 13 शहरों में एक और आधा एमएलडी के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने का निर्णय लिया है।
गंगा सफाई में केंद्र से भी आगे निकले रावत
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्रदेश सरकार ने तो और एसटीपी लगाने की इच्छा जताई थी। मगर भौगोलिक स्थिति के वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में ज्यादा एसटीपी लगने की संभावना नहीं है। इसलिए सरकार ने हरिद्वार स्थित मौजूदा एसटीपी की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है।
जल संसाधन सचिव शशि शेखर के अनुसार हरिद्वार में वर्तमान 45 एमएलडी की क्षमता वाले एसटीपी का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा हरिद्वार में ही 90 एमएलडी क्षमता का एक नया एसटीपी भी लगाया जाएगा। इसका कार्य जल्द शुरू होगा।
प्रदेश में गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण और शवदाह गृहों के आधुनिकीकरण के काम का भी टेंडर जारी हो चुका है। जल्द ही ये कार्य भी शुरू होने वाले हैं। केंद्रीय जल संसाधन सचिव ने उम्मीद जताई है कि गंगा स्वच्छता को लेकर किए गए उनके प्रयास जल्द ही रंग लाने लगेंगे।